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स्पोर्ट्स:चंडीगढ़ में जूडो-बॉक्सिंग समेत आठ खेलों की शुरू होगी ट्रेनिंग; स्पोर्ट्स डिपार्टमेंट ने जारी किया ऑर्डर, फिटनेस और इंडिविजुअल ट्रेनिंग का होगा आगाज

चंडीगढ़9 महीने पहले
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पहले फेज में 6 गेम्स की ट्रेनिंग को शुरू किया गया था जिसमें फिजिकल कॉन्टैक्ट न के बराबर होता था। बैडमिंटन, टेनिस टेबल टेनिस, वेटलिफ्टिंग, आर्चरी और एथलेटिक्स इसमें शामिल थे। - Dainik Bhaskar
पहले फेज में 6 गेम्स की ट्रेनिंग को शुरू किया गया था जिसमें फिजिकल कॉन्टैक्ट न के बराबर होता था। बैडमिंटन, टेनिस टेबल टेनिस, वेटलिफ्टिंग, आर्चरी और एथलेटिक्स इसमें शामिल थे।
  • कोविड-19 महामारी के कारणा लगाए गए लॉकडाउन में सभी गेम्स को पूरी तरह से बंद कर दिया गया था
  • पहले फेज में फिजिकल कॉन्टैक्ट नहीं होने वाले 6 गेम्स की ट्रेनिंग को शुरु करने की मंजूरी दी गई थी

(गौरव मारवाह) चंडीगढ़ के बॉक्सिंग, जूडो, खो-खो, कबड्डी,रोइंग, ताइक्वांडो, रेसलिंग और योगा से जुड़े एथलीट्स अब घर से बाहर निकलकर मैदान में ट्रेनिंग कर पाएंगे। चंडीगढ़ स्पोर्ट्स डिपार्टमेंट ने इसकी मंजूरी दे दी है। इसमें आठ गेम्स को शामिल किया गया है, जिन्हें कैटेगरी-सी में रखा गया था। इसमें कॉम्बेट गेम्स भी शामिल हैं। कोविड-19 महामारी के कारणा लगाए गए लॉकडाउन में सभी गेम्स को पूरी तरह से बंद कर दिया गया था। लेकिन, अनलॉक के साथ कुछ गेम्स को परमिशन दे दी गई थी।

पहले फेज में फिजिकल कॉन्टैक्ट नहीं होने वाले 6 गेम्स की ट्रेनिंग को शुरु करने की मंजूरी दी गई थी। जिसमें बैडमिंटन, टेनिस, टेबल टेनिस, वेटलिफ्टिंग, आर्चरी और एथलेटिक्स शामिल थे। इसके दो महीने बाद कुछ और गेम्स को शुरू करने का फैसला किया गया जो टीम के साथ खेली जाती हैं। इसमें फुटबॉल, क्रिकेट आदि गेम्स शामिल थीं। इसमें भी प्लेयर्स को सिर्फ ट्रेनिंग की ही परमिशन थी और वे मुकाबला नहीं कर सकते थे। आदेश अभी भी वैसे ही हैं।

फिटनेस के साथ होगा आगाज

ऑर्डर में कहा गया है कि सभी आठ गेम्स की ट्रेनिंग अभी फिटनेस के साथ ही होगी। प्लेयर्स को यहां पर एक दूसरे के साथ मुकाबला करने का मौका नहीं मिलेगा और सभी को एसओपी को भी फॉलो करना होगा। एक दूसरे के संपर्क में आए बिना ही ट्रेनिंग करनी होगी।इस फैसले का सभी को इंतजार था:यूटी स्पोर्ट्स डिपार्टमेंट के जूडो कोच विवेक ठाकुर ने कहा कि इस फैसले का इंतजार सभी को हो रहा था और अब प्लेयर्स अच्छे से अपनी ट्रेनिंग कर पाएंगे। पहले ऑनलाइन ट्रेनिंग हो रही थी लेकिन टेक्नीकल ट्रेनिंग बहुत जरूरी है। अब प्लेयर्स मैदान पर आएंगे तो टेक्नीकल ट्रेनिंग कर पाएंगे।