जनहित याचिका खारिज, हाईकोर्ट ने कहा / असाधारण परिस्थितियाें में मंदिर, मस्जिद, और गुरुद्वारे खोलने की इजाजत नहीं दे सकते

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दैनिक भास्कर

May 24, 2020, 05:00 AM IST

चंडीगढ़. (ललित कुमार) चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा में मंदिर, मस्जिद और गुरुद्वारे खोले जाने की मांग को लेकर दाखिल जनहित याचिका पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने खारिज कर दी। जस्टिस राजीव शर्मा और जस्टिस अजय तिवारी  की खंडपीठ ने  68 पन्नों के फैसले में कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण के चलते  मौजूदा परिस्थितियां असाधारण हैं, ऐसे में इन परिस्थितियों में धार्मिक स्थल खोलने की मांग को स्वीकार नहीं किया जा सकता। खंडपीठ ने कहा कि इस संबंध में केंद्र सरकार का फैसला मनमाना नहीं है।

ऐसे में इस फैसले में दखल देने की जरूरत नहीं है। गृह मंत्रालय ने एक जगह पर लोगों का जमावड़ा न हो इस मकसद से धार्मिक स्थलों को  बंद रखने का फैसला लिया है।  मौजूदा परिस्थितियों में संक्रमण के फैलने के भय से लिया गया यह फैसला सही है।  पब्लिक पॉलिसी के तहत लिए केंद्र सरकार के फैसले में न्यायिक दखल की आवश्यकता नहीं है।  खंडपीठ ने फैसले ने यह भी कहा कि धार्मिक स्थलों को व्यावसायिक इकाइयों के सामान नहीं माना जा सकता।

यदि व्यावसायिक इकाइयों को खोलने की छूट दी जाती है तो भी यह जरूरी नहीं कि धार्मिक स्थलों को भी खोलने की छूट दी जाए। केंद्र सरकार ने व्यापक जनहित में धार्मिक स्थलों को बंद रखने का फैसला लिया है, जो समाज के हित में है। ऐसे में इस फैसले को खारिज करने के निर्देश नहीं दिए जा सकते।

संवैधानिक अधिकारों की अनदेखी न की जाए

मुस्लिम फैडरेशन ऑफ पंजाब के अध्यक्ष वकील मोबीन फारुकी  की तरफ से दायर याचिका में कहा गया कि ईद और श्री गुरु अर्जुन देव जी की शहीदी दिवस के मौके पर मंदिर, मस्जिद और गुरुद्वारे खोले जाने की अनुमति दी जाए। दुकानों और दूसरी कई जगह पाबंदी के साथ खोली जा सकती हैं तो फिर इन्हें भी खोला जाना चाहिए। लोगों को अपने धर्म के मुताबिक पूजा पाठ करने की छूट है। ऐसे में संवैधानिक अधिकारों की अनदेखी न की जाए।

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