कांग्रेस के 31 कैंडिडेट की दूसरी लिस्ट कल:12 विधायकों की टिकट पर फैसला; बगावत वाली सीटों को लेकर भी मंथन

चंडीगढ़5 महीने पहले
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कल सुबह कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी की अगुवाई में केंद्रीय चुनाव कमेटी की मीटिंग होगी। - Dainik Bhaskar
कल सुबह कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी की अगुवाई में केंद्रीय चुनाव कमेटी की मीटिंग होगी।

पंजाब चुनाव के लिए कांग्रेस के 31 कैंडिडेट की दूसरी लिस्ट कल आएगी। इसके लिए कांग्रेस इलेक्शन कमेटी की मीटिंग बुला ली गई है। इसमें कांग्रेस के 12 विधायकों की टिकट पर भी फैसला होगा। जिनमें से कुछ विधायकों की टिकट काटने के साथ कुछ के विधानसभा क्षेत्र बदले जा सकते हैं। इन विधायकों को कांग्रेस की 86 कैंडिडेट की पहली लिस्ट में जगह नहीं मिली थी। इसके अलावा बटाला समेत कई ऐसी सीटें हैं, जहां बगावत को लेकर मंथन भी होगा।

इन 12 विधायकों को टिकट का इंतजार

खडूर साहिब : रमनजीत सिंह सिक्की मौजूदा कांग्रेसी विधायक हैं। इस बार यहां से सांसद जसबीर सिंह डिंपा खुद या अपने बेटे के लिए टिकट मांग रहे हैं। इसीलिए इस सीट पर पेंच फंसा हुआ है।

फाजिल्का : यहां से दविंदर सिंह घुबाया कांग्रेस के मौजूदा विधायक हैं। वह लेडी एसएचओ से अपशब्द कहने को लेकर चर्चा में रहे हैं। उनका इलाके में विरोध भी हो रहा है। यहां से सुनील जाखड़ घुबाया को टिकट देने का विरोध कर रहे हैं।

फिरोजपुर ग्रामीण : यहां से सत्कार कौर कांग्रेस की मौजूदा विधायक हैं। सर्वे में उनका फीडबैक सही नहीं है। उनकी टिकट काटकर इस बार यहां से नया चेहरा उतारने की संभावना है।

खेमकरण : यहां से सुखपाल भुल्लर विधायक हैं। उनके पिता गुरचेत सिंह भुल्लर कैबिनेट मंत्री भी रह चुके हैं। इस बार दोनों ही टिकट मांग रहे हैं।

अटारी : यहां से तरसेम सिंह डीसी मौजूदा विधायक हैं। वह पूर्व आईएएस अधिकारी रहे हैं। पहले यहां से लखविंदर वडाली को उतारने की तैयारी थी लेकिन उन्होंने इन्कार कर दिया7 इस बार यहां से नया चेहरा उतारने की संभावना है।

जलालाबाद : यहां से रमिंदर आवला कांग्रेस के मौजूदा विधायक हैं। वह राणा गुरमीत सोढ़ी के कांग्रेस छोड़ने के बाद गुरु हर सहाय से टिकट लेना चाहते हैं। जलालाबाद में वह सुखबीर बादल के सामने नहीं उतरना चाहते।

अमरगढ़ : सुरजीत धीमान कांग्रेस मौजूदा विधायक हैं। इस बार वह सुनाम से अपने बेटे के लिए टिकट मांग रहे हैं। वह सिद्धू के प्रबल समर्थक रहे हैं।

समराला : यहां से अमरीक सिंह मौजूदा विधायक हैं। कांग्रेस इस बार चुनाव नहीं लड़ना चाहते। यहां से नया चेहरा उतारा जा सकता है।

गिल : यहां से कुलदीप वैद मौजूदा कांग्रेस विधायक हैं। उनकी कारगुजारी सवालों के घेरे में है। इसके अलावा वह कैप्टन के भी करीबी रह चुके हैं। कांग्रेस यहां से कोई नया चेहरा उतार सकती है।

नवांशहर: कांग्रेस के अंगद सिंह मौजूदा विधायक हैं। उनकी पत्नी अदिति सिंह रायबरेली यूपी से विधायक बनी थीं, जिसके बाद वह कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हो गई। इसलिए अंगद की टिकट कट सकती है।

शुतराणा : निर्मल सिंह मौजूदा विधायक हैं। हाल ही में उन्होंने सीएम चरणजीत चन्नी पर विकास न करवाने का आरोप लगाया था। उनकी टिकट काटकर नया चेहरा लाया जा सकता है।

भोआ : यहां से जोगिंदरपाल कांग्रेस के मौजूदा विधायक हैं। वह विकास के बारे में पूछे जाने पर युवक को थप्पड़ मारने से चर्चा में रहे। जोगिंदर प्रताप बाजवा के करीबी हैं लेकिन कांग्रेस किसी नए चेहरे को चुनाव लड़वाना चाहती है।

वन फैमिली-वन टिकट का भी विरोध

कांग्रेस ने विस चुनाव में वन फैमिली-वन टिकट का फार्मूला रखा है। हालांकि बटाला सीट पर मंत्री तृप्त राजिंदर बाजवा ने इसका विरोध किया है। बाजवा खुद को बटाला और बेटे के लिए फतेहगढ़ चूड़ियां से सीट मांग रहे हैं। हालांकि कांग्रेस बाजवा को फतेहगढ़ चूड़ियां से टिकट दे चुकी है। बटाला से नवजोत सिद्धू हिंदू नेता अश्वनी शेखड़ी के लिए टिकट मांग रहे हैं।

बाजवा का तर्क है कि जब जालंधर सांसद संतोख चौधरी और फतेहगढ़ साहिब से सांसद डॉ. अमर सिंह के बेटों को टिकट दी जा सकती है तो उन्हें क्यों नहीं?। इससे पहले कांग्रेस के कपूरथला से कैंडिडेट राणा गुरजीत के बेटे राणा इंद्रप्रताप सुल्तानपुर लोधी और सीएम चन्नी के भाई डॉ. मनोहर सिंह बस्सी पठानां से निर्दलीय लड़ने की घोषणा कर चुके हैं।