कोरोना काल-जिंदगी से खिलवाड़ / मुनाफे के लिए प्रतिबंधित कैमिकल्स से सेनेटाइजर बनाकर बेच रहे मैन्युफैक्चरर

Manufacturers selling and making sanitizers from banned chemicals for profit
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Manufacturers selling and making sanitizers from banned chemicals for profit

  • सेनेटाइजर के 25 सैंपलों में से जांच के दौरान 17 सैंपल पाए गए घटिया क्वालिटी के

दैनिक भास्कर

Jun 30, 2020, 08:35 AM IST

चंडीगढ़. कोरोना वायरस फैलने के बाद से कुछ लोग मुनाफाखोरी कर रहे हैं। सरकार को ऐसी शिकायतें मिल रही हैं कि कुछ लोग मुनाफा कमाने के लिए प्रतिबंधित कैमिकल्स का इस्तेमाल सेनेटाइजर बनाने में कर रहे हैं। सरकार के अनुसार ये लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ है। इनकी धरपकड़ के लिए विभाग ने जिला स्तर पर टीमें गठित करने का प्लान तैयार किया है। ऐसे लोगों को ढूंढ़ कर निकाला जाएगा, जोकि महामारी के समय में भी मुनाफा कमाने के चक्कर में हैं।

लोग सोचते हैं कि उन्होंने हाथों को सेनेटाइज कर कोरोना से बचाव कर लिया। लेकिन ऐसा होता नहीं है। क्योंकि घटिया दर्जे का सेनेटाइजर उन तक पहुंचा हुआ हो सकता है। ऐसे लोगों को पकड़कर पुलिस सलाखों के पीछे डालेगी। फूड एंड ड्रग विभाग को घटिया क्वाॅलिटी के सेनेटाइजर बेचने की शिकायतें मिलीं तो 75 जगहों से अल्कोहल बेस्ड सेनेटाइजरों के सैंपल जुटाए।

जिसमें से 25 सैंपलों की जांच की गई और 17 सैंपल घटिया क्वालिटी के पाए गए। विभाग ने जब यह सैंपल कलेक्ट किए तो पाया कि इन सेनेटेाइजरों को प्रिंट रेट पर ही बेचा जा रहा है जबकि कोरोना से बचाव में यह दूसरे सेंटरों जितने प्रभावी नहीं हैं।

राज्य में बड़े स्तर पर छापेमारी करने के लिए टीमें गठित

सेनेटाइजरों में घटिया किस्म के पाए जाने के बाद अब विभाग के अधिकारियों ने फैसला किया है कि सूबे में बड़े स्तर पर ऐसे लोगों को पकड़ने के लिए छापेमारी की जाएगी। ताकि इनको बेचने वालों और बनाने वालों को पकड़ा जा सके। इसके लिए हर जिले में 4 कर्मचारियों की एक टीम गठित की जाएगी। छापेमारी में हेल्थ और पुलिस विभाग की भी मदद ली जाएगी। 

मानकों से कम मात्रा में पाए गए कैमिकल 

डब्ल्यूएचओ के मुताबिक, हैंड सेनेटाइजर एथेनॉल और एल्कोहल से बनता है। जो सेनेटाइजर एथेनॉल से बनता है उसमें 80% एथेनॉल और एल्कोहल से बनता है उसमें 75% से अधिक एल्कोहल नहीं होना चाहिए। जांच इथोनॉल की जगह मेथनॉल को मिलाया जा रहा है। ऐसे में ये सेनेटाइजर किसी काम के नहीं हैं। ऐसे केमिकलों वाले सेनेटाइजर को बेच कर लोगों को बेवकूफ बना कर उनके स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। विभाग इन पर कार्रवाई करेगा।

जान से खिलवाड़ करने वाले नहीं बचेंगे : सिद्धू
स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने कहा-सरकार कोरोना की रोकथाम को लेकर पूरे प्रयास कर रही है। अगर कोई लोगों की जान से खिलवाड़ करने की कोशिश करेगा तो उसे कतई बख्शा नहीं जाएगा। विभाग के पास भी घटिया दर्जे के सेनेटाइजर बेचने की शिकायतें आ रही है। 

एफआईआर होगी दर्ज और दुकान होगी सील...केंद्र ने सेनेटाइजर ~100 प्रति 200 एमएल, मास्क ~8 से 10 तक बेचने की हिदायत दी है। 9 केस दर्ज हुए हैं और 12 केमिस्टों से जुर्माने के ~95 हजार वसूले हैं। घटिया सेनेटाइजर बेचने पर केस और दुकान सील भी होती है।

नर्वस सिस्टम पर असर एलर्जी की भी शिकायत...डॉक्टरों के मुताबिक, सेनेटाइजर में तय मात्रा से अधिक एल्कोहाल या इथनॉल होने से स्किन समेत कई तरह का नुकसान पहुंचता है। 
1. एलर्जी

 2. ड्राइनेंस

3. साइनेंस
4. हाथों में जलन

5. चक्कर आना

6. उल्टी आना

7. छींके आना

8. नर्वस सिस्टम पर असर

कोरोना से संरक्षक नहीं

जबकि मानकों से कम एल्कोहल ओर एथेनॉल पाए जाने पर सेनेटाइजर कोरोना से बचाव नहीं कर सकता।

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