नगर निगम के खाते से पैसे निकलवाने का मामला:चंडीगढ़ पुलिस की महाराष्ट्र में छापामारी, दो आरोपियों को प्रोडक्शन वारंट पर लाई

चंडीगढ़9 महीने पहले
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सेक्टर-17 थाना - फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
सेक्टर-17 थाना - फाइल फोटो

चंडीगढ़ नगर निगम के सेक्टर-37 स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा के खाते से 28 लाख 51 हजार रुपए निकलवाए गए थे। मामले के दो आरोपियों को सेक्टर-17 थाना पुलिस पूणा से प्रोडक्शन वारंट पर लाई है। दोनों आरोपियों की पहचान श्रवण माल्या ठगला पेली (30) निवासी जिला चंद्रपुर, महाराष्ट्र व विकास भूवन लाल यादव उर्फ अमित (30) निवासी गोंडिया, महाराष्ट्र के रूप में हुई है। पुलिस ने इसी केस में पहले कोटा गदवानी थिरु पाठी (42) को गिरफ्तार किया था और उसकी निशानदेही पर प्लॉट नंबर-37, समटा नगर, नागपुर निवासी आनंद उर्फ बंटी (45) व सरसती नगर, नागपुर निवासी कमल (42) को दबोचा था। पुलिस ने पहले कोटा को गिरफ्तार किया। उसके बाद वाणी, आनंद उर्फ बंटी व कमल को गिरफ्तार किया।

चारों ने पुलिस के समक्ष खुलासा किया था कि उन्हें 28.51 लाख, 98.51 लाख व 22.50 लाख के तीन चेक श्रवण माल्या ठगला पेली व विकास भूवन लाल यादव उर्फ अमित ने दिए थे, जिन्हें पूणा पुलिस किसी और केस में गिरफ्तार कर चुकी थी। इनमें से दो चेक तो क्लीयर नहीं हो पाए थे, लेकिन 28.51 लाख का चेक आरोपी कोटा के कार्तिक्या फिश प्लांट, वाणी के खाते में ट्रांसफर हो चुका था। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि कोटा का वहां फिश का बिजनेस है। आरोपी आनंद व कमल भी उससे मछलियां खरीदकर आगे से आगे बेचते थे। इन दोनों ने कोटा के मछलियों के 8 लाख रुपए देने थे।

इसके अलावा इन दोनों को श्रवण माल्या ठगला पेली व विकास भूवन लाल यादव उर्फ अमित ने वह तीन चेक देकर कहा था कि वह सरकारी ठेका लेते हैं, लेकिन उनके पास करंट अकाउंट नहीं हैं।इसके चलते दोनों ने चेक लेकर आगे कोटा को अपनी फर्म में लगवाने के लिए दे दिए थे। दोनों ने कोटा को कहा था कि वह अपने 8 लाख रुपए काटने के बाद बाकी के 20 लाख 51 हजार रुपए उन्हें दे दे। चेक क्लीयर होने के बाद श्रवण माल्या ठगला पेली व विकास भूवन लाल यादव उर्फ अमित ने इस काम के 80 हजार रुपए भी दिए थे।

पुलिस तफ्तीश में यह भी सामने आया कि आरोपी आनंद नागपुर में शराब की भी तस्करी करता है। उस पर आधा दर्जन केस हैं। अब पुलिस ने जब श्रवण माल्या ठगला पेली व विकास भूवन लाल यादव उर्फ अमित से पूछताछ की तो सामने आया कि इन्हें यह चेक नागपुर के राहुल व राकेश ने दिए थे। अब राहुल और राकेश की गिरफ्तारी के बाद ही पता चल पाएगा कि इनके पास नगर निगम के चेक कहां से आए। पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

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