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  • Inspired By Real Life 'Maya'; Talks About The Emotional Attachment And Natural Competition Of Two Sisters In Adolescence Age.

वेटनरी डॉक्टर की चाैथी बुक रिलीज:रियल लाइफ से इंस्पायर्ड है-‘माया’; किशोर अवस्था में पहुंची दो बहनों के भावनात्मक जुड़ाव और स्वभाविक प्रतिस्पर्धा पर करती है बात

चंडीगढ़22 दिन पहले
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डॉ.राणा प्रीत गिल पंजाब में एनिमल हस्बेंडरी डिपार्टमेंट में काम करती हैं। वर्तमान में वह होशियारपुर जिले में एनिमल हेल्थ ऑफिसर हैं। अब तक उनकी तीन किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं, जिनमें दो नॉवल कॉलेज ईयर्स व  द मिसएडवेंचर्स ऑफ ए वेट और मिडिल्स का एक कलेक्शन है। - Dainik Bhaskar
डॉ.राणा प्रीत गिल पंजाब में एनिमल हस्बेंडरी डिपार्टमेंट में काम करती हैं। वर्तमान में वह होशियारपुर जिले में एनिमल हेल्थ ऑफिसर हैं। अब तक उनकी तीन किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं, जिनमें दो नॉवल कॉलेज ईयर्स व  द मिसएडवेंचर्स ऑफ ए वेट और मिडिल्स का एक कलेक्शन है।

किशोर अवस्था में भाई बहनों के बीच होने वाले स्वभाविक कंपीटिशन का वर्णन करती है किताब ‘माया’ जो कि एक रियल लाइफ से प्रेरित है। वेटनरी डॉक्टर राणा प्रीत गिल ने अपनी इस किताब में किशोर अवस्था में पहुंच चुकी दो बहनों-माया और जीनिया के भावनात्मक जुड़ाव का खूबसूरती से वर्णन किया है।

बुधवार को इस किताब को रिलीज किया गया है। अपनी चौथी किताब के बारे में डॉ. राणा प्रीत कौर ने बात की। उन्होंने बताया कि यह किताब दो किशोर बहनों की कहानी के बारे में बात करती है जो अपनी उम्र के साथ ही बड़ी होती कई सारी चुनौतियों का सामना करती हैं।

किताब की कहानी के कई कैरेक्टर्स की मनोस्थिति और अन्य परिस्थितियों पर राणा प्रीत गिल कहती हैं कि ये कहानी आंशिक रूप से एक वास्तविक जीवन की घटना से प्रेरित है जिसने एक किशोर के रूप में मेरा ध्यान खींचा। दोनों बहनें द्वारका के एक उपनगर में गैलेक्सी अपार्टमेंट में अपनी मां के साथ रहती हैं। छोटी बहन माया को बचपन में चिकन पॉक्स हो गया था जिसके बाद उसके चेहरे पर कुछ निशान रह गए थे।

उसके बाद से नाकारात्मक्ता से भरी है और खुद को हमेशा काफी असुरक्षित महसूस करती है। वहीं बड़ी बहन जीनिया की खूबसूरती और आकर्षण सभी को प्रभावित करता है। दोनों बहनों में इस कारण जो तुलना होती है वह उनके बीच एक दरार पैदा कर देती है और जिंदगी के एक मोड़ पर आकर माया कुछ ऐसा कर गुजरती है जो उसे नहीं करना चाहिए था। इसके अलावा किताब की कहानी में कई दिलचस्प मोड़ हैं।

पैंडेमिक में लिखा इस किताब को

पैंडेमिक के दौरान इस किताब को लिखने के एक्सपीरियंस पर उन्होंने बताया- पैंडेमिक के दौरान मैंने अपना ज्यादातर समय एक नई किताब को पढ़ने और रिसर्च में बिताया था जो एक नॉन-फिक्शन प्रोजेक्ट है। ये समय हम सभी के लिए बेहद कठिन और चुनौतीपूर्ण रहा है। इस दौरान लेखन के लिए जो समय मिला,वरदान के रूप में था।

डॉ. राणा प्रीत गिल के बारे में

डॉ.राणा प्रीत गिल पंजाब में एनिमल हस्बेंडरी डिपार्टमेंट में काम करती हैं। वर्तमान में वह होशियारपुर जिले में एनिमल हेल्थ ऑफिसर हैं। अब तक उनकी तीन किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं, जिनमें दो नॉवल कॉलेज ईयर्स व द मिसएडवेंचर्स ऑफ ए वेट और मिडिल्स का एक कलेक्शन है।