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  • In Chandigarh, More Than 100 Years Old Trees Are Still Lukewarm, Giving Their Travel Moments, Under The Broad Trunk And Long Branches To The People

चंडीगढ़ धरोहर वृक्ष:चंडीगढ़ में 100 साल से ज्यादा उम्र के पेड़ अभी भी गुनगुना रहे अपने सफर के पलों को, चौड़े तने और लंबी डालियों के नीचे लोगों को दे रहे सुकून

चंडीगढ़6 महीने पहले
शहर के सेक्टर-17 में लगा पुराना पीपल का पेड़। फोटो लखवंत सिंह
  • शहर में 31 स्थानों पर आज भी खड़े है पुराने पेड़, लोगों को ठंडक और छांव दे रहे
  • प्रशासन और डिपार्टमेंट ऑफ फॉरेस्ट एंड वाइल्ड लाइफ ने इनकी जानकारी के लिए पेड़ों के पास प्लेट लगाई

(लखवंत सिंह). चंडीगढ़ हरियाली और रंग बिरंगे फूलों व पेड़ों वाला शहर है। यहां सड़कों किनारे लगे पेड़ों पर हर मौसम में अलग-अलग तरह के फूल खिलते है। शहर में अभी भी कई स्थानों पर 100 साल से ज्यादा उम्र के पेड़ खड़े है। इन पुराने पेड़ों पर अब चंडीगढ़ प्रशासन और डिपार्टमेंट ऑफ फॉरेस्ट एंड वाइल्ड लाइफ की ओर से अब इन पेड़ों के पास इनकी जानकारी देने के लिए चंडीगढ़ के धरोहर वृक्ष की प्लेट लगा दी गई है। इस प्लेट पर इन पेड़ों की ओर से लिखा गया है कि उन्होंने अपने इतने लंबे सफर में कई कुछ देखा है ।

सुखना लेक किनारे 150 साल पुराना पीपल का पेड़
सुखना लेक किनारे 150 साल पुराना पीपल का पेड़

शहर में सालों पुराने 31 पेड़

शहर में विभिन्न स्थानों पर उम्र दराज 31 से अधिक पेड़ है जिनकी उम्र 100 से 150 साल के बीच है। इन पेड़ों को विभाग की ओर से खोज कर इन्हें चंडीगढ़ धरोहर वृक्ष का नाम दिया गया है। शहर में सेक्टर-9 ए, सेक्टर-14 पीजीआई, पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज,सेक्टर-9सी,सेक्टर-10 सी,सेक्टर-17, सुखना लेक और सेक्टर-19 सहित कई हिस्सों में आम,पीपल और बड के पुराने पेड़ जमे हुए है।

सेक्टर-17 में डीसी ऑफिस के पास लगा पुराना पेड़
सेक्टर-17 में डीसी ऑफिस के पास लगा पुराना पेड़

सुखना लेक पर खड़ा पीपल

शहर की सुखना लेक पर लगे पीपल के पेड़ की उम्र 150 साल से अधिक है। यह पेड़ 75 फीट उंचा और 20 फीट चौड़े इलाके में फैला हुआ है। इस पेड़ का एक हिस्सा सुखना लेक के पानी के साथ लगा हुआ है। लोग इस पेड़ के नीचे दोपहर के समय ठंडी हवा लेने के लिए काफी संख्या में बैठे होते है। यह पेड़ शहर में सबसे पुराने पेड़ों में से एक है। यहां लगी प्लेट पर लिखा हुआ है कि मैं सुखना लेक की हर हलचल का साक्षी हूं। लोग मेरे आसपास बैठ कर अपने जीवन के यादगार लम्हों काे याद करते है। सुखना लेक को पर्यटक स्थल बनने के सफर का साक्षी हूं। पेड़ के पास लगाई प्लेट पर एक स्कैन कोड भी डिपार्टमेंट की ओर से लगाया गया है जिस पर स्कैन करने से इस पेड़ के बारे में और भी जानकारी मिलती है।

सुखना लेक पर पुराने पीपल की टहनियां लेक को टच करती है
सुखना लेक पर पुराने पीपल की टहनियां लेक को टच करती है

सेक्टर-17 सी में डीसी ऑफिस के पास लगा पेड़

शहर के सेक्टर-17 सी में डीसी ऑफिस और बैंक स्क्वायर के पास खड़ा 100 साल से ज्यादा उम्र का पेड़ भी लोगों को धूप और गर्मी से बचा रहा है। इस पेड़ के पास लगाई डिपार्टमेंट की ओर से लगाई प्लेट पर इस पीपल के पेड़ की ओर से लिखा गया है कि मैंने शहर के गांवों को शहर में बदलते देखा है। मेरे पास रोजाना सैकड़ों लोग आकर अपना दुख दर्द सांझा करते है और यादगार पल बिताते है।

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