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दिल्ली-हरियाणा में आंदोलन करने की अपील पर सियासत गरमाई:कैप्टन ने कहा-आंदोलन से अंबानी और अदानी काे नहीं, पंजाब काे नुकसान; किसान बोले- सलाह की जरूरत नहीं

चंडीगढ़4 दिन पहले
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सीएम ने कहा बयान के सियासी मायने निकालना दुखद, उद्याेग राज्य से बाहर गए तो होगी दिक्कत। - Dainik Bhaskar
सीएम ने कहा बयान के सियासी मायने निकालना दुखद, उद्याेग राज्य से बाहर गए तो होगी दिक्कत।

सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मंगलवार को कहा कि पंजाब में धरने नहीं करने संबंधी उनके बयान के सियासी मायने निकालना दुर्भाग्यपूर्ण है। सीएम ने कहा कि धरनों के कारण पंजाब को हो रहा नुकसान समझने की बजाय किसानों ने बयान के गलत अर्थ निकाले और इसे चुनाव से जोड़कर सियासी रंग दे रहे हैं। सीएम ने कहा, पंजाब में अदानी-अंबानी का ज्यादा बिजनेस नहीं है। इसलिए किसानों के विरोध से पंजाब में उनको कोई फर्क नहीं पड़ेगा, बल्कि आर्थिक नुकसान पंजाब को हो रहा है।

किसानों की लड़ाई भाजपा से है, पंजाब के लोगों से नहीं। दुखद है कि हमें ही किसानों के संघर्ष की कीमत चुकानी पड़ रही है। बेमियादी आंदोलन से पंजाब की इंडस्ट्री बाहर जाने पर अर्थव्यवस्था गड़बड़ा जाएगी। वहीं, सीएम की अपील पर किसान जत्थेबंदियों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि हक की लड़ाई रहे किसानों को कैप्टन की सलाह की जरूरत नहीं है।

संयुक्त किसान मोर्चे के नेता बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि किसान जत्थेबंदियों की सियासी पार्टियों के साथ हुई मीटिंग में स्पष्ट कहा था कि मोर्चा सियासी रैलियों का विरोध करेगा। अब कहीं पर भी 50 से अधिक सियासी भीड़ इकट्ठा होने पर विरोध करेंगे। सामाजिक कार्यक्रमों में नेताओं के आने का विरोध नहीं है। राजेवाल बोले, सांसद परनीत कौर के कार्यक्रम की जानकारी मिली है। किसानों से बोल दिया है कि उनके कार्यक्रमों का भी जमकर विरोध करें। कैप्टन के बयान पर शिअद और आप ने भी सवाल उठाए हैं।

अमरिंदर बोले- पंजाब में अदानी की संपत्ति 0.8%, रिलायंस की सिर्फ 0.1%
पंजाब में अदानी-अंबानी का ज्यादा बिजनेस नहीं है। अदानियों की कुल संपत्ति का 0.8 प्रतिशत और रिलायंस का सिर्फ 0.1 प्रतिशत पंजाब में है। ऐसे में दोनों बड़े उद्योगपतियों का पंजाब से कोई बड़ा सरोकार नहीं है। ‘यह पंजाब के लोग हैं जिनको परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।’
सीएम ने कहा, किसान जत्थेबंदियों के प्रदर्शनों के कारण एफसीआई और राज्य की एजेंसियों द्वारा स्टॉक उठाने में आ रही रुकावट के चलते अनाज भंडारण और खरीद की स्थिति गंभीर हैै। गेहूं का स्टॉक पहले ही भंडारण के चार साल पूरे कर चुका है। साइलो लेने के लिए हुए समझौते के मुताबिक इनके मालिकों को तयशुदा दरों की अदायगी के कारण सरकारी खजाने पर वित्तीय बोझ पड़ रहा है। अकेले मोगा में एफसीआई के अडानी साइलो में 480 करोड़ रुपए मूल्य का भंडार है।

अर्थव्यवस्था सुधारने की जिम्मेदारी सीएम की है, किसानों की नहीं : हरसिमरत कौर
सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के बयान पर शिरोमणि अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने मंगलवार को जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि पंजाब के अपने किसानों को दिल्ली-हरियाणा जाने की नसीहत देना सीएम की ओच्छी राजनीति है। सीएम ने कमजोर अर्थव्यवस्था की बात कही है। अर्थव्यवस्था में सुधार करना सीएम की जिम्मेदारी है, न कि अपना हक मांग रहे किसानों की। पिछले 13 महीने से भूखे-प्यासे आंदोलन कर रहे किसानों से आप कितनी बार मिले।

कैप्टन अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए किसानों के आंदोलन को जिंदा रख रहे हैं। कैप्टन हरियाणा और दिल्ली की शांति भंग करना चाहते हैं। यह किसान आंदोलन, नहीं गदर है। आंदोलन में लोग तलवारें व लाठियां लेकर नहीं आते।
-अनिल विज, गृहमंत्री, हरियाणा

आर्थिक नुकसान की बात करने वाले कैप्टन बताएं कि उन्होंने प्रधानमंत्री पर काले कानून वापस लेने के लिए अब तक कौन सा दबाव बनाया है। सियासत न करें।
-अमन अरोड़ा, आप

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