• Hindi News
  • Local
  • Chandigarh
  • Government Sent Letter To High Power Committee Constituted For Change In PU Senate, Also Asked To Reconsider Interim Order To Appoint Vice President As Chancellor.

बदलाव की ओर...:PU सीनेट में बदलाव को लेकर गठित हाई पावर कमेटी को सरकार ने भेजा लेटर, उपराष्ट्रपति को चांसलर नियुक्त करने के अंतरिम आदेश पर भी पुनर्विचार करने को कहा

चंडीगढ़एक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
चांसलर के नॉमिनी सत्यपाल जैन के मुताबिक सरकार को सिफरिशें गई हैं लेकिन अभी कोविड के कारण मीटिंग नहीं हो पा रही। अगली मीटिंग में इस पर विचार किया जाएगा। मेंबर के तौर पर फिलहाल मेरा टिप्पणी करना संभव नहीं है। - Dainik Bhaskar
चांसलर के नॉमिनी सत्यपाल जैन के मुताबिक सरकार को सिफरिशें गई हैं लेकिन अभी कोविड के कारण मीटिंग नहीं हो पा रही। अगली मीटिंग में इस पर विचार किया जाएगा। मेंबर के तौर पर फिलहाल मेरा टिप्पणी करना संभव नहीं है।
  • ग्रेजुएट कांस्टीट्यूएंसी में मेंबर्स 15 से घटाकर 4 करने पर पंजाब सरकार ने दी सहमति, इनके होंगे चुनाव

PU सीनेट में बदलाव को लेकर गठित हाई पावर कमेटी को पंजाब सरकार ने अपनी सिफारिशों वाला जो लेटर लिखा है, उसमें ग्रेजुएट कांस्टीट्यूएंसी के मेंबर 15 से घटाकर 4 करने पर सहमति दे दी है, लेकिन इनका चुनाव होगा। चांसलर की ओर से इनकी नियुक्ति नहीं की जाएगी। 3 मेंबर पंजाब और एक मेंबर चंडीगढ़ से होगा।

यह भी सिफारिश की है कि वाइस प्रेसिडेंट ऑफ इंडिया को चांसलर नियुक्त करने के अंतरिम आदेश पर पुनर्विचार किया जाए। इसकी बजाय गवर्नर पंजाब को चांसलर नियुक्त किया जाए। सरकार ने PU एक्ट के अनुसार गवर्नेंस में बेहतरी के लिए बदलाव के लिए कहा है। एक्ट के अनुसार चांसलर की नियुक्ति का अधिकार सरकार का है। 1966 में इंटर स्टेट बॉडी कॉरपोरेट होने के कारण यूनिवर्सिटी का चांसलर उपराष्ट्रपति को नियुक्त कर दिया था।

उस समय पंजाब के साथ-साथ हरियाणा और हिमाचल का भी इस यूनिवर्सिटी पर अधिकार था। सरकार ने लिखा है कि नामांकित किए जाने वाले सदस्यों की संख्या 36 से घटाकर 18 करने पर भी उनकी सहमति है लेकिन इसमें से 9 मेंबर चांसलर गवर्नमेंट ऑफ पंजाब से डिस्कस करने के बाद ही नियुक्त करेंगे। कमेटी की सिफारिशों की यूनिवर्सिटी की सीनेट में चर्चा करने के लिए कहा है। इन सिफारिशों की कमेटी की मीटिंग में चर्चा होगी।

टीचरों की चिंता

फैकल्टी में इस बात को लेकर भी चिंता है कि अगर केंद्र सरकार इसको पूरी तरह स्टेट यूनिवर्सिटी घोषित कर देती है तो उनको मिलने वाली ग्रांट का क्या होगा। हालांकि कुछ टीचरों का मानना है कि यूटी में होने के कारण उनको चंडीगढ़ प्रशासन से मदद पहले की भांति मिलती रहेगी। यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमिशन के जरिए करीब डेढ़ दशक पहले ही ग्रांट मिलनी शुरू हुई है, उससे पहले सरकारी कॉलेजों की तरह PU को भी ग्रांट प्रशासन के जरिए ही मिलती थी। नॉन टीचिंग स्टाफ कभी भी इस यूनिवर्सिटी को पंजाब से अलग करने पर राजी नहीं था क्योंकि पंजाब में उनको ज्यादा बेनिफिट मिलते हैं।

बढ़ेगा तनाव

पंजाब की ये सिफारिशें केंद्र सरकार और पंजाब के बीच चल रही तनातनी को और बढ़ा सकती हैं। डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर के तौर पर प्रोफेसर इमैनुअल नाहर की नियुक्ति के समय से दोनों पक्षों के बीच तनाव हुआ था। उस समय केंद्रीय मंत्री सोम प्रकाश धमकी देकर गए थे कि इस सिस्टम को ही खत्म कर दिया जाएगा। नई सीनेट के इलेक्शन लगातार टाले जा रहे हैं और अभी तक जबकि नई एजुकेशन पॉलिसी को कई राज्यों ने नहीं अपनाया और न ही इसके तहत UGC को खत्म किया गया है। उससे पहले ही पंजाब यूनिवर्सिटी में नए एक्ट के तहत रिफॉर्म के नाम पर कमेटी का गठन कर दिया गया। हरियाणा भी इस पर आपत्ति कर सकता है यदि पंजाब के गवर्नर को यहां का चांसलर नियुक्त कर दिया जाएगा तो।

ये बोले चांसलर के नॉमिनी और पुटा सेक्रेटरी

चांसलर के नॉमिनी सत्यपाल जैन के मुताबिक सरकार को सिफरिशें गई हैं लेकिन अभी कोविड के कारण मीटिंग नहीं हो पा रही। अगली मीटिंग में इस पर विचार किया जाएगा। मेंबर के तौर पर फिलहाल मेरा टिप्पणी करना संभव नहीं है। वहीं इस बारे में पुटा सेक्रेटरी अमरजीत सिंह नोरा का कहना है- हम पहले भी इस बारे में लिख चुके हैं कि इस कमेटी का गठन ही गैरकानूनी है। जब तक PU के एक्ट में बदलाव नहीं होता उस समय तक यह सिर्फ खानापूर्ति है। हम पंजाब सरकार के चांसलर की नियुक्ति वाले मसले या नॉमिनेशन में राय पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते। वहीं