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सोशल मीडिया पर गैंगस्टर:गैंगस्टर मल्टीपल प्रॉक्सी सर्वर व वीपीएन यूज कर रहे, ट्रैक करना मुश्किल; सर्फिंग के दौरान डिवाइस की लोकेशन भी बदल जाती है

चंडीगढ़5 महीने पहलेलेखक: हरपाल रंधावा
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3 साल में 8 बड़ी वारदातें जिन्हें गैंगस्टरों ने दिया अंजाम - Dainik Bhaskar
3 साल में 8 बड़ी वारदातें जिन्हें गैंगस्टरों ने दिया अंजाम

3 साल में 7 हत्याओं से पंजाब को हिलाने वाले बड़े गैंगस्टरों के 100 से ज्यादा पेज सोशल मीडिया पर एक्टिव हैं। हर बड़ी वारदात को अंजाम देने के बाद ये बेखौफ हो जिम्मेदारी भी लेते हैं। इनके एकाउंट कहां से एक्टिव है, पेज कौन ऑपरेट कर रहा है। पुलिस जड़ तक नहीं पहुंच पा रही है। अब तो देसी कट्‌टा जैसे अवैध हथियारों को भी अलग-अलग नाम से फेसबुक पर बेचा जाने लगा है।

भास्कर ने एक्सपर्ट के जरिए समझने की कोशिश की आखिर गैंगस्टर्स के लोकेशन व उनके आईपी एड्रस को ट्रेस करने में पुलिस क्यों नाकाम रहती है, तो पता चला कि गैंगस्टर मल्टीपल प्रॉक्सी सर्वर और वीपीएन का इस्तेमाल कर रहे, इससे यूजर को ट्रैक करना मुश्किल होता है। यही नहीं नेट सर्फिंग के दौरान डिवाइस की लोकेशन भी बदल जाती है।

चिंता- सोशल मीडिया पर गैंगस्टरों के पेज को हजारों युवा फॉलो कर रहे, उन जैसा बनने का मन बना रहे

4 कुख्यात गैंगस्टर जिनके पेज सोशल मीडिया पर एक्टिव हैं

  1. विक्की गौंडर - 2018 में विक्की गौंडर को पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया था। मौत के बाद भी गौंडर के नाम पर सोशल मीडिया पर 10 पेज एक्टिव हैं।
  2. दविंदर बंबीहा - 2016 को पुलिस एनकाउंटर में मारा गया था। बंबीहा के अभी भी 10 से अधिक फेसबुक पेज है।
  3. गोल्डी बराड़ - कनाडा से जेल में बैठे लॉरेंस के इशारे पर पंजाब, हरियाणा, दिल्ली में काम करता है। सिद्धू मूसेवाला को मारने की जिम्मेदारी बराड़ ने ही ली थी।
  4. लॉरेंस बिश्नोई - जेल में बंद है। फाजिल्का का बिश्नोई देश का सबसे बड़ा गैंगस्टर है। गैंग में 600 शूटर हैं। उसके नाम पर 7 से 8 फेसबुक पेज है।

तकनीक इस्तेमाल में पुलिस से आगे हैं पंजाब के गैंगस्टर

दरअसल गैंगस्टर मल्टीपल प्रॉक्सी सर्वर व वीपीएन (वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क) का इस्तेमाल कर रहे हैं। वीपीएन आपके आइपी एड्रेस को छिपा देता है और उसे होस्ट के रिमोट सर्वर पर रीडायरेक्ट कर देता है। इसकी मदद से जब इंटरनेट को एक्सेस करते हैं तो यह सर्वर एक्सेस किसी और देश का देता है। पंजाब के गैंगस्टर तकनीक इस्तेमाल में पुलिस से आगे हैं।

शशि कांत, पूर्व डीजीपी पंजाब

एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स पेजों को खंगाल रही है, इनकी लिस्टिंग करने के बाद बंद किया जाएगा

फेसबुक, ट्विटर व इंस्टाग्राम आदि पर ज्यादातर फर्जी आईडी, नंबर व पते का इस्तेमाल होता है। एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स मौजूदा गैंगस्टरों व मारे जा चुके गैंगस्टरों के एक्टिव पेजों की सूची तैयार कर रही है। इन्हें बंद करने के लिए गृह मंत्रालय व फेसबुक को लिखेंगे।’
- राजेश कुमार जयसवाल, आईजी साइबर क्राइम डीविजन मोहाली