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किन्नौर लैंड स्लाइड: VIDEO:हादसे में घायल होने वाला शख्स बोला- 'पहाड़ों से पत्थर आते देखकर गाड़ी से कूदने के बाद लहूलुहान हो गया था, दोस्तों की फिक्र भी सता रही थी'

चंडीगढ़2 महीने पहले

हिमाचल प्रदेश के किन्नौर लैंड स्लाइड का एक वीडियो सामने आया है। यह वीडियो इस हादसे में घायल हुए मोहाली के नवीन भारद्वाज ने अपने मोबाइल से बनाया है। वीडियो में लहूलुहान नवीन एक-एक लम्हा साथियों के लिए परेशान नजर आ रहे हैं। वह साथियों को हौसला भी दे रहे हैं और बार-बार मदद की आस में संपर्क भी करने की कोशिश कर रहे हैं। नवीन वही शख्स हैं, जो रविवार दोपहर हुई लैंड स्लाइडिंग में घायल हुए 3 लोगों में शामिल हैं।

मोहाली जिले के कस्बा खरड़ के रहने वाले 37 साल के नवीन भारद्वाज दिल्ली की एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। उन्हें पहाड़ों में घूमने का शौक है। परिजन के मुताबिक कोरोना संक्रमण काल में कई महीने से ‘वर्क फ्रॉम होम’ कर रहे लॉकडाउन की वजह से कहीं घूमने नहीं जा पाए थे, इसलिए जैसे ही कोरोना गाइडलाइंस में ढील मिली तो उसने किन्नौर और लाहौल स्पीति के इस ट्रिप की ऑनलाइन बुकिंग कर ली। इस ट्रिप के लिए टैंपो ट्रैवलर दिल्ली से बुक किया गया था और उसमें कुल 12 लोग सवार थे, जो अलग-अलग राज्यों से थे।

ट्रिप पर गए ज्यादातर लोग एक-दूसरे के लिए अनजान थे। 23 जुलाई को नवीन मोहाली से इस टैंपो ट्रैवलर में चढ़े थे। नवीन के 3 बेटे भी इस ट्रिप पर उसके साथ जाने की जिद कर रहे थे, मगर पिता की इजाजत नहीं मिलने पर नवीन को आखिरी क्षणों में अकेले ही ट्रिप पर जाना पड़ा। लाहौल-स्पीति जा रहा टैंपो ट्रैवलर रविवार दोपहर जैसे ही किन्नौर के बटसेरी में पहुंचा, अचानक भू-स्खलन शुरू हो गया।

इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, पहाड़ से बड़े-बड़े तीन-चार पत्थर टैंपो ट्रैवलर पर आ गिरे। टैंपो ट्रैवलर ने हादसे से चंद मिनट पहले ही वो पुल क्रॉस किया था, जो लैंड स्लाइडिंग के दौरान पत्थर गिरने से टूट गया। बड़े-बड़े पत्थरों की वजह से टैंपो ट्रैवलर बुरी तरह पिचक गया और उसमें सवार 9 लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। नवीन और वेस्ट दिल्ली के शिरिल ऑबरोय बुरी तरह जख्मी हो गए। इस घटना का एक वीडियो सामने आया है।

क्या है वीडियो में?
वीडियो में नवीन के सिर पर चोट लगी हुई है। खून बह रहा है, वह बुरी तरह से सहमा हुआ है और बावजूद इसके साथियों को हौसला दे रहा है। अभी 10 मिनट पहले हमारी गाड़ी वहां पे थी, अचानक पत्थर गिरे। मैं ड्राइवर के पास वाली सीट पर था, जिसके चलते मैं बाहर निकल गया। नीचे गिर गया और वहां अटका रहा। मेरे सिर पर चोट आई है। मुझे नहीं पता, मेरी क्या हालत है। फिर लगभग 300 मीटर भागने के बाद मैंने उस पेड़ (इशारा करते हुए) की आड़ ली।

देखते ही देखते पत्थरों से गाड़ी मलबे की चपेट में आ गई। वहां मेरे एक फ्रेंड हैं। उनके साथ दो और लोग भी हैं। मैं जल्दी से कोशिश करता हूं कि उन तक कैसे पहुंचूं। पुलिस को भी कॉल किया है अभी, लेकिन कॉल फेल हो गई। मैं फिर ट्राई करता हूं कॉल करने की। ...अभी भी पत्थर गिर रहे हैं, ...भई हटो वहां से, पत्थर आ रहे हैं हटो। कहते-कहते दो-तीन भारी पत्थर गिरते दिख रहे हैं, वहीं कुछेक सेकंड के इस अंतराल पर नवीन फिर से दोस्तों को आवाज लगाते हैं, 'किसी पेड़ के पीछे सपोर्ट लो'।

(हांफते हुए) काफी रिस्की हो रहा है नीचे उतरना, फिर भी मैं कोशिश करता हूं। इसी के साथ साथियों के भी चिल्लाने की आवाज सुनाई दे रही है और साथ ही पत्थर गिरते दिख रहे हैं। नवीन साथियों से पूछते हैं-ऊपर कौन है वहां पे...नीचे आओ नीचे। आंटी कहां पर हैं। कौन है आंटी क्या, उनको हम नीचे उठाकर नहीं लेके आ सकते। ...नीचे आ जाओ नीचे।

फिर कुछ सेकंड्स के बाद एक बार फिर से पुलिस को कॉल करने की बात नवीन करते हैं, वहीं इस दौरान एक युवक नीवन की तरफ आते दिखाई देता है। यह कहते हुए वो हमारा एक और फ्रेंड बच गया, पास आने पर पूछते हैं कौन है वहां पे आंटी है। इसके बाद नवीन बता रहे हैं, वो हमारी आंटी ऊपर हैं, पता नहीं उनकी क्या हालत है। गाड़ी नीचे है, कुछ और साथी भी फंसे हैं। गाड़ी में 8 लोग हैं, नीचे कहां तक गई है पता नहीं, अभी भी पत्थर गिर रहे हैं।

पुलिस को इमरजेंसी कॉल की है और काफी फिक्र है उनकी...इसी बीच गाड़ी अचानक दिखना बंद हो जाती है और नवीन अपने दूसरे साथी के साथ सुरक्षित जगह पर लौट जाते हैं। उसमें सवार लोगों की वहीं मौत हो गई। एक-दो पत्थर नवीन को भी लगे जिसकी वजह से उसके कान और सिर में हल्की चोटें आईं। नवीन ने उन्हें बताया कि हादसे के बाद उसे यकीन ही नहीं हो रहा कि वह जिंदा बच गया है।’

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