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जन संकल्प से हारेगा कोरोना:पति बोले-कोरोना पॉजिटिव हैं तो सोच भी ‘पॉजिटिव’ रखनी है; रोने धोने से भला क्या मिलेगा, बेटी भी कहती थी-आप जल्द ठीक हो जाओगे

चंडीगढ़6 महीने पहले
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अब पूरा परिवार बिल्कुल ठीक है और डॉक्टर्स का आभार जता रहा है। - Dainik Bhaskar
अब पूरा परिवार बिल्कुल ठीक है और डॉक्टर्स का आभार जता रहा है।
  • गंभीर कोरोना संक्रमण होने के बावजूद अपनी इच्छाशक्ति से कोरोना को हराने वालों की जांबाज कहानियां
  • पढ़िए आज चौथी कड़ी- परिवार के 9 लोग कई दिन तक अस्पताल में दाखिल रहे, मगर हार नहीं मानी.

मन के हारे हार है मन के जीते जीत...। कोरोना से लड़ाई में जीत के लिए इन दिनों यह ‘अचूक मंत्र’ किसी दवा से कम नहीं है। यही ‘मंत्र’ कोरोना संक्रमित हुए सोनिया महाजन के परिवार को बचा गया। कोरोना को हराने की पूरी कहानी बता रही हैं पंचकूला सेक्टर-15 की रहने वाली सोनिया महाजन...।

तबीयत खराब हुई तो 11 अप्रैल को मैं पंचकूला के जनरल अस्पताल में दाखिल हो गई। मेरी सीटी स्कैन की रिपोर्ट ठीक नहीं थी। डाॅक्टराें काे शक था कि मुझे काेराेना है। सैंपल लिए गए। 14 अप्रैल काे रिपाेर्ट कोरोना पाॅजिटिव आ गई। मुझे डायबिटीज भी है, जिससे मेरी तबीयत ज्यादा खराब हाे गई। पति अजय महाजन भी काेराेना पाॅजिटिव हो गए। हमें अल्केमिस्ट अस्पताल में रेफर कर दिया गया। कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग हुई ताे मेरी 14 साल की बेटी जिया महाजन भी काेराेना पाॅजिटिव मिली। मेरे भाई मनीष महाजन, भाभी राखी, छाेटा भाई आशीष, भाई का बेटा हर्षिल और दिल्ली से आए दाे रिश्तेदार भी काेराेना पाॅजिटिव हाे गए। आधी रात काे ही परिवार काे घर से उठाकर अस्पताल में एडमिट कर दिया गया।

मैं और मेरे पति दोनों आईसीयू में एडमिट थे। मजबूत रहने के लिए एक-दूसरे की हिम्मत बढ़ाते। कहते कि कोरोना पॉजिटिव हैं तो सोच भी ‘पॉजिटिव’ ही रखनी है। रोने-धोने से भला क्या मिलेगा। डाॅक्टर भी हमें दरवाजे पर लगी खिड़की से थम्ब इंप्रेशन दिखाकर मजबूत होने को कहते। सच कहूं तो दिक्कत भी बहुत हो रही थी। डायबिटीज के कारण इंसुलिन लगती थी। सांस भी नहीं आती थी। चिंता भी थी कि परिवार के 7 मेंबर, जिसमें मेरी बेटी भी थी, सभी अंबाला के मुलाना अस्पताल में दाखिल हैं।

वीडियाे काॅल से रोज बेटी से बात करती। उसे समझाती और मजबूत बने रहने को कहती। कैनेडा रह रही दूसरी बेटी भी मुझे राेज वीडियाे काॅल कर माेटिवेट करती। बाेलती थी, आपकाे कुछ नहीं हाेगा, बिल्कुल ठीक हाेकर घर लाैटाेगे। भगवान के साथ-साथ डाॅक्टर्स पर भी पूरा भराेसा था। ठीक होकर घर पहुंचे ताे पड़ोसियों की तालियों की आवाज सुनकर और उनके चेहरे की मुस्कुराहट देखकर दिल खुश हो गया। लाेगाें को यही कहना चाहूंगी कि कोरोना हो जाए तो एक बात याद रखनी है कि लाखों लोग कोरोना को मात दे रहे हैं और मैं भी दे दूंगा। विल पावर मजबूत रखें। भगवान और डॉक्टर्स भी भरोसा बनाए रखें, सब ‘ऑल इज वेल’ हो जाएगा।

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