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बात वरिष्ठ नागरिकों की:चंडीगढ़ में बनेंगे लग्जरी ओल्ड एज होम, फीस देकर हर सुविधा और सुरक्षा मिलेगी; फिलहाल चल रहे हैं तीन

चंडीगढ़3 महीने पहले
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अभी चंडीगढ़ में तीन ओल्ड एज होम हैं। - Dainik Bhaskar
अभी चंडीगढ़ में तीन ओल्ड एज होम हैं।

बच्चों के पास अपने पेरेंट्स के लिए समय ही नहीं है। कुछ की मजबूरी है, क्योंकि दूसरे शहर या विदेश में बस गए तो कुछ अन्य पारिवारिक कारणों से दूर हो गए। नतीजा ये है कि बुजुर्ग अकेले रह रहे हैं। कुछ बुजुर्गों को गंभीर बीमारियां हो जाती हैं तो परिवार वाले उन्हें ओल्ड एज होम में छोड़ना चाहते हैं।

इसके चलते अब चंडीगढ़ में भी न सिर्फ ओल्ड एज होम की डिमांड बढ़ी है। बल्कि लग्जरी होम स्टे जहां पर लोग ज्यादा रुपए देकर रह सकें और सभी सुविधाएं मिल सकें, इसकी जरूरत महसूस हो रही है। आने वाले समय में चंडीगढ़ में भी हाई एंड लग्जरी ओल्ड एज होम बनेंगे, जिसको लेकर तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए लुधियाना और देहरादून में बने दो अलग-अलग होम्स की स्टडी भी की जाएगी, जहां पर सुविधाएं भी अच्छी हैं और फीस भी।

बता दें कि अभी चंडीगढ़ में तीन ओल्ड एज होम हैं। ये सेक्टर-15, सेक्टर-43 और सेक्टर 30 में है। सेक्टर 15 में जो बुजुर्ग रहते हैं उनका खर्च चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से उठाया जाता है। वहीं सेक्टर-43 में नॉमिनल चार्जेस लिए जाते हैं और सेक्टर 30 वाले को सत्य साईं संस्था चलाती है।

इसके अलावा बुजुर्गों के लिए डे केयर सेंटर का काॅन्सेप्ट एक सेंटर में शुरू किया गया है। इसे दूसरे सेंटर्स में भी शुरू किया जाना है। सेक्टर-15 के सीनियर सिटीजन होम में डे केयर सेंटर भी है, जहां फिलहाल कोविड की वजह से इस सुविधा को बंद किया गया है। इसमें 300 बुजुर्गों ने रजिस्ट्रेशन करवाया है। हर रोज करीब 30-40 बुजुर्ग यहां पर आते हैं और होम में रहने वाले बुजुर्गों के साथ से बातचीत कर सकते हैं, हल्की-फुल्की एक्टीविटी भी कर सकते हैं।

प्राइवेट प्लेयर्स के साथ टाइअप कर हाई एंड लग्जरी होम

चंडीगढ़ में अब तैयारी ये भी है कि प्राइवेट कंपनियों के साथ मिलकर लग्जरी हाई एंड होम्स तैयार किया जाए। यह होम ऐसा होगा, जिसे पूरी तरह से विदेशों की तर्ज पर डिजाइन किया जाएगा। रिटायर्ड IAS, IPS या दूसरे बड़े ओहदों या कारोबारी जो चंडीगढ़ में अकेले रह रहे हैं, उनके लिए यह होम होगा। इसके लिए प्राइवेट कंपनियों से ऑफर मांगे गए हैं। एक बार ऑफर आने के बाद प्रशासन तय करेगा कि किस तरह से प्राइवेट कंपनियों के साथ मिलकर इस होम को चलाना है। तय किया जाएगा कि कैसा डिजाइन होगा, किस तरह की सुविधाएं दी जाएंगी और कितनी फीस होगी।

