प्रोजेक्ट:अगस्त में शुरू होगा इंटेलिजेंट कमांड कंट्रोल सेंटर, पकड़ में आएंगी ओवरस्पीड गाड़ियां

चंडीगढ़8 महीने पहले
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सेक्टर-16-17 लाइट पॉइंट पर लगाए गए कैमरे, जो आईसीसीसी से जुड़ेंगे - Dainik Bhaskar
सेक्टर-16-17 लाइट पॉइंट पर लगाए गए कैमरे, जो आईसीसीसी से जुड़ेंगे
  • 289 लोकेशन पर 1800 कैमरे और 40 ट्रैफिक जंक्शन पर 747 कैमरे लगने से पूरा शहर सर्विलांस पर होगा, 297 करोड़ रुपए का है यह पूरा प्रोजेक्ट

शहर की सुरक्षा, ट्रैफिक मैनेजमेंट, इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम अगस्त तक सेक्टर-17 में बनने वाले इंटेलिजेंट कमांड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) से जुड़ जाएंगे। इसके लिए जगह-जगह लगने वाले कैमरों को ऑप्टिकल फाइबर के जरिए आईसीसीसी से जोड़ा जाएगा।

सेंटर की 60 फुट वाॅल पर लगी एलईडी में फिल्म की तरह तस्वीर दिखने लगेंगी। इससे ओवर स्पीड बेलगाम हो चुके ट्रैफिक सिस्टम को कंट्रोल किया जा सकेगा। वहीं महिलाओं और शहरियों की सुरक्षा होगी। पूरे सिस्टम को 250 किलोमीटर ऑप्टिकल फाइबर से जोड़ा जा रहा है। ट्रायल के तौर पर सेक्टर-17 जगमार्ग की लाइट पॉइंट पर कैमरों से गाड़ियां ओवर स्पीड से पकड़ में आ रही हैं।

वहीं एमसी ऑफिस की बिल्डिंग में लगे कैमरों से बैग या अन्य सामान को भीड़ में लेकर घूमने वाले लोगों की भी पहचान होने लगी है। इस प्रोजेक्ट पर 297 करोड़ खर्च आना है। स्मार्ट सिटी लिमिटेड की ओर से शहरवासियों की सुरक्षा के लिए शहर में 289 लोकेशन पर 1800 सीसीटीवी कैमरा लगवाए जाएंगे। इन्हें सरकारी स्कूल, अस्पताल, कम्युनिटी सेंटर, ट्यूबवेल, वाॅटर वर्क्स, सरकारी ऑफिसर और पार्क शामिल हैं।

इन लोकेशन पर लगने वाले सीसीटीवी कैमरों को बिजली कनेक्शन संबंधित विभाग द्वारा दिया जाएगा। वही उसका खर्च सहन करेगा। इस संबंध में इसी हफ्ते प्रशासन की मीटिंग में फैसला लिया गया है। शहर में 289 लोकेशन पर 1800 कैमरों लगने से इनकी जद में हर वहां से आने -जाने वाले रहेंगे।

इनके लगने से चोरी करने वाले, चेन स्नैचर्स, अवैध निर्माण, अवैध पार्किंग करने और महिलाओं से छेड़छाड़ करने वाले कैमरों से आईसीसीसी के जरिए पकड़ में आ जाएंगे। ऐसे लोगों की आईसीसीसी की 60 फुट की वाल पर लगे एलईडी में प्रॉपर तस्वीर दिखेगी। उसी समय शहर की पुलिस को 40 ट्रैफिक जंक्शन के पोल पर लगी स्क्रीन पर मैसेज फ्लैश होगा। कई जगह अलॉर्म बजने लगेगा। जिससे कि पुलिस आरोपी को समय रहते दबोच लेगी।

ट्रैफिक लाइट जंप करते ही होगा ई-चालान
इनके लगाए जाने से रेड लाइट जंप होते ही व्हीकल ऑनर के नाम पर ई चालान हो जाएगा। इसके अलावा 40 में से 10 ट्रैफिक लाइट जंक्शन पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉगनाइजेशन और ओवर स्पीड डिटेक्शन सिस्टम(ओएसडीएस) कैमरा लगेंगे। इनके लगने से व्हीकल ओवर स्पीड पर उसकी नंबर प्लेट से पकड़ में आएंगे। वहीं शहर के 20 एंट्री पॉइंट पर भी कैमरा लगेंगे।

जिससे की व्हीकल चालक भी आइडेंटेटिफाई हो सकेंगे। वहीं 40 ट्रैफिक जंक्शन के जरिए शहर के ट्रैफिक मैनेजमेंट, इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम को भी मैनेज किया जा सकेगा। किसी रोड पर ट्रैफिक जाम होने की स्थिति में आईसीसीसी पर मैसेज पहुंचेगा। ऐसे में अगली लाइट का टाइम बढ़ाकर वहां से ट्रैफिक को निकाला जा सकेगा। या फिर ट्रैफिक को डायवर्ट किया जा सकेगा।

शहर में 289 लोकेशन पर 1800 सीसीटीवी कैमरा लगेंगे, शहर के 20 एंट्री पॉइंट और 40 ट्रैफिक जंक्शन पर 747 कैमरा लगने हैं। इससे पूरा शहर सर्विलांस पर हो जाएगा। इनको कंट्रोल सेक्टर 17 के आईसीसीसी पर होगा। यह प्रोजेक्ट अगस्त माह में शुरू हो जाएगा। इसके शुरू होने से शहर में व्हीकल चोरी, रैश ड्राइविंग, आवारागर्दी करने, इलीगल पार्किंग और अतिक्रमण करने वाले पकड़ में आ जाएंगे।

महिलाओं की सुरक्षा बढ़ेगी, शहर की ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार होगा। शहर की सड़कें भी सुरक्षित हो जाएंगी। -केके यादव, कमिश्नर एवं सीईओ चंडीगढ़ समार्ट सिटी

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