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इंटर स्टेट गैंग को पकड़ा:कोरोना वायरस और ब्लैक फंगस में इस्तेमाल किए जाने वाले इंजेक्शन की सप्लाई करने के नाम पर ठगी करने वाले तीन युवक मोहाली पुलिस ने पकड़े

चंडीगढ़19 दिन पहले
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मोहाली पुलिस ने इंजेक्शन बेचने के नाम पर ठगी करने वाले तीन युवकों को पकड़ा। - Dainik Bhaskar
मोहाली पुलिस ने इंजेक्शन बेचने के नाम पर ठगी करने वाले तीन युवकों को पकड़ा।

ट्राईसिटी में कोरोना संक्रमण और ब्लैक फंगस के इलाज में इस्तेमाल किए जाने वाले इंजेक्शन को मुहैया करवाने वाले एक गिरोह के तीन लोगों को मोहाली पुलिस पकड़ने में सफल हुई है। कोरोना महामारी में भी कुछ लोग इंजेक्शन बेचने के नाम पर मोटी कमाई कर रहे थे। साइबर क्राइम व मोहाली पुलिस ने तीन शातिर युवकों को गिरफ्तार किया है। यह लोग जरुरतमंद मरीजों से रेमडेसिविर व ब्लैक फंगस के इलाज के लिए एम्फोनेक्स इंजेक्शन के नाम पर लाखों रुपए ठग लेते थे। इंटर स्टेट गिरोह के ये लोग जरूरतमंद लोगों को लालच देकर उनसे ठगी करते थे।

पकड़े गए तीनों युवक कार चालक है।
पकड़े गए तीनों युवक कार चालक है।

मोहाली पुलिस के एसपी ट्रैफिक गुरजोत सिंह कलेर और डीएसपी अमरप्रीत सिंह साइबर क्राइम की ओर से इस मामले को सुलझाया गया है। इस संबंध में मोहाली के जीरकपुर थाने में 1 जून को मामला दर्ज किया गया था। जिसके बाद इन दोषियों को पकड़ने के लिए पुलिस की ओर से जांच शुरू की गई थी। पुलिस की ओर से पकड़े गए युवकों में अमित कुमार निवासी जीरकपुर, मंदीप सिंह कुरूक्षेत्र हरियाणा और कुलविंदर