बनने हैं दो ओल्ड एज होम

  1. सेक्टर-34 में भी एक ओल्ड एज होम बनना प्रस्तावित है। ड्राइंग्स वगैरह को लेकर काम पेंडिंग है। हालांकि पिछले कुछ वर्षों से इस प्रोजेक्ट को लेकर कुछ भी नहीं किया गया है। यहां पर भी करीब 80 से ज्यादा बुजुर्गों के रहने लायक जगह होगी। मल्टी स्टोरी बिल्डिंग बनाई जाएगी, ताकि आगे अगर ज्यादा जरूरत पड़ेगी तो इसकी क्षमता बढ़ाकर 150 तक की जा सके।
  2. सेक्टर-24 में एक ओल्ड एज होम बनना है। इसको लग्जरी हाई एंड होम के तौर पर डेवलप किए जाने की प्लानिंग है। करीब 100 से ज्यादा बुजुर्गों के रहने के लिए यहां पर जगह रहेगी। खेलने के लिए जगह भी होगी। इंदिरा हाॅलीडे होम में ये जगह सोशल वेलफेयर डिपार्टमेंट के पास है। इस होम को इसी साल तैयार कर शुरू करने की तैयारी है।

चंडीगढ़ में तीन तरह के ओल्ड एज होम बनेंगे

  1. लग्जरी हाई एंड ओल्ड एज होम: यहां सभी तरह की आधुनिक सुविधाएं होंगी, लेकिन ये पेड होम होंगे, जहां की फीस काफी ज्यादा रहेगी। ये उन लोगों के लिए हैं, जिनके पास संसाधनों की कमी नहीं है, लेकिन अकेले हैं। यहां पर उन्हें हर सुविधा मिलेगी।
  2. मिडिल क्लास के लिए ओल्ड एज होम: यहां पर सुविधाएं तो होंगी, लेकिन चार्जेज काफी कम रखे जाएंगे। अभी इस तरह का होम सेक्टर-43 में चलाया जा रहा है।
  3. गरीब तबके के परिवारों के लिए: इनके लिए भी ओल्ड एज होम की व्यवस्था की जाएगी। इसमें बुजुर्गों को फ्री ऑफ कॉस्ट सभी तरह की सुविधाएं दी जाएंगी।

पेंशन और संपत्ति तो चाहिए, लेकिन बुजुर्गों को ओल्ड एज होम में छोड़ना चाहते हैं

हाल ही में ओल्ड एज होम्स को लेकर प्रशासन की एक मीटिंग हुई थी। इसमें चर्चा हुई कि कुछ परिवार बुजुर्गों को ओल्ड एज होम में छोड़ना तो चाहते हैं, लेकिन उनकी पेंशन और संपत्ति की डिमांड करते हैं। इसलिए जिन बुजुर्गों के पास पैसा-प्रॉपटी है, उनके लिए लग्जरी ओल्ड एज होम बनाए जाने चाहिए। इसमें फीस लेकर सभी सुविधाएं दी जाएंगी। लुधियाना और देहरादून में ऐसे होम खुले हुए हैं।

चंडीगढ़ में सीनियर सिटीजंस की संख्या

2011 की जनगणना के मुताबिक

67078 लोग 60 साल या इससे ज्यादा उम्र के थे सबसे ज्यादा 60 से 65 साल तक के 25 हजार बुजुर्गों की संख्या इसमें थी

2014 में (इलेक्शन डिपार्टमेंट की वोटर्स लिस्ट के हिसाब से)

61868 लोग 60 साल या इससे ज्यादा उम्र के थे

2019 में (इलेक्शन डिपार्टमेंट की वोटर्स लिस्ट के हिसाब से)

83952 लोग 60 साल या इससे ज्यादा उम्र के।

2020-21 में:

85300 लोग करीब 60 साल या इससे ज्यादा उम्र के कुल 4070 बुजुर्गों (65 वर्ष की उम्र या इससे ज्यादा) को ओल्ड एज पेंशन मिलती है। हर महीना करीब 45.93 लाख रुपए इस पर खर्च हाेता है।

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