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किसान आंदोलन को लेकर घिरी भाजपा-जजपा सरकार ने बनाई रणनीति:सरकार को ग्रामीण इलाकों के विकास की आई याद, बढ़ रहे विरोध के बीच अफसर करेंगे काम

चंडीगढ़10 दिन पहले
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सरकार की नीतियों को आमजन तक पहुंचाना होगा। - Dainik Bhaskar
सरकार की नीतियों को आमजन तक पहुंचाना होगा।

प्रदेश में किसान आंदोलन को लेकर घिरी भाजपा-जजपा सरकार को अब ग्रामीण इलाकों के विकास की याद आने लगी है। प्रदेश के हर गांव में अब एक-एक वरिष्ठ एवं क्लास-वन ऑफिसर की ड्यूटी लगाई जाएगी। इन अधिकारियों को ग्रामीण विकास के अलावा, सरकार की नीतियों को आमजन तक पहुंचाना होगा।

अगले तीन दिनों में प्रशासनिक सचिव ऐसे प्रोजेक्ट्स की डिटेल्स भी नोट करेंगे जो न केवल शहर बल्कि ग्रामीण एरिया में पेंडिंग हैं। राशि की कमी से पेंडिंग हैं या कोई तकनीकी पेंच फंसा हुआ है, यह सारी जानकारी जुटाई जाएगी। इस बड़ी योजना के पीछे का कारण नवंबर में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव होना बताया जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि चुनाव की तैयारी के मद्देनजर सरकार ने यह निर्णय लिया है।

लटके कामों को अक्टूबर के अंत तक देनी है गति

सूत्रों का कहना है कि जो भी प्रोजेक्ट्स लटके हैं या उनका काम धीमा चल रहा है, उनको अक्टूबर के अंत तक गति प्रदान करनी है, क्योंकि नवंबर में पंचायत चुनाव होने की प्रबल संभावना है। गांव-गांव नई जिम्मेदारी देने के पीछे यही तक है कि पंचायत चुनाव में चार माह का समय है। फिलहाल सरकार की ओर से पंचायती राज संस्थाओं के विकास कार्य प्रशासकों के हवाले किए गए हैं। इस संदर्भ में दो दिन पहले कैबिनेट की अनौपचारिक बैठक में गहन मंथन हुआ है और इसी दौरान यह निर्णय लिया गया है।

100 नई पंचायतें भी बनीं, वार्डबंदी अभी पूरी नहीं

पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव फरवरी में होने थे, लेकिन कोरोना की वजह से इन्हें टाला जा रहा है। 100 नई पंचायतें भी प्रदेश में बनी हैं। वार्डबंदी का कार्य भी अभी पूरा नहीं हो पाया है। चुनावों में देरी का दूसरा बड़ा कारण किसान आंदोलन भी है। वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को जिले सौंपे गए हैं, ऐसे में वे बड़े प्रोजेक्ट्स पर संबंधित जिले के अधिकारियों के साथ लगातार बैठकें करेंगे। यही नहीं स्टेट मुख्यालय से तुरंत बात कर लटके प्रोजेक्ट्स को गति देने की जिम्मेदारी भी उनकी होगी।

जिले के ग्रामीण इलाकों पर भी उनकी नजर रहेगी। कोरोना की तीसरी संभावित लहर को लेकर भी इन अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। शहर ही नहीं ग्रामीण इलाकों में किस तरह के हालात है, यह सब जानकारी जुटाकर ये सरकार तक पहुंचाएंगे। जहां पर व्यवस्था में गड़बड़ी मिलेगी, उसी अनुसार आगामी तैयारियां की जाएंगी।

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