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इंटरनेशनल विमन डे-2021:मोटापा कम करने के लिए लाइफस्टाइल में बदलाव जरूरी; खानपान में करें सुधार

चंडीगढ़5 महीने पहले
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एक बातचीत में डॉ. विभा ने बताया कि वजन कम करने के लिए लाइफस्टाइल में बदलाव करने की जरूरत है। सही मायने में खूबसूरती के लिए खानपान में सुधार करने की जरूरत है क्योंकि खानपान से ही शरीर को एनर्जी मिलती है। - Dainik Bhaskar
एक बातचीत में डॉ. विभा ने बताया कि वजन कम करने के लिए लाइफस्टाइल में बदलाव करने की जरूरत है। सही मायने में खूबसूरती के लिए खानपान में सुधार करने की जरूरत है क्योंकि खानपान से ही शरीर को एनर्जी मिलती है।

खूबसूरत और फिट दिखना हर महिला को अच्छा लगता है। लेकिन बहुतों को यह समझ नहीं आता कि इसके लिए क्या करें। भूखे रहें, व्यायाम करें या कुछ और करें। खैर, 8 मार्च को इंटरनेशनल विमन डे है और इसी दिन को ध्यान में रखते हुए विमन मंथ सेलिब्रेट किया जा रहा है। जिसके अंतर्गत आयुर्वेदिक डॉक्टर, डाइटीशियन और फिटनेस कंसल्टेंट व कई ब्यूटी पेजेंट विनर डॉ.विभा ऐसी महिलाओं को मुफ्त में कंसल्टेंसी दे रही हैं। फिटनेस मंथ में अपनी कैंपेन-फैट टू फिट हेल्पलाइन में वह महिलाओं को वजन कम करने के नुस्खे देंगी।

एक बातचीत में डॉ. विभा ने बताया कि वजन कम करने के लिए लाइफस्टाइल में बदलाव करने की जरूरत है। सही मायने में खूबसूरती के लिए खानपान में सुधार करने की जरूरत है क्योंकि खानपान से ही शरीर को एनर्जी मिलती है। कैल्शियम, विटामिन, प्रोटीन, आयरन और अन्य मिनरल्स मिलते हैं जो हमारे शरीर को सही से काम करने लायक बनाते हैं। इसलिए ज्यादा से ज्यादा उन चीजों को खानपान में शामिल करें जो पोषक तत्वों से भरपूर हों।

एक साल में किया 20 किलो वजन कम

डॉ. विभा ने बताया कि प्रेग्नेंसी के दौरान 2011 में उनका वजह बढ़ गया था। 20 किलो कम कर 2012 में वे अपना वजन 74 किलो से 54 किलो पर ले आई थीं। वही आजमाय हुए टिप्स और नुस्खे वह महिलाओं के साथ अपनी हेल्पलाइन पर शेयर करेंगी। इसमें वजन कम करने वालों की मेडीकल हिस्ट्री, ब्लड ग्रुप आदि की डिटेल लेने के बाद उसे कस्टमाइज टिप दिए जाएंगे।

मोटापे में भारत तीसरे नंबर पर

माना जाता है कि दुनियाभर में 15 फीसदी लोग गंभीर मोटापे से ग्रसित है। भारत इस मामले में तीसरे नंबर पर है। पहला नंबर अमेरिका, दूसरा चीन का है। WHO के मुताबिक मध्यम और निम्न मध्यमवर्गीय 80 फीसदी लोग टाइप-2 डायबिटीज के कारण दम तोड़ देते हैं। 2030 तक इस आंकड़े का दोगुना होने का अनुमान है।

मोटापे से 13 तरह का कैंसर

ICMR के मुताबिक कुपोषण की तरह ही मोटापा भी महामारी का रूप ले रहा है। देश की करीब 13 फीसदी आबादी इससे पीड़ित है। मोटापे से ब्लड-प्रेशर, दिल की बीमारी, डायबिटीज, स्लीप एप्निया, जोड़ों का दर्द, थायराइड जैसी गंभीर बीमारियां हो रही हैं। मोटापे के कारण 13 तरह के कैंसर का खतरा भी है। इसे रोका नहीं गया तो हर साल सरकार को हैल्थ केयर पर एक हजार करोड़ रुपए का खर्च अनुमानित है। करीब 18 साल तक चली जामा की स्टडी में 93 हजार महिलाओं का सर्वे किया गया। इससे पता चला कि मोटे व्यक्ति में कैंसर की आशंका बढ़ जाती है। 32.5 से अधिक BMI का व्यक्ति गंभीर मोटापे का शिकार माना जाता है। इनके पास सर्जरी के अलावा विकल्प नहीं होता।

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