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हाईकोर्ट के निर्देश:कोर्ट ने कहा- मरीजों को दिक्कत न हो, इसलिए चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा मिलकर रणनीति बनाएं

चंडीगढ़2 महीने पहले
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हाईकोर्ट ने कहा कि कोरोना के उपचार में जिन दवाओं की सख्त जरूरत है। - Dainik Bhaskar
हाईकोर्ट ने कहा कि कोरोना के उपचार में जिन दवाओं की सख्त जरूरत है।
  • चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली के लिए यूनिफाइड कमांड सेंटर बनाने पर विचार करने के निर्देश दिए
  • {कहा-ऑक्सीजन की सप्लाई पर दोबारा विचार करे केंद्र सरकार

कोरोना के लगातार बढ़ रहे मामलों के बीच शुक्रवार को हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ प्रशासन, पंजाब और हरियाणा सरकार से कहा कि मिलकर रणनीति बनाएं, जिससे कोरोना पीड़ितों को परेशानी ना हो। चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली के लिए हाईकोर्ट ने यूनिफाइड कमांड सेंटर बनाने पर विचार करने के निर्देश दिए।

जस्टिस राजन गुप्ता और जस्टिस करमजीत सिंह की खंडपीठ ने कहा कि ट्राईसिटी में वर्किंग और बिजनेस क्लास लोग रहते हैं, जिनके लिए राज्य सरकारों को मिलकर काम करने की जरूरत है। खंडपीठ ने केंद्र सरकार को ऑक्सीजन की सप्लाई पर भी दोबारा विचार करने के निर्देश दिए। कहा कि सभी को समय पर ऑक्सीजन की सप्लाई सुनिश्चित बनाई जाए।

हाईकोर्ट ने कहा कि कोरोना के उपचार में जिन दवाओं की सख्त जरूरत है, वे चंडीगढ़ में सेक्टर-16 के सरकारी अस्पताल में गवर्नमेंट कंट्रोल्ड ड्रग सेंटर पर उपलब्ध कराए जाने पर विचार किया जाए। कोर्ट ने मीडिया रिपोर्ट के हवाले से कहा कि ऑक्सीजन ऑटो एंबुलेंस सर्विस को आउटसोर्स करने पर भी विचार किया जाए।

सुनवाई के दौरान हरियाणा और पंजाब सरकार के एडवोकेट जनरल ने हाईकोर्ट में कहा कि राज्य सरकारों को जितनी जरूरत है, उतनी ऑक्सीजन की सप्लाई नहीं हो रही है। पंजाब के एडवोकेट जनरल ने कहा कि 300 एमटी ऑक्सीजन की जरूरत है, जबकि राज्य सरकार को 227 एमटी ऑक्सीजन ही अलॉट की गई है। ऑक्सीजन की सप्लाई में परेशानी हो रही है।

इसके अलावा लाइफ सेविंग ड्रग्स की 600 डोज की जरूरत है, लेकिन यह नहीं मिल रही है। 45 वर्ष से कम आयु के लोगों के लिए वैक्सीनेशन की भी कमी है। 2.64 करोड़ डोज की जरूरत है, जिसके लिए राज्य सरकार ने दो सप्लायर्स को डिमांड भी भेजी है, लेकिन यह पूरी नहीं हो रही है।

केंद्र सरकार की तरफ से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल सत्यपाल जैन ने कोर्ट में कहा कि ऑक्सीजन की सप्लाई में भेदभाव नहीं किया जा सकता। ऑक्सीजन की सप्लाई बाय एयर नहीं की जा सकती, क्योंकि यह ज्वलनशील होती है। सड़क और रेल परिवहन से ही ऑक्सीजन की सप्लाई की जा सकती है।

कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की पुुलिस को छूट

हाईकोर्ट ने कहा कि एक तरफ कुछ ऐसी स्वयंसेवी संस्थाएं हैं, जो इस मुश्किल घड़ी में हर तरह से परेशान लोगों को सहयोग कर रहीं हैं। वहीं, दूसरी तरफ कुछ ऐसे मौकापरस्त लोग भी हैं, जो इस परेशानी के समय में भी कालाबाजारी करने में जुटे हैं। ऐसे में कोर्ट पुलिस को इन लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की छूट दे रहा है।

ऑक्सीजन की सप्लाई में देरी से हो रही मौतें

एमिक्स क्यूरी (अदालत के सहयोगी) ने सुनवाई के दौरान कहा कि ऑक्सीजन सप्लाई को लेकर गंभीर स्थिति है। राउरकेला और जामनगर से सप्लाई होने के चलते ऑक्सीजन देरी से पहुंच रही है, जिस कारण पंजाब-हरियाणा में मौतें हो रही हैं। ऐसे में व्यवस्था को दुरुस्त किए जाने की जरूरत है।

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