ई-व्हीकल पॉलिसी:140 करोड़ रुपए रखे सब्सिडी के लिए, प्रशासन ई-व्हीकल पाॅलिसी तैयार कर चुका

चंडीगढ़2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
ई-व्हीकल खरीदने वालों को सब्सिडी देने के लिए करीब 140 करोड़ रुपए रखे गए - Dainik Bhaskar
ई-व्हीकल खरीदने वालों को सब्सिडी देने के लिए करीब 140 करोड़ रुपए रखे गए
  • इसी महीने आएगी पॉलिसी, 30 चार्जिंग स्टेशंस का कॉन्ट्रैक्ट भी होगा फाइनल, ई-व्हीकल की खरीद पर मिलेगी सब्सिडी
  • ड्राफ्ट ईवी पाॅलिसी- 1 कनाल या उससे बड़ी हर इमारत में ई-व्हीकल चार्जिंग का इंतजाम होगा अनिवार्य

चंडीगढ़ में वर्ष 2019 तक जहां पांच दिनों में सिर्फ दो इलेक्ट्रिक व्हीकल रजिस्टर होते थे वहीं 2022 में हर रोज एवरेज 4 गाड़ियां रजिस्टर हो रही हैं। ई-व्हीकल पॉलिसी लागू होने और इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होने पर इनकी संख्या तेजी से बढ़ेगी। प्रशासन ई-व्हीकल पाॅलिसी तैयार कर चुका है, जिसकी नोटिफिकेशन इसी महीने होनी है।

ई-व्हीकल खरीदने वालों को सब्सिडी देने के लिए करीब 140 करोड़ रुपए रखे गए हैं। शहर में 30 से ज्यादा चार्जिंग स्टेशन बने हुए हैं, लेकिन अभी शुरू नहीं हुए हैं। डायरेक्टर एन्वायर्नमेंट देबेंद्र दलाई ने कहा कि इसके लिए टेंडर प्रोसेस के जरिए जल्द ही प्राइवेट कॉन्ट्रैक्टर फाइनल किया जाएगा। टेंडर के जरिए ये भी तय किया जाएगा कि इन स्टेशनों में गाड़ी कितने रुपए प्रति यूनिट में चार्ज होगी।

ड्राफ्ट ईवी पाॅलिसी- 1 कनाल या उससे बड़ी हर इमारत में ई-व्हीकल चार्जिंग का इंतजाम होगा अनिवार्य

  • बिल्डिंग बायलाॅज में संशोधन- बिल्डिंग बायलाॅज में संशोधन किया जाएगा। एक कनाल या इससे ज्यादा बड़ी हर बिल्डिंग में कैटेगरी वाइज इलेक्ट्रिक व्हीक्ल्स को चार्ज करने के लिए प्रावधान करना अनिवार्य होगा।
  • नई गाड़ी के लिए सब्सिडी और कन्सेशन- अलग-अलग ई-व्हीकल्स की खरीद पर परसेंटेज के हिसाब से सब्सिडी दी जाएगी। सब्सिडी में कुल 140 करोड़ रुपए के फंड्स का इस्तेमाल होगा। इसके लिए शराब पर सेस भी लगाया जा चुका है।
  • हाई स्पीड चार्जिंग स्टेशन- 15 हाई स्पीड चार्जिंग स्टेशन मिनिस्ट्री ने मंजूर किए हैं जो प्रत्येक 9 स्केव्यर किलोमीटर एरिया में लगेंगे। हर पेट्रोल पंप पर चार्जिंग स्टेशन बनाना भी अनिवार्य होगा। करीब 200 चार्जिंग स्टेशन अगले तीन वर्षों के दौरान चंडीगढ़ में होंगे।
  • बैटरी स्वाइप करने की फैसेलिटी- अगर किसी के पास व्हीकल चार्ज करने के लिए टाइम नहीं है तो वो किसी भी चार्जिंग स्टेशन में बैटरी स्वाइप कर सकता है। इसके लिए तय चार्जिंग स्टेशनों में बैटरी स्वाइप करने की सुविधा रहेगी।
  • पॉलिसी के प्रावधानों को लागू करने से अगले पांच वर्षों में ही शहर में पब्लिक ट्रांसपोर्टेशन से लेकर प्राइवेट व्हीकल्स में अच्छा-खासा बदलाव दिखने को मिलेगा। प्रशासन 2030 तक शहर को कार्बन न्यूट्रल सिटी के तौर पर देख रहा है, जिसके साथ आगे क्लाइमेट चेंज एक्शन प्लान को भी जोड़ा जाएगा।

अब तक बिके 2334 ई-व्हीकल

वर्ष 2015 से लेकर 2019 तक कुल 744 ई-व्हीकल ही रजिस्टर हुए थे। यानि इन पांच वर्षों में प्रत्येक पांच दिनों में सिर्फ 2 गाड़ियां ही रजिस्टर हो रही थीं। इसके बाद जब फ्यूल प्राइस में बढ़ोतरी हुई और ई-व्हीकल्स की मार्केट में उपलब्धता बढ़ी तो 2020 और 2021 में हर रोज करीब 1 से 2 गाड़ियां रजिस्टर होने लगीं। 2022 में इनकी खरीद में और तेजी आई है।

खबरें और भी हैं...