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1000 करोड़ का घोटाला:सिंचाई घोटाले के मुख्यारोपी गुरिंदर से 4 घंटे तक पूछताछ, मंत्रियों-अफसरों की भूमिका तलाश रही विजिलेंस

चंडीगढ़5 महीने पहले
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अकाली-भाजपा सरकार में हुए 1000 करोड़ रुपए के सिंचाई घोटाले में अब तक मुख्य आरोपी माने जा रहे ठेकेदार गुरिंदर सिंह से विजिलेंस ने बुधवार को लगभग 4 घंटे तक पूछताछ की। यह पूछताछ विजिलेंस ने मोहाली स्थित ऑफिस में की और करीब 80 के लगभग सवाल पूछे। गुरिंदर से पूछा गया कि संबंधित सिंचाई प्रोजेक्ट कब दिया गया था। इसमें कौन-कौन सी नहरों का काम होना था और किस-किस ठेकेदार को यह काम सौंपा गया था। इसके साथ मंत्रियों और अधिकारियों की क्या भूमिका रही है।

सूत्रों का कहना है कि गुरिंदर इन सभी सवालों के स्पष्ट उत्तर नहीं दे पाया है, इसलिए अब विजिलेंस जहां उससे दोबारा पूछताछ करेगी, वहीं विभिन्न पूर्व मंत्रियों और अधिकारियों से पूछताछ की तैयारी कर रही है। अब तक जांच में विजिलेंस ने पूर्व सिंचाई मंत्री जनमेजा सिंह सेखों और पूर्व मंत्री शरणजीत सिंह ढिल्लों और 3 रिटायर्ड आईएएस अफसरों के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी किया।

एक-दो दिन में सेखों और ढिल्लों से पूछताछ करेगी विजिलेंस

गुरिंदर ठेकेदार ने मामले में विजिलेंस को पूर्व सिंचाई मंत्री जनमेजा सिंह सेखों और पूर्व मंत्री शरणजीत सिंह ढिल्लों और 3 रिटायर्ड आईएएस अफसरों के नाम लिए थे। सेखों और ढिल्लों से एक-दो दिन में विजिलेंस पूछताछ कर सकती है।

ठेकेदार ने कहा था-काम दिलाने को मोटी रकम दी

गुरिंदर ठेकेदार से पूछताछ के बाद अब संबंधित अफसरोें व पूर्व मंत्रियोें से अब उनसे एक-एक करके विजिलेंस के जांच अधिकारी पूछताछ करेगी। विजिलेंस ने अगस्त 2017 में गिरफ्तार घोटाले के मुख्य आरोपी ठेकेदार गुरिंदर सिंह ने शपथ पत्र देकर कहा था कि काम दिलाने, बिल पास करने और टेंडर के नियम व शर्तों को उसके मुताबिक बनाने के लिए उनसे मोटी रकम हासिल की थी।

सिंचाई विभाग में अफसर तक गुरिंदर की पसंद के लगते थे

गुरिंदर सिंह के बारे में कहा जाता है कि सिंचाई विभाग में नीचे से लेकर ऊपर तक अफसर भी उसकी पसंद के ही लगते थे। 2006 में 4.75 करोड़ रुपए की उसकी कंपनी मात्र दस वर्ष में 300 करोड़ रुपए की हो गई। इस मामले में गुरिंदर सिंह और विभाग के रिटायर्ड चीफ इंजीनियर को गिरफ्तार किया था।

31 करोड़ रिश्वत की लेन देन की विजिलेंस कर रही जांच

विजिलेंस के जांच अफसर उन तथ्यों की जांच कर रहे हैं, जिनमें ठेकेदार गुरिंदर ने कहा था कि विभाग में विभिन्न पदों पर तैनात रहे आला अधिकारियों को कुल 21 करोड़ रुपए दिए जबकि राजनेताओं दोनों मंत्रियों को 10 करोड़ रुपए दिए थे।

9 साल में 1000 करोड़ का काम गुरिंदर को अलॉट हुआ

सूत्रों के अनुसार ठेकेदार गुरिंदर सिंह को 2007 से 2016 तक 1000 करोड़ रुपए से ज्यादा के काम अलॉट हुए थे। इसके बदले में गुरिंदर सिंह ने इन तीन अफसरों और दाे पूर्व मंत्रियों को मोटी रकम दी थी। यह बात खुद गुरिंदर पूछताछ में कबूल कर चुका है।

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