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राष्ट्रपति से सम्मानित मान कौर को पंजाब सरकार ने भुलाया:देश व पंजाब का मान बढ़ाने वाली एथलीट का राजकीय सम्मान से संस्कार तक नहीं किया चंडीगढ़-पंजाब के अफसरों ने

चंडीगढ़एक वर्ष पहले
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बाबा मोतीराम मेहरा चैरिटेबल ट्रस्ट के सदस्य अंतिम दर्शन को पहुंचे और सरकार सम्मान ने मिलने पर नाराजगी व्यक्त की। - Dainik Bhaskar
बाबा मोतीराम मेहरा चैरिटेबल ट्रस्ट के सदस्य अंतिम दर्शन को पहुंचे और सरकार सम्मान ने मिलने पर नाराजगी व्यक्त की।
  • सामाजिक संस्थाएं और परिवार बोला-वो मैडल लाकर देश का नाम ऊंचा करती रहीं, सरकारों ने पलभर में भुला दिया

विदेशों के खेल ग्राउंड में जब देश की आन-बान और शान 105 साल की मान कौर मैडल लेने के लिए आगे बढ़ती थी तो देश का नाम गर्व से ऊंचा कर देती थी। मान कौर की ओर से खेल ग्राउंड में किए गए अनोखे कारनामों के कारण उनका नाम हमेशा के लिए इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया है।

बाबा गाजीदास जी क्लब रोपड़ के प्रेसीडेंट दविंदर बाजवा ने कहा आज सरकारी सम्मान होना चाहिए था
बाबा गाजीदास जी क्लब रोपड़ के प्रेसीडेंट दविंदर बाजवा ने कहा आज सरकारी सम्मान होना चाहिए था
अपनी पड़नानी के अंतिम दर्शन करने आई अमनप्रीत ने कहा हर समय उनसे कुछ नया सीखने को मिला
अपनी पड़नानी के अंतिम दर्शन करने आई अमनप्रीत ने कहा हर समय उनसे कुछ नया सीखने को मिला

शनिवार को मान कौर का गॉल ब्लैडर कैंसर के कारण देहांत हो गया था। आज उनका अंतिम संस्कार पारिवारिक और जान पहचानों वालों की उपस्थिति में सेक्टर-25 के श्मशानघाट में कर दिया गया। लेकिन विडंबना की बात ये रही कि जिस देश और पंजाब के लिए उन्होंने कठिन परिस्थितियों और स्वयं के बल पर मैडल जीत कर उनका नाम बढ़ावा उन्हीं लोगों ने उन्हें भुला दिया।

मान कौर के रिश्तेदार अंतिम संस्कार के समय रोते हुए
मान कौर के रिश्तेदार अंतिम संस्कार के समय रोते हुए

आज मान कौर के अंतिम संस्कार के लिए कोई भी सरकारी अधिकारी या पंजाब सरकार का मंत्री ने आने की जरूरत नहीं समझी। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और राज्य के खेल मंत्री भी मान कौर को भूल गए जो हर समय युवाओं को बुजुर्गों को आर्शीवाद लेने की बात कहते रहते है।

शिरोमणि अकाली दल के नेता डॉ. दलजीत चीमा पहुंचे
शिरोमणि अकाली दल के नेता डॉ. दलजीत चीमा पहुंचे

शिरोमणि अकाली दल बादल के सीनियर नेता डॉ. दलजीत सिंह चीमा मान कौर के अंतिम दर्शन करने के लिए पहुंचे हुए थे। उन्होंने कहा कि देश का नाम ऊंचा करने वाली मान कौर को सरकारी सम्मान के साथ विदा मिलनी चाहिए थी, लेकिन सरकार की ऐसा न करके गलती की गई है। उन्होंने कहा कि मान कौर के जीवन से युवाओं को प्रेरणा मिलेगी इसलिए कोई अच्छी यादगार बनाई जानी चाहिए।

बाबा मोतीराम मेहरा चैरिटेबल ट्रस्ट श्री फतेहगढ़ साहिब के नुमाइंदे आज उन्हें श्रद्धांजलि देने आए। ट्रस्ट के वाइस प्रेसीडेंट जय कृष्ण और एन.आर.मेहरा व कुलवंत सिंह सहित अन्य सदस्यों ने कहा कि नारी शक्ति के रूप में मान कौर ने देश का नाम बढ़ाया और उन्हें राष्ट्रपति की ओर से सम्मान किया गया लेकिन आज पंजाब सरकार व चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से उन्हें सम्मान नहीं दिया गया जिनकी वे पूरी तरह से हकदार थी।

बाबा गाजीदास जी क्लब रोपड़ के प्रेसीडेंट दविंदर सिंह बाजवा भी मान कौर के अंतिम दर्शन करने के लिए पहुंचे हुए थे। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार और चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से जब माता जी बिमार थे उस समय भी उनका ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि मान कौर को अस्पताल में पहुंचाया गया था और उनकी आर्थिक मदद की गई थी। आज पंजाब- हरियाणा सरकार और यूटी प्रशासन की ओर से किसी बड़े अफसर को भेज कर उन्हें सम्मान जरुर दिया जाना चाहिए थे।

अमनप्रीत कौर ने अपनी पड़नानी के देहांत पर दुख व्यक्त किया और कहा कि आज सरकारी तौर पर जरूर उन्हें सम्मान मिलना चाहिए था। अमनप्रीत ने बताया कि जिस तरह से माता मान कौर 105 साल की उम्र में युवाओं को प्रोत्साहित करती थी उसी तरह से सरकार को भी चाहिए कि उनके नाम पर कुछ ऐसी यादगार बनाए जिससे युवा उनके जीवन से कुछ सीख सकें।

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