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  • In Addition To Kovid 19, Molecular Lab Will Also Check Viral Diseases, The Load On PGI Will Be Reduced.

कोरोना से राहत की तैयारी:कोविड-19 के अलावा वायरल डिजीज की भी जांच करेगी मॉलीक्यूलर लैब, पीजीआई पर भार कम होगा

चंडीगढ़8 महीने पहले
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फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
फाइल फोटो
  • पीजीआई चंडीगढ़ ने उत्तर भारत में 50 मॉलीक्यूलर वायरोलॉजी लैब स्थापित की

पीजीआई चंडीगढ़ ने उत्तर भारत में 50 कोविड मॉलीक्यूलर लैब की स्थापित की हैं। यह लैब कोविड-19 के अलावा अन्य वायरल डिजीज की भी जांच करने में अहम भूमिका निभाएंगी। पीजीआई ने सेंटर आफ एक्सीलेंस के तौर पर सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजेज को सहारा देते हुए उनमें मॉलीक्यूलर वायरोलॉजी लैब बनाई हैं।

पीजीआई के डायरेक्टर प्रो. जगत राम ने वायरोलॉजी डिपार्टमेंट की प्रो. मिनी पी सिंह को बधाई देते हुए इन इंस्टीट्यूट्स को गाइडेंस देने की सराहना की है। प्रो. ने कहा कि कोविड-19 आने से पूरे उत्तर भारत में मुश्किलें बढ़ गईं थीं क्योंकि शुरुआती दौर में यहां बहुत कम ऐसी लैब्स थीं, जो कि कोविड-19 जैसी बीमारी की टेस्टिंग कर सके। इन 50 मॉलीक्यूलर लैब्स से अब न केवल कोविड के खिलाफ लड़ाई में मदद मिलेगी। यह लैब बाकी बहुत सी वायरल और इंफेक्शियस बीमारियों को डायग्नोज करने में मदद करेंगी। जिससे पीजीआई पर भी टेस्टिंग का भार कम होगा। प्रो. मिनी पी सिंह ने कहा कि यह टीम एफर्ट है। बिना उन्हें ट्रेनिंग दिए जाने और उनके उत्साह के बिना इतनी बड़ी कामयाबी नहीं मिल सकती थी।

इससे पहले इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च ने पीजीआई चंडीगढ़ को पूरे भारत में से 14 सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस में से उत्तर भारत में केवल पीजीआई चंडीगढ़ को ही यह दर्जा दिया था। यह लैब पंजाब, हरियाणा, जम्मू कश्मीर, उत्तराखंड, लेह और लद्दाख के विभिन्न मेडिकल कॉलेज में स्थापित की गई हैं। लुधियाना के सीएमसी और डीएमसी हॉस्पिटल इसी प्रोग्राम के तहत कोविड-19 की लैब स्थापित की गई है। इनकी गुणवत्ता बनाए रखने के लिए पीजीआई चंडीगढ़ और आईसीएमआर तीन महीने में एक बार इनका क्वालिटी कंट्राेल और क्वालिटी एश्योरेंस को सुनिश्चित करेगा।

170 फैकल्टी और टेक्नीकल स्टाफ को दी ट्रेनिंग
वायरोलॉजी डिपार्टमेंट की प्रोफेसर डॉ. मिनी पी सिंह ने बताया कि इन 50 कोविड मॉलीक्यूलर लैब को ऑपरेट करने के लिए 170 फैकल्टी और टेक्निकल स्टाफ को ट्रेनिंग दी गई है। जो कि आने वाले समय में हजारों हेल्थ वर्करों को इन लैब को ऑपरेट करने की समय-समय पर ट्रेनिंग देते रहेंगे। ये सभी 50 कोविड मॉलीक्यूलर लैब रियल टाइम पीसीआर लैब टेस्टिंग करेंगी।

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