मोबाइल मार्केट फायदे में / मोबाइल की सेल 25 प्रतिशत तक बढ़ी, मेड इन इंडिया पहली पसंद, दस दिन में स्टाॅक की शॉर्टेज

फाइल फोटो। फाइल फोटो।
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  • मार्केट में स्टूडेंट्स की भारी भीड़, पेरेंट्स पढ़ाई और काम के लिए दिलवा रहे हैं फोन

दैनिक भास्कर

Jun 30, 2020, 08:33 AM IST

चंडीगढ़. (मनोज अपरेजा) कोरोना वायरस के चलते लॉकडाउन के खुलते ही मोबाइल की सेल में 20 से 25 फीसदी की बढ़ोतरी हो गई है। हालत ये हैं कि छोटे और कम दाम के सेलफोन का स्टॉक भी सीमित ही रह गया है। इसकी वजह यह है कि स्कूल बंद होने की वजह से ज्यादातर बच्चे या तो लैपटॉप या मोबाइल फोन पर पढ़ाई कर रहे हैं।

इसके अलावा लॉकडाउन पीरियड में जिन लोगों के फोन खराब हो गए थे या फिर कुछ लोग नए फोन खरीदना चाहते थे, यह भी एक वजह है। थ्रीवी मार्केटिंग के विक्रम निझावन बताते हैं कि अधिकतर चाइनीज कंपनीज के इंडिया में प्लांट लग गए हैं। लॉकडाउन के दौरान उनका प्रोडक्शन चल रहा था। ऐसे में चाइना ने इन कंपनीज ने वहां से स्टॉक इंपोर्ट करना शुरू कर दिया था। 
लॉकडाउन खुलने के बाद शुरू के दस दिन स्टाॅक की शॉर्टेज रही। लेकिन अब सरकार मई के अंत में इंपोर्ट पर रोक लगा दी। इंपोर्ट ड्यूटी भी 12 से 25 फीसदी बढ़ा दी है। जून से लॉकडाउन खुलने के बाद मार्केट में सामान आना शुरू हो गया है। 
विवेक निझावन बताते हैं कि इन दिनों 50 फीसदी लोग अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए सस्ते मोबाइल खरीद रहे हैं। इस समय 10 से 15 हजार रुपए की रेंज में मोबाइल ज्यादा बिक रहे हैं। पिछले साल जून तुलना में कम कीमत के मोबाइल की सेल में 20 से 25 फीसदी बढ़ोतरी देखने को मिली है। मार्केट में एवरेज सेलिंग प्राइज बढ़ी है। क्योंकि हाई एंड हैंडसेट की सेल अभी ज्यादा नहीं है।  

चाइनीज आइटम का विरोध

मेड इन इंडिया प्रोडक्ट की मार्केट में ज्यादा डिमांड है। आदि देव इंटरनेशनल सेक्टर-22 के मालिक संदीप सिंह ने बताया कि इस समय भारत में बन रहे मोबाइल फोन की ज्यादा डिमांड है। चाइनीज आइटम का लोग विरोध कर रहे हैं। इस समय टैब की डिमांड भी बढ़ी है। इसके अलावा अन्य भारतीय मोबाइल कंपनी के हैंडसेट्स की डिमांड फिर से आने लगी है।

वहीं कंप्यूटर मार्केट के प्रधान नरेश गर्ग उर्फ बॉबी कहते हैं कि जिस तरह से मोबाइल कंपनियों ने भारत में प्रोडक्शन शुरू कर दिया है, ऐसे मोबाइल इंडस्ट्री भी भारत में लगनी चाहिए। इससे लोगों को सस्ती दर पर लैपटॉप और डेस्कटॉप उपलब्ध हो सकेंगे। सरकार को इस बारे में जल्द कदम उठाने चाहिए।

आईपैड की मार्केट में शॉर्टेज
एप्पल के आईपैड की मार्केट में शॉर्टेज है। लोग बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाई के लिए आईपेड लेकर देना चाहे हैं। लेकिन एप्पल के आईपैड के मार्केट में शॉर्टेज है। जानकाराें का कहना है कि मार्केट में इस समय 25 दिन का स्टाॅक उपलब्ध है। अधिकतर कंपनियां जो भारत में मेन्युफैक्चरिंग कर रही हैं, उनके मोबाइल के कंपोनेंट चाइना से आते हैं। अगर चाइना से कंपोनेंट नहीं आए तो मार्केट में हैंडसेट्स की शॉर्टेज हो सकती है। 

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