काेर्ट की चंडीगढ़ पुलिस काे फटकार:कैदी काे मास्क पहनाकर पेश करने के पैसे नहीं हैं ताे हमसे ले लेते; टिप्पणी- अगर पैसे नहीं थे ताे काेर्ट से मांग लेते, काेविड नियमाें का उल्लंघन क्याें किया ?

चंडीगढ़4 महीने पहले
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एक मामले में कैदी रवि गंभीर काे काेर्ट के समक्ष पेश किया और उसने मास्क नहीं पहना था इस पर काेर्ट ने सख्त आपत्ति जताई। - Dainik Bhaskar
एक मामले में कैदी रवि गंभीर काे काेर्ट के समक्ष पेश किया और उसने मास्क नहीं पहना था इस पर काेर्ट ने सख्त आपत्ति जताई।

डिस्ट्रिक्ट कंज्यूमर कमीशन-2 के अध्यक्ष राजन दीवान ने चंडीगढ़ पुलिस काे फटकार लगाते हुए कहा है कि कैदियाें काे काेर्ट के समक्ष पूरे काेविड नियमाें के साथ पेश करना चाहिए। एक मामले में कैदी रवि गंभीर काे काेर्ट के समक्ष पेश किया और उसने मास्क नहीं पहना था। इस पर काेर्ट ने सख्त आपत्ति जताई। काेर्ट ने यह भी कहा कि अगर चंडीगढ़ पुलिस के पास कैदियाें के लिए मास्क के फंड्स की कमी है ताे वह कमीशन से 5 हजार रुपए तक फंड ले सकती है।

काेर्ट ने चंडीगढ़ पुलिस से कहा कि वह अपना एकाउंट नंबर IFS काेड के साथ अदालत काे दे दें ताकि अदालत ऑनलाइन पैसा उनके खाते में जमा करवा सकें। जनता के वेलफेयर और जनता की हेल्थ काे प्राथमिकता पर रखने के लिए अदालत इस तरह के खर्च के लिए तैयार है। काेर्ट ने मामला माॅडल जेल, बुड़ैल के पुलिस अधीक्षक के संज्ञान में लाने के निर्देश भी दिए गए हैं।

संताेष वैद्य ने रवि गंभीर काे माॅड्यूलर किचिन और बाथरूम का रेनाेवेशन का काम दिया था। 15 दिन में काम पूरा करना था। तीन महीने तक काम लटका कर रखा। 3.55 लाख रुपए ले लिए। जबकि काम सिर्फ 50 हजार का ही किया था। बाकी लटकाकर रखा। इस केस में काेर्ट के ऑर्डर न मानने पर संताेष वैद्य ने इसके खिलाफ एग्जीक्यूशन एप्लीकेशन दायर की थी।

आराेपी ने बेल बाॅन्ड न भरने पर अदालत ने उसे बुड़ैल जेल भेज दिया। वीरवार काे भी पुलिस ने उसे कमीशन में पेश किया। मास्क पहनने की वजह से दाेबारा बेल बाॅन्ड नहीं भर सका। लिहाजा अदालत ने उसे 20 जुलाई तक ज्यूडिशियल कस्टडी में भेज दिया।

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