कैप्टन ने जानी विधायकों के मन की बात:जालंधर के विधायक बोले, चुनाव में ज्यादा समय नहीं, दोआबा के दलितों पर फोकस करें

चंडीगढ़6 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
प्रशासन में कोई भी ध्यान देने वाला नहीं है। - Dainik Bhaskar
प्रशासन में कोई भी ध्यान देने वाला नहीं है।
  • अमृतसर के विधायकों ने कहा, सिद्धू की बयानबाजी से हो सकता है नुकसान

बरगाड़ी कांड को लेकर अपनी ही पार्टी के नेताओं की बयानबाजी के मद्देनजर सीएम कैप्टन अमरिंदर ने बुधवार को विधायकों के साथ मीटिंग कर उनके मन की बात जानने की कोशिश की। मीटिंग में जालंधर के 6 विधायकों ने सीएम से कहा कि चुनाव में अब ज्यादा समय नहीं है। ऐसे में दोआबा के दलित वर्ग पर फोकस किया जाए। मीटिंग में दोआबा के 15 कांग्रेस विधायक शामिल हुए। कपूरथला के राणा गुरजीत सिंह, होशियारपुर, नवांशहर और फगवाड़ा के विधायक सीएम से रूबरू हुए। सीएम ने विधायकों से पूछा कि नई एसआईटी गठित की जाए या फिर सुप्रीम कोर्ट में केस लेकर जाएं।

राणा गुरजीत सिंह ने इससे पहले जस्टिस रंजीत सिंह कमीशन की रिपोर्ट के फैसले पर सीएम के साथ चर्चा की। वहीं, अमृतसर के विधायकों ने कहा कि पूर्व कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू की बयानबाजी से नुकसान हो सकता है। सरकार और कांग्रेस को इसका जल्द हल निकालना चाहिए। पहली बैठक 12 बजे शुरू हुई और दोपहर 2 बजे तक चली। एक घंटे बाद दोपहर 3 बजे माझा के 15 विधायकों के साथ बैठक शाम पौने 5 बजे तक चली। मीटिंग में सहकारिता व जेल मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा गैरहाजिर रहे। चर्चा है कि बेअदबी के आरोपियों को गिरफ्तार न करने को लेकर रंधावा नाराज हैं।

वियना कांड के पर्चे जल्द रद्द किए जाएं

सीएम के साथ मीटिंग के दौरान ही जालंधर वेस्ट के विधायक सुशील रिंकू ने कहा कि बरगाड़ी कांड का बहुत ज्यादा असर दोआबा में नहीं है। हमारे मसले दलितों की समस्या से जुड़े हैं। आने वाले चुनाव के लिए अकाली दल बसपा से गठजोड़ करने की कोशिश में है, इसलिए हम दलितों के मुद्दे पर फोकस करें। पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप के फंड को लेकर रोज कॉलेजों के बाहर धरने लग रहे हैं। वियना कांड के दौरान हुए पर्चे जल्द रद्द किए जाएं। सरकार ने वादा किया था। वहीं, सेंट्रल हलके के विधायक राजिंदर बेरी ने सीएम से कहा कि एक पखवाड़े के अंदर जालंधर में कोरोना के हालात बेकाबू हो गए हैं। प्रशासन में कोई भी ध्यान देने वाला नहीं है।

खबरें और भी हैं...