भिवानी में पहाड़ दरकने का मामला:हरियाणा प्रदूषण बोर्ड ने खनन को गलत ठहराया था; सवा साल पहले रिपोर्ट को दबा दिया गया

सनमीन थिंद/चंडीगढ़6 महीने पहले
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​​​​​हरियाणा के भिवानी जिले के डाडम में खनन के दौरान पहाड़ दरकने से पांच लोगों की मौत हो गई। अभी कई दबे हुए हैं। खनन में कंपनी ने कई अनियमितताएं बरती हैं। राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (NGT) के आदेश पर 2020 में एक टीम का गठन किया गया था। इसमें हरियाणा पोल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के अधिकारी भी शामिल थे। सितंबर 2020 में टीम ने जांच शुरू की।

इस टीम में तत्कालीन भिवानी एडीसी, माइनिंग ऑफिसर, फॉरेस्टर ऑफिसर, पोल्यूशन कंट्रोल बोर्ड, तहसीलदार और एसडीएम को भी शामिल किया गया था। इस कमेटी ने अपनी जांच में अनियमितताएं पाईं। कमेटी ने कंपनी को 20 लाख रुपए जुर्माना लगाने की बात लिखी। साथ ही लिखा कि माइनिंग अनसाइंटिफिक तरीके से की जा रही है। बैंच और स्लोप नहीं बनाए जा रहे हैं।

109 मीटर गहराई तक माइनिंग, सैंपल जांच में मिला भूमिगत पानी
कमेटी ने अपनी जांच रिपोर्ट में पाया कि कंपनी ने 109 मीटर तक माइनिंग की हुई है, जिस कारण भूमिगत पानी आ गया। टीम ने जब मौके पर जाकर हाइड्रो वाटर लॉजिस्ट को बुलाया तो उसने पानी के सैंपल लिए। मौके पर कंपनी ने दावा किया कि यह बरसात का पानी है न कि भूमिगत। इसके बाद जब उस पानी को लैब में चैक किया गया तो वह पानी भूमिगत मिला।

घटनास्थल पर बचाव कार्य किया जा रहा है।
घटनास्थल पर बचाव कार्य किया जा रहा है।

कमेटी ने दिए थे माइनिंग बंद करने के आदेश
जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में माइनिंग बंद करने, अनियमितताएं बरतने और जुर्माना लगाने की बात लिख दी थी। यह रिपोर्ट हरियाणा प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड को सबमिट करवा दी गई। परंतु कंपनी ने अपने रसूख के चलते इस रिपोर्ट को क्लोजर रिकमेंडेशन में डाल दिया। इसके बाद दोबारा से नई कमेटी का गठन कर दिया गया, जिसने कंपनी की फेवर में रिपोर्ट तैयार की।

वहीं इस मामले पर हरियाणा प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के मेंबर सेक्रेटरी एस नारायण ने कहा कि अभी कागजात मंगवा रहे हैं। NGT ने ऑर्डर दिए थे। अब खुद भी दोबारा से इसकी जांच करेंगे कि प्रदूषण से संबंधित वॉयलेशन तो नहीं हुई। अभी पता लगाया जा रहा है कि यह किस जोन में आता है। रिकॉर्ड चैक करवाया जा रहा है। एक जॉइंट कमेटी जस्टिस प्रीतम पाल सिंह की अध्यक्षता में भी बनाई हुई थी।

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