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सिद्धू की तल्खपोशी:कैप्टन नरम रहे लेकिन सिद्धू ने न बात की न आशीर्वाद लिया, नजरों में भी दूरी दिखी

चंडीगढ़3 महीने पहले
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ये क्या गुरू... मंच पर मुख्यमंत्री को छोड़ सबका अभिवादन किया - Dainik Bhaskar
ये क्या गुरू... मंच पर मुख्यमंत्री को छोड़ सबका अभिवादन किया
  • प्रधानी का पदग्रहण... कैप्टन-सिद्धू के बीच कलह, मनमुटाव; और फिर सुलह की कोशिश
  • सिद्धू... मैं ही नहीं, सूबे का हर वर्कर बना प्रधान, 15 अगस्त से कांग्रेस भवन में लगेगा बिस्तरा
  • कैप्टन... सिद्धू मेरे बच्चे जैसा, जिस वक्त इसका जन्म हुआ, उस समय मैं चीन बॉर्डर पर तैनात था
  • रावत... मेरा ख्याल रखना, कुछ गलत हुआ हो तो मेरे कान में बता देना, नहीं तो मेरी छुट्टी हो जाएगी

शुक्रवार को नवजोत सिंह सिद्धू की प्रदेश प्रधान के लिए गर्मजोशी के साथ ताजपोशी की गई। इस दौरान भी सिद्धू की कैप्टन अमरिंदर सिंह से तल्खी दिखी। बेशक सीएम अपनी माफी की बात को दरकिनार कर समारोह में शामिल हुए, लेकिन सिद्धू के तेवर नरम नहीं रहे। टी-पार्टी हो या मंच, सिद्धू हर जगह पर कैप्टन को नजरअंदाज करते दिखे।

हालांकि, सीएम नरम रहे। मंच पर दाईं ओर बैठे कैप्टन को इग्नोर करते हुए सिद्धू जब भाषण देने के लिए खड़े हुए तो शॉट मारने का एक्शन कर आगे बढ़ गए और मंच पर बैठीं पूर्व सीएम रजिंदर कौर भट्‌ठल और लाल सिंह के पैर छुए। वहीं, कई नेताओं को गले भी लगाया। माला पहनाने के दौरान भी सिद्धू कैप्टन से दूर नजर आए। मंच पर साथ बैठने पर भी कैप्टन से नजरें तक नहीं मिलाईं। हालांकि, कैप्टन ने 3-4 बार बात करने की कोशिश की, लेकिन सिद्धू नजरअंदाज कर गए।

भाषण के दौरान कैप्टन ने सिद्धू का कई बार नाम लिया, लेकिन सिद्धू ने एक बार भी कैप्टन का नाम नहीं लिया उल्टा अपनी सरकार पर फिर अंगुलियां उठाईं। इस दौरान दोनों नेताओं को कई बार मिलाने की नाकाम कोशिश की गई। वहीं, पंजाब प्रभारी हरीश रावत ने दोनों को साथ-साथ रहने का संदेश भी दिया। हाथ जोड़ कहा, मेरा ख्याल रखना, कुछ गलत हुआ मेरे कान में बता देना, नहीं तो मेरी छुट्टी हो जाएगी।

कैप्टन की ओर देखा तक नहीं
कैप्टन की ओर देखा तक नहीं

सिद्धू के तेवर... बोले- चमड़ी मोटी है, फर्क नहीं
भाषण के दौरान सिद्धू ने कहा 15 अगस्त से सिद्धू का बिस्तरा कांग्रेस भवन में लगेगा। मंत्रियों से अपील है वे मुझसे मिलने आएं, पंजाब मॉडल को आगे ले जाकर दिल्ली मॉडल को फेल करना है। सिद्धू बोले-परखने से कोई अपना नहीं रहता, किसी भी आईने में ज्यादा देर चेहरा नहीं रहता। सिद्धू ने कहा आज सारे कांग्रेस कार्यकर्ता प्रधान बन गए। उन्होंने कहा, मेरी चमड़ी मोटी है। मुझे किसी के कहने-सुनने से कोई फर्क नहीं पड़ता।

सरकार पर सवाल...
सिद्धू बोले-मसला किसानी का है, सड़कों पर बैठे बेरोजगार डॉक्टरों व ईटीटी टीचर का है। कंडक्टर-ड्राइवर धरने पर हैं। मसला महंगी बिजली का है।

बादलों पर तंज...
सिद्धू ने कहा- बेअदबी के आरोपियों और चिट्‌टे का कारोबार करने वाले बड़े मगरमच्छों को सजा दिलानी है। ये हल नहीं होते तो प्रधानी किस काम की।

भाजपा को भी घेरा...
सिद्धू बोले- इस वक्त किसान दिल्ली में बैठे हैं। मैं उनसे मिलना चाहता हूं। भाजपा को घेरते हुए कहा जिनके मत से बनती हैं सरकारें, आज दर बदर भटक रहे बेचारे।

कैप्टन के सामने सियासी शॉट
कैप्टन के सामने सियासी शॉट

कैप्टन बोले- पंजाब की जिम्मेदारी अब तुम्हारे हाथ में है और हम इकट्ठे चलेंगे
कैप्टन ने सिद्धू को अपना बच्चा बताते हुए कहा, जब वो छोटा था तब से मैं इसे जानता हूं। सिद्धू पंजाब की जिम्मेदारी अब तुम्हारे हाथ में है और अब हम इकट्ठे होकर चलेंगे। हमें मिलकर इसे आगे लेकर जाना है। मुझे सोनिया ने सिद्धू को प्रधान बनाने की बात कही थी, जिस पर मैंने कहा था, मुझे पूरी तरह से मंजूर है।

सीएम ने कहा- सिद्धू 1963 में हुआ था उस वक्त मैं चीन के बॉर्डर पर था। मेरी माता जी व सिद्धू के पिता ने भी साथ काम किया। सिद्धू के पिता तब पटियाला प्रधान थे। फिर मेरी माता जी 1967 में लोकसभा गईं। 1970 में जब मैंने सेना छोड़ी तो माता जी ने राजनीति में आने को कहा। सिद्धू के पिता सरदार भगवंत सिंह मुझे सियासत में ले ही आए।

टी-पार्टी में सुलह दिखाने की कोशिश
रावत ने सिद्धू को जबरदस्ती बुलाकर कैप्टन के पास बैठाया जिसका

जब सिद्धू आए तो कैप्टन बोले- चलो समय हो गया है... समारोह से पहले पंजाब भवन में टी-पार्टी रखी गई थी। यहां पर कांग्रेस के नए प्रधान सिद्धू कैप्टन को देखकर पहले तो नजरअंदाज कर आगे बढ़ गए। इस पर प्रभारी हरीश रावत ने सिद्धू को आवाज देकर वापस बुलाया और अमरिंदर सिंह के पास कुर्सी पर बैठाया। वे चाहते थे इससे सुलह का मैसेज जाए। जब सिद्धू आए तो सीएम बोले- पौने 11 बजे हैं, अब चलते हैं। बताया जा रहा है कि सिद्धू पार्टी छोड़कर चले गए थे, लेकिन प्रियंका गांधी के फोन के बाद वह वापस आ गए थे।

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