डिवीजनल कमिश्नर ने मुख्य सचिव को लिखा पत्र:खेमका को पहले जांच में शामिल होने के लिए कहें, निर्दोष निकलें तभी करें ऐसा दावा: वर्मा

चंडीगढ़10 दिन पहले
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सीनियर आईएएस अशोक खेमका की ओर से भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म करने के लिए सरकार से विजिलेंस हेड बनाने की पेशकश के मामले में रोहतक डिविजनल कमिश्नर संजीव वर्मा भी कूद गए हैं। वर्मा और खेमका पिछले साल एक-दूसरे के खिलाफ पंचकूला पुलिस थाने में एफआईआर भी दर्ज करा चुके हैं। अब संजीव वर्मा ने खेमका की चिट्ठी पर मुख्य सचिव संजीव कौशल को पत्र भेज दिया है, जिसमें लिखा-हैरानी की बात है कि जब वह (अशोक खेमका) पंचकूला में दर्ज एफआईआर की जांच से भाग रहे हैं तो भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म करने का दावा कैसे कर सकते हैं।

इसलिए उनसे कहा जा सकता है कि सबसे पहले उन्हें जांच में शामिल होना चाहिए। यदि वे निर्दोष साबित होते हैं, तभी ऐसा दावा करें। वर्मा ने लिखा कि हरियाणा राज्य भंडारण निगम के एमडी रहते मैंने पिछले साल 26 अप्रैल को एक एफआईआर दर्ज कराई थी। जिसमें भ्रष्टाचार की धारा भी है। यह एफआईआर भंडारण निगम में अशोक खेमका की पोस्टिंग के वक्त अवैध नियुक्तियों के संबंध में दर्ज है।

खेमका ने उक्त एफआईआर को रद्द करने के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन उन्हें कोई राहत नहीं मिली लेकिन फिर भी वे इस मामले में जांच का सामना नहीं कर रहे हैं। उन्होंने लिखा कि खेमका से कहा जाए कि पहले वे जांच में शामिल हो और यदि वे पाक साफ निकलते हैं तभी विजिलेंस हेड बनने की पेशकश कर सकते हैं।

वर्मा ने पत्र की कॉपी डीजीपी और स्टेट विजिलेंस ब्यूरो को भेजी
वर्मा ने पत्र की कॉपी डीजीपी और स्टेट विजिलेंस ब्यूरो को भी भेजी है। बता दें कि वर्मा के खिलाफ दर्ज एफआईआर में भी पुलिस भ्रष्टाचार की धारा जोड़ चुकी है। जिसके बाद उन्होंने मुख्य सचिव को पूरे मामले की सीबीआई जांच के लिए भी खत लिखा था।

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