सतलुज में मिली पाकिस्तानी नाव:जहां मोदी का काफिला फंसा, वहां से 50 किमी दूर मिली; यहां नदी की भारत में एंट्री, इसी कारण माना पाकिस्तान से आई

चंडीगढ़21 दिन पहले

पंजाब के फिरोजपुर में सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने सतलुज नदी से एक पाकिस्तानी नाव बरामद की है। बरामदगी के वक्त यह नाव खाली थी। सुरक्षा एजेंसियों ने जांच शुरू कर दी है। पता लगाया जा रहा है कि यह नाव यहां कब आई? इसमें कौन लोग सवार थे? और इसे यहां लाए जाने का मकसद क्या था?

पाकिस्तानी बोट होने का दावा इसलिए

ये बोट पाकिस्तान की होने का दावा इसलिए है, क्योंकि जिस जगह बोट मिली, वहां सतलुज नदी पाकिस्तान से वापस भारत में दाखिल होती है। ऐसे में नाव पाकिस्तान की तरफ से ही बहाव के साथ आई है। हालांकि यह नाव अचानक आ गई या जानबूझकर किसी मकसद से इसे यहां तक लाया गया? इसकी जांच जारी है। BSF ने अभी तक इस पर कोई ऑफिशियल बयान नहीं दिया है।

सतलुज नदी में जो पाकिस्तानी नाव मिली है, वह उस जगह मिली है, जहां से नदी पाकिस्तान से वापस भारत में प्रवेश करती है।
सतलुज नदी में जो पाकिस्तानी नाव मिली है, वह उस जगह मिली है, जहां से नदी पाकिस्तान से वापस भारत में प्रवेश करती है।

भारत-पाक इंटरनेशनल बॉर्डर से सटे फिरोजपुर एरिया में इस पाकिस्तानी नाव की बरामदगी इसलिए अहम है, क्योंकि दो दिन पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का काफिला यहां नेशनल हाईवे पर फंसा था। PM की सुरक्षा में चूक का मुद्दा राष्ट्रीय बहस का विषय बन चुका है।

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हरिके बैराज से निकलने के बाद सतलुज नदी हुसैनीवाला के रास्ते पाकिस्तान में प्रवेश करती है। उसके बाद नदी का रूट 'जिगजैग' है। हुसैनीवाला से पाकिस्तान में प्रवेश करने के बाद सतलुज नदी फिरोजपुर और फाजिल्का जिलों में 7 जगह वापस भारत में आती है और फिर पाकिस्तान में चली जाती है।

BSF ने शुरू किया सर्च ऑपरेशन
सतलुज नदी में पाकिस्तानी बोट मिलने के बाद BSF ने सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। बीएसएफ की टीम आसपास के इलाकों को खंगालने में जुटी है। पता लगाया जा रहा है कि कहीं कुछ लोग इस नाव के जरिये भारतीय सीमा में तो नहीं आए। हालांकि अभी तक कुछ हाथ नहीं लगा है।

कहीं नशा-हथियार भेजने की कोशिश तो नहीं
इस बोट के जरिये पाकिस्तान से नशा और हथियार भारतीय सीमा में भेजने की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। चूंकि पाकिस्तान से आने वाले ड्रोन अब सुरक्षा एजेंसियों के निशाने पर हैं। पंजाब में BSF का दायरा भी इंटरनेशनल बॉर्डर से 50 किलोमीटर अंदर तक बढ़ा दिया गया है। ऐसे में ड्रोन के अलावा कहीं नाव से तो कुछ आपत्तिजनक नहीं भेजा गया, इस एंगल से जांच की जा रही है। BSF टीम आसपास के इलाकों में देख रही है कि किसी के पैरों के निशान तो नहीं है। इससे पहले वर्ष 2018 में भी इसी तरह की नाव मिल चुकी है।

केंद्र की हाई लेवल जांच कमेटी आज फिरोजपुर जिले में
पाकिस्तानी नाव ऐसे मौके पर बरामद हुई है, जब केंद्र सरकार की हाई लेवल कमेटी PM की सुरक्षा में हुई चूक की जांच के लिए फिरोजपुर पहुंची हुई है। इसमें गृह मंत्रालय के सुरक्षा सचिव सुधीर कुमार, IB के जॉइंट डायरेक्टर बलबीर सिंह और SPG के IG एस. सुरेश शामिल हैं।

संवेदनशील जिला है फिरोजपुर
फिरोजपुर पाकिस्तान की सीमा से सटा होने की वजह से बेहद संवेदनशील जिला है। जहां PM का काफिला रुका था, वह जगह भी पाकिस्तान सीमा से महज 50 किमी दूरी पर है। इस क्षेत्र में कई बार टिफिन बम और विस्फोटक मिल चुके हैं। नवंबर में दिवाली से पहले भी भारत-पाक सीमा के गांव से पुलिस ने टिफिन बम बरामद किया था। यहां से हैंड ग्रेनेड भी बरामद किए जा चुके हैं।

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