चंडीगढ़ लॉक डाउन / राहत: पहले दिन खुली 250 ग्रॉसरी शाॅप, आज 350 और खुल जाएंगी

बोरियाें में भरकर गया राशन, एक बोरी की कीमत 750 रुपए। बोरियाें में भरकर गया राशन, एक बोरी की कीमत 750 रुपए।
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बोरियाें में भरकर गया राशन, एक बोरी की कीमत 750 रुपए।बोरियाें में भरकर गया राशन, एक बोरी की कीमत 750 रुपए।

  • पास के लिए दुकानदार एमसी ऑफिस में लाइन लगाकर खड़े रहे
  • वाॅट्सएप पर लिखवाए सामान काे दुकानदाराें ने लोगों के घर डिलीवर किया

दैनिक भास्कर

Mar 27, 2020, 05:24 PM IST

चंडीगढ़. कर्फ्यू में गुरुवार काे ग्राॅसरी की 250 दुकानें खुली। लेकिन शुक्रवार काे ग्राॅसरी की 600 शाॅप खुलेंगी। इन दुकानदाराें काे उनके और हेल्पर के लिए गुरुवार काे 1500 कर्फ्यू पास जारी किए गए। हालांकि दुकानदाराें काे कर्फ्यू पास लेने के लिए एमसी ऑफिस में 12 बजे तक ऑफिसर के इंतजार में लाइने लगाकर खड़ा हाेना पड़ा। कर्फ्यू पास जारी करने का जिम्मा डायरेक्टर ट्रांसपाेर्ट उमाशंकर गुप्ता काे दिया गया था। 

ट्रांसपाेर्ट डायरेक्टर उमा शंकर एमसी ऑफिस की छठी मंजिल पर बैठकर 12 बजे बाद ग्राॅसरी शाॅप के ऑनर और उनके सर्वेंट से कर्फ्यू पास पर साइन करने लगे। हालांकि लाेगाें ने पहले ही स्टाफ काे फाॅर्म भरकर दे दिए थे। सिर्फ पास पर उमाशंकर ने साइन करने थे। दुकानदाराें का कहना है कि अगर उनके कर्फ्यू पास समय रहते जारी हाे जाते ताे वे वीरवार काे ही अपनी दुकानें खाेल देते। इससे आस-पास एरिया में रहने वाले रेजिडेंट्स काे सामान मिल जाता। लाइन में लगने से काेराेना का भी खतरा बना रहा। 


250 दुकानें खुली, लेकिन सामान पूरा नहीं मिला

प्रशासन के ऑर्डर के बाद गुरुवार सुबह 9 बजे ही 250 ग्राॅसरी की दुकानें खुल गई। दुकानदाराें के पास लाेगाें के वाट्सएप मैसेज सामान के आने लगे। कुछेक ने माेबाइल करके सामान लिखवाया। वाॅट्सएप पर लिखवाए सामान काे दुकानदाराें के सर्वेंट घराें में डिलीवर करके आए। सेक्टर-38 में एक दुकानदार ने लाइनें लगवाकर सामान बेचा। लाइनाें में सटे हाेने से काेराेना का खतरा हाे सकता है। यह दुकानदार शहर में चर्चा का केंद्र बना रहा। प्रशासन की साफ डायरेक्शन है कि दुकान पर काेई भी आदमी सामान खरीदने डायरेक्ट नहीं आएगा। दुकानदार काे खुद सामान हाेम डिलीवर करना हाेगा। 

बोरियाें में भरकर गया राशन, एक बोरी की कीमत 750 रुपए

कर्फ्यू के दाैरान प्रशासन की टीम ने ईडब्ल्यूएस काॅलाेनियाें और रिहैबिलिटेशन काॅलाेनियाें में 750 रुपए के पैकेट बनाकर लाेगाें काे वहां जाकर बेचे। हर बोरी की कीमत 750 रुपए रखी गई। सेक्टर-26 की मंडी से यह बोरियां भरकर सीटीयू बस में रखी गई और लोगों तक पहुंचाई गई। एक बोरी में एक किलो चीनी, एक किलो दाल, हल्दी 100 ग्राम, जीरा 100 ग्राम, धनिया पाउडर 100 ग्राम, लाल मिर्ची 100 ग्राम, नमक एक किलो, चाय 250 ग्राम, सरसों का तेल एक लीटर, चावल एक किलो और आटा 10 किलोग्राम है। इन पैकेट काे दाे टीम इंचार्ज पीसीएस ऑफिसर्स की टीम ने शहर की कई काॅलाेनियाें में बेचा। साथ ही वेंडर सब्जी वाले भी थे। इन पैकेट काे एईटीसी राकेश पाेपली द्वारा तैयार करवाया गया। हर पैकेट की काॅस्ट 800 रुपए है, मगर लाेगाें काे 750 रुपए में ही बेचा गया।

2000 पैकेट बेचे
पैकेट लेने के लिए लाेगाें की मलाेया काॅलाेनी में भीड़ उमड़ आई। मगर सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर सीबी ओझा ने लाेगाें काे दूर करवा दिया। प्रशासन की ओर से पहले दिन काॅलाेनियाें में 2 हजार पैकेट बेचे गए। क्याेंकि यहां पर दुकानें खाेलने की अनुमति नहीं दी गई। सामान के साथ बस में वेंडर काे भी साथ ही बैठा लाए। वेंडर के पास आलू , प्याज, मशरूम और पपीता था। उसने आलू 30 रुपए किलाे, प्याज 40, मशरूम 25 रुपए और पपीता 60 रुपए किलाे के हिसाब से बेचा।

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