याचिका / विवाह में 50 लोगों के शामिल होने के सरकार के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती

याचिका में चंडीगढ़ की बापूधाम कालोनी का उदाहरण देते हुए कहा गया कि यहां मैरिज एनिवर्सरी में शामिल होने के कारण कोरोना वायरस तेजी से फैल गया है जिसके चलते 129 लोग प्रभावित हो चुके हैं। ऐसे में यह समझने की जरूरत है कि विवाह समारोह में लोगों को जमा न होने दिया जाए। याचिका में चंडीगढ़ की बापूधाम कालोनी का उदाहरण देते हुए कहा गया कि यहां मैरिज एनिवर्सरी में शामिल होने के कारण कोरोना वायरस तेजी से फैल गया है जिसके चलते 129 लोग प्रभावित हो चुके हैं। ऐसे में यह समझने की जरूरत है कि विवाह समारोह में लोगों को जमा न होने दिया जाए।
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याचिका में चंडीगढ़ की बापूधाम कालोनी का उदाहरण देते हुए कहा गया कि यहां मैरिज एनिवर्सरी में शामिल होने के कारण कोरोना वायरस तेजी से फैल गया है जिसके चलते 129 लोग प्रभावित हो चुके हैं। ऐसे में यह समझने की जरूरत है कि विवाह समारोह में लोगों को जमा न होने दिया जाए।याचिका में चंडीगढ़ की बापूधाम कालोनी का उदाहरण देते हुए कहा गया कि यहां मैरिज एनिवर्सरी में शामिल होने के कारण कोरोना वायरस तेजी से फैल गया है जिसके चलते 129 लोग प्रभावित हो चुके हैं। ऐसे में यह समझने की जरूरत है कि विवाह समारोह में लोगों को जमा न होने दिया जाए।

  • वकील एचसी अरोड़ा ने हाईकोर्ट में दाखिल की याचिका
  • बापूधाम कालोनी में समारोह में कई लोग पॉजिटिव हुए

दैनिक भास्कर

May 22, 2020, 10:04 PM IST

चंडीगढ़. (ललित कुमार). विवाह समारोह में 50 लोगों के शामिल होने की अनुमति दिए जाने संबंधी गृह मंत्रालय के दिशा निर्देशों को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर चुनौती दी गई है। वकील एचसी अरोड़ा की तरफ से दाखिल याचिका में 17 मई को जारी गृह मंत्रालय के दिशा निर्देशों को खारिज करने की मांग की गई है। मौजूदा लॉकडाउन अवधि में विवाह जैसे समारोह में 50 मेहमानों को शामिल किए जाने की अनुमति दी गई है।

इनमें बैंड वाला, सजावट वाला और कैटरिंग आदि से जुड़े लोग शामिल नहीं है। याचिका में चंडीगढ़ की बापूधाम कालोनी का उदाहरण देते हुए कहा गया कि यहां मैरिज एनिवर्सरी में शामिल होने के कारण कोरोना वायरस तेजी से फैल गया है। जिसके चलते 129 लोग प्रभावित हो चुके हैं। ऐसे में यह समझने की जरूरत है कि विवाह समारोह में लोगों को जमा न होने दिया जाए।

खास तौर पर बुजुर्ग, गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों को शामिल होने की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए। याचिका में कहा गया कि इन समारोह में सोशल डिस्टेसिंग का भी ध्यान नहीं रखा जा सकता। मिलनी व खाना एक साथ खाने के चलते इन नियमों का पालन नहीं किया जा सकता। लिहाजा दिशा निर्देशों को खारिज कर 20 लोगों के जमा होने की अनुमति संबंधी पहले जारी निर्देशों को ही बनाए रखा जाए।

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