कानून है, पर कार्रवाई नहीं:दिवाली पर पटाखे फोड़ने पर बैन पिछले साल से, लेकिन अभी तक सिर्फ 5 लोगों पर ही लगा है जुर्माना

चंडीगढ़24 दिन पहले
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पिछले साल भी खूब चले थे पटाखे लेकिन केस दर्ज हुए थे महज 11, इस साल 24 केस दर्ज हुए। -फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
पिछले साल भी खूब चले थे पटाखे लेकिन केस दर्ज हुए थे महज 11, इस साल 24 केस दर्ज हुए। -फाइल फोटो

प्रशासन ने इस बार भी दिवाली पर पटाखे चलाने पर बैन लगाया था। ये ऑर्डर पिछले साल भी जारी हुए थे। न तो किसी ने पिछले साल इन आदेशों की परवाह की, न इस बार। इस साल भी दिवाली की रात धड़ल्ले से पटाखे चलाए गए और पुलिस ने भी कोई सख्ती नहीं दिखाई। इस साल पटाखे चलाने पर महज 24 एफआईआर दर्ज हुई जबकि पिछले साल तो 11 केस ही दर्ज हुए थे। इन 11 केस में भी पुलिस ज्यादातर आरोपियों को सजा नहीं दिला सकी।

पटाखे चलाने पर पुलिस ने आईपीसी की धारा-188 और डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट की धारा-51ए व 51बी के तहत केस दर्ज किए थे। आईपीसी-188 में तो जुर्माने का प्रावधान है लेकिन डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट की धारा-51ए व 51बी में दो साल तक की सजा भी हो सकती है। लेकिन कोर्ट ने भी आरोपियों पर सख्ती नहीं दिखाई और उन्हें आईपीसी-188 के तहत दोषी मानते हुए एक-एक हजार रुपए फाइन लगाकर छोड़ दिया।

पिछले साल दर्ज हुए 11 मामलों में महज 4 केसों में 5 लोगों पर कोर्ट ने एक-एक हजार रुपए हर्जाना लगाया। जिन पर जुर्माना लगा था उनमें बापूधाम के विकास, सतबीर, सुनील, मनीमाजरा के अरविंद और किशनगढ़ के दीपक शामिल हैं।

4 केस तो अज्ञात पर दर्ज हुए थे
पिछले साल चंडीगढ़ पुलिस ने 4 एफआईआर अज्ञात पर दर्ज की थी। इन चारों केसों में पुलिस ने कोई जांच नहीं की और ये केस ठंडे बस्ते में पड़ गए। कुल 11 केसों में से 4 पर जुर्माना लगा जबकि 2 केसों में अभी सुनवाई चल रही है।

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