देर रात तक काम करने वाली महिलाएं सुरक्षित:चंडीगढ़ में कैब में अकेले सफर नहीं करेंगी, साथ में रहेगा सुरक्षा कर्मी

चंडीगढ़2 महीने पहले
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चंडीगढ़ के जिला मजिस्ट्रेट (DM) विनय प्रताप सिंह ने लेट नाइट BPOs आदि में जॉब करने वाली महिलाओं की सुरक्षा के लिहाज से अहम आदेश जारी किए हैं। मजिस्ट्रेट ने कहा है कि चंडीगढ़ और इसके आसपास के क्षेत्र में BPOs, कॉर्पोरेट हाउस, मीडिया हाउस, कंपनियां, संस्थाएं और फर्म बढ़ रही हैं। यह युवाओं के लिए नौकरी के अवसर भी पैदा कर रहे हैं।

पड़ोसी राज्यों से कई कर्मी जिनमें महिलाएं भी शामिल हैं, शहर और इसके आसपास के विभिन्न गांव-शहरों में रहते हैं। घर से ऑफिस और ऑफिस से घर के लिए इन दफ्तरों की तरफ से कैब सर्विस मुहैया करवाई जाती है। ऐसी संस्थाएं 24 घंटे तक चलती हैं। कैब चालक देर रात तक कर्मियों को लाने और ले जाने का काम करते हैं।

महिलाएं बन सकती हैं आसान शिकार

DM ने कहा है कि इन कैब को ठेके पर रखा जाता है और उनके ऑपरेटर्स एवं ड्राइवर्स को कर्मियों के सुरक्षित सफर के लिहाज से उचित ढंग से निगरानी नहीं की जाती। ऐसे में कर्मियों, विशेषकर महिलाओं की सुरक्षा और जिंदगी खतरे में पड़ने की संभावना बनी रहती है। जिला मजिस्ट्रेट ने कहा है कि यह जानकारी में आया है कि कुछ अपराधी और समाज-विरोधी तत्व आसान शिकार को निशाना बनाते हैं। देर रात और तड़के के समय ऐसी आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दिया जाता है।

ऐसी कंपनियों/संस्थाओं/कर्मियों के लिए पिक एंड ड्रॉप की सुविधा प्रदान करवाने वाले इंप्लायर्स/ट्रांसपोर्ट्स, सुरक्षा एजेंसियां/गार्ड्स एवं ड्राइवर्स पर नजर रखना जरुरी है। जिला मजिस्ट्रेट ने कहा है कि इन आदेशों की उल्लंघना करने पर IPC की धारा 188 के तहत कार्रवाई की जाएगी। ​आज आधी रात से यह आदेश 18 नवंबर, 2022 तक बने रहेंगे।

यह निर्देश किए गए हैं जारी

इंप्लायर्स को कहा गया है कि अपने सभी कर्मियों, सुरक्षा कर्मियों, कैब ड्राइवर्स, ठेका कर्मियों आदि का डाटा तैयार करें ताकि जरुरत पड़ने पर पुलिस को दिया जा सके। इसके अलावा सुरक्षा कर्मी एवं अन्य ठेका कर्मियों को लाइसेंसी एजेंसियों से ही हायर करें। सभी कर्मियों की अच्छी तरह से वेरिफिकेशन हो। इसके अलावा यह सुनिश्चित करें कि महिला कर्मी कैब चालक के साथ अकेले में सफर न करे और एक अच्छे से जांचा गया सुरक्षा कर्मी या पुरुष कर्मी लेट लाइट में महिला कर्मी के साथ कैब में हो। रात 8 बजे से सुबह 7 बजे के बीच चलते वाली कैब के लिए यह आदेश दिए गए हैं।

कैब चालक द्वारा ऐसा रुट चुना जाए जिसमें महिला कर्मी को सबसे पहले पिक न किया जाए और सबसे आखिर में ड्रॉप न किया जाए। वहीं यह सुनिश्चित किया जाए कि देर रात में महिलाओं को पिक एंड ड्रॉप की सुविधा देने वाली कैब उन्हें घर पर उतारे और महिला कर्मी के घर में दाखिल होने तक वहां रुके। महिला द्वारा मोबाइल के जरिए सुनिश्चित करने के बाद कैब चालक आगे बढ़े। वहीं यदि महिला कर्मी का घर ऐसी जगह पर हो जहां कैब न जा सके वहां सुरक्षा कर्मी या पुरुष कर्मी उसे सुरक्षित तरीके से घर तक छोड़ कर आए। रात के सफर के लिए यह हिदायत दी गई है।

कैब की मूवमेंट पर भी प्रभावी ढंग से नजर रखी जाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि कैब ड्राइवर द्वारा गलत गतिविधियां न की जाए और जिसमें अंजान व्यक्ति को कैब में बिठाना, तय रुट से दूर जाना आदि शामिल हैं। इनके अलावा कैब में GPS सिस्टम लगा होना चाहिए, विशेषकर जिसमें महिला कर्मी सफर करती हों।

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