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  • Chandigarh's Bawa Broke Shikhar Dhawan's Record, Played A Tremendous Innings Of 162 Runs In 108 Balls In The Under 19 World Cup Match

अंडर-19 क्रिकेट वर्ल्ड कप 2022:चंडीगढ़ के राज अंगद बावा ने तोड़ा शिखर धवन का रिकॉर्ड; 108 गेंदों में खेली 162 रनों की जबरदस्त पारी

चंडीगढ़7 महीने पहले
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युगांडा के खिलाफ मैच में राज अंगद बावा ने शानदार प्रदर्शन किया। - Dainik Bhaskar
युगांडा के खिलाफ मैच में राज अंगद बावा ने शानदार प्रदर्शन किया।

चंडीगढ़ के युवा क्रिकेटर राज अंगद बावा ने वेस्टइंडीज में चल रहे अंडर-19 वर्ल्ड कप में शानदार बल्लेबाजी करके भारतीय क्रिकेटर शिखर धवन का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। बावा ने युगांडा के खिलाफ मैच में मात्र 108 गेंदों में 162 रनों की नाबाद पारी खेली। उनके इस बेहतरीन प्रदर्शन के चलते भारत ने युगांडा पर 326 रनों की सबसे बड़ी जीत हासिल की है।

बावा ने अपनी इस लंबी पारी में 14 चौके और 8 छक्के मारे। इसके साथ ही बावा अंडर-19 वर्ल्ड कप में किसी मैच में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी भी बन गए हैं। इससे पहले धवन ने वर्ष 2004 में बांग्लादेश के खिलाफ 155 रनों की पारी खेली थी। उस समय वह अंडर-19 क्रिकेट टीम का हिस्सा थे।

ओलिंपियन दादा का खून दौड़ता है रगों में
राज अंगद बावा के दादा तरलोचन सिंह बावा वर्ष 1948 में लंदन ओलिंपिक में गोल्ड जीतने वाली भारतीय हॉकी टीम का हिस्सा थे। इसके बाद वह हॉकी टीम के कप्तान भी बन गए थे। अब पोता देश का नाम अपने बेहतरीन क्रिकेट से रोशन कर रहा है। वहीं बावा के पिता सुखविंद्र सिंह बावा स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के सीनियर कोच हैं। वह सेक्टर 16 क्रिकेट स्टेडियम में युवा खिलाड़ियों को ट्रेनिंग देते हैं।

युवराज सिंह हैं रोल मॉडल
राज अंगद बावा के रोल मॉडल युवराज सिंह हैं और वह उनकी क्रिकेट देखकर बड़े हुए हैं। वह 12 नंबर की जर्सी पहनते हैं, जो युवराज सिंह की जर्सी का नंबर था। वहीं बावा और उनके दादा का जन्मदिन भी इसी तारीख को आता है। ऐसे में यह नंबर उनके लिए लक्की है। उनके पिता सुखविंद्र बावा युवराज सिंह समेत कई अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को ट्रेनिंग दे चुके हैं। आलराउंडर बावा बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं, जबकि गेंदबाजी दाएं हाथ से करते हैं। वह मीडियम पेसर हैं।

बचपन में एक्टर बनना चाहता था
राज अंगद बावा के पिता और कोच सुखविंद्र बावा बताते हैं कि बचपन में राज अंगद बावा एक्टर बनना चाहता था। वह उनके साथ एक बार हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला क्रिकेट स्टेडियम में गया था। वहां उसने अपने पिता से क्रिकेटर बनने की इच्छा जाहिर की। इसके बाद क्रिकेट के प्रति उनका रुझान बढ़ने लगा। उन्होंने अपने बेटे की प्रतिभा को निखारने की ओर ध्यान दिया। दिन में कई घंटों की प्रैक्टिस और कड़ी मेहनत के बाद बावा ने आज यह मुकाम हासिल किया है।

पहले ही मैच में झटके थे 4 विकेट
इससे पहले वर्ल्ड कप के अपने पहले ही मैच में उन्होंने साउथ अफ्रीका के खिलाफ 47 रन देकर 4 विकेट झटके थे। उस मैच में भारत ने साउथ अफ्रीका को 45 रनों से हराया था। राज अंगद बावा इससे पहले भी कई टूर्नामेंट्स में शानदार प्रदर्शन कर चुके हैं। जिसकी बदौलत सिलेक्टर्स ने उन्हें मौका दिया और वह भारतीय टीम का हिस्सा बने।

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