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पूर्व वित्त मंत्री की कैप्टन सरकार को खरी खोटी:सरकारी कर्मचारियों को ठग कर कैप्टन सरकार ने दी छठे पे कमिश्न को मंजूरी,8 हजार करोड़ के बजट में सरकार कैसे दे सकती है कर्मचारियों को 25 हजार करोड़?

चंडीगढ़2 महीने पहले
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ढींढसा ने कहा- सिर्फ झूठे आंकड़ों से सरकार कर्मचारियों को लुभाने की कोशिश कर रही है। जमीनी हकीकत यह है कि पिछले सालों में कांग्रेस सरकार द्वारा पेश किए गए बजट में अगर बेहतर योजनाएं बनाई जातीं तो ऐसी अधिसूचना जारी कर आंकड़ों में हेराफेरी करने की जरूरत नहीं पड़ती। - Dainik Bhaskar
ढींढसा ने कहा- सिर्फ झूठे आंकड़ों से सरकार कर्मचारियों को लुभाने की कोशिश कर रही है। जमीनी हकीकत यह है कि पिछले सालों में कांग्रेस सरकार द्वारा पेश किए गए बजट में अगर बेहतर योजनाएं बनाई जातीं तो ऐसी अधिसूचना जारी कर आंकड़ों में हेराफेरी करने की जरूरत नहीं पड़ती।

6वें पे कमिशन की सिफारिशों को स्वीकार करना और कर्मचारियों की सैलरी व पेंशनर्स की पेंशन बढ़ाने की घोषणा मौजूदा कैप्टन सरकार के किसी झांसे या साजिश से कम नहीं है। ये कहते हैं शिरोमणि अकाली दल (संयुक्त) के सीनियर लीडर, विधायक और पूर्व वित्त मंत्री परमिंदर सिंह ढींडसा।

मंगलवार को पंजाब भवन में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि 6वें कैप्टन सरकार द्वारा 6वें पे कमिशन को लागू करने की अधिसूचना का फैसला सिर्फ राजनीतिक फायदा और आगामी विधानसभा चुनाव 2022 के लिए राजनीतिक आधार तैयार करना है। आंकड़ों में हेराफेरी कर इस अधिसूचना को जारी किया गया है जबकि असल में कैप्टन सरकार कर्मचारियों के साथ धोखा कर रही है।

उन्होंने आगे कहा कि कैप्टन सरकार ने कर्मचारियों के लिए 259 प्रतिशत वृद्धि की घोषणा की है। लेकिन अगर हम सरकार की पिछली परफॉर्मेंस पर नजर डालें तो 1 जनवरी 2016 से 30 जून 2021 तक कर्मचारियों के बकाया वेतन और DA के भुगतान पर सरकार अब तक खामोश रही है।

इसके अलावा कर्मचारियों को 1 जनवरी 2016 से 30 जून 2021 तक दिए जाने वाले बकाया और नए वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार DA के बकाया पर भी सरकार पूरी तरह चुप है। यहां तक कि सरकार ने अभी तक ये भी स्पष्ट नहीं किया है कि जुलाई 2021 से बढ़े हुए वेतनमान के अनुसार कर्मचारियों को DA की पर्संटेज के साथ कितनी सैलरी दी जानी है।

ढींढसा ने कहा- नई अधिसूचना के अनुसार राज्य के लगभग 5 लाख कर्मचारियों को देने के लिए सरकार को 25 हजार करोड़ रुपए की जरूरत है जबकि वित्त मंत्री ने वर्ष 2021-22 के बजट में केवल 8 हजार करोड़ रुपए ही दिए हैं।उन्होंने आगे कहा- वित्त मंत्री ने अपनी बजट स्पीच में अक्टूबर 2021 से जनवरी 2022 तक सारी बकाया राशि का भुगतान करने का वायदा किया था, लेकिन पंजाब सरकार द्वारा जारी अधिसूचना में इसका कोई उल्लेख नहीं किया गया है।

विधायकों व मंत्रियों की सैलरी के लिए की आयोग के गठन की मांग

ढींढसा ने आगे कहा पंजाब सरकार को विधायकों और मंत्रियों के वेतन, भत्ते और पेंशन तय करने का अधिकार तुरंत वापस लेना चाहिए और इस संबंध में पे कमिश्न जैसे कमिशन के गठन की मांग की। वे बोले- पंजाब सरकार ने 6वें वेतन सिफारिशों में हाउस रेंट अलाउंस और रूरल अलाउंस की मौजूदा दरों को कम किया है, जो सही नहीं है। इसके अतिरिक्त COVID-19 पैंडेमिक के दौरान अपनी जान जोखिम में डालकर काम कर रहे डॉक्टरों के NPA जो हर तरह से उनके वेतन का हिस्सा हुआ करते थे, को बाहर कर दिया गया है। अब इसे केवल भत्ते के रूप में बनाया जाता है।

राज्य के लोगों को गुमराह कर रही कांग्रेस सरकार

वे बोले- सिर्फ झूठे आंकड़ों से सरकार कर्मचारियों को लुभाने की कोशिश कर रही है। जमीनी हकीकत यह है कि पिछले सालों में कांग्रेस सरकार द्वारा पेश किए गए बजट में अगर बेहतर योजनाएं बनाई जातीं तो ऐसी अधिसूचना जारी कर आंकड़ों में हेराफेरी करने की जरूरत नहीं पड़ती। ऐसा लगता है कि कैप्टन सरकार का काम सिर्फ राज्य के कर्मचारियों सहित लोगों को गुमराह करना है।

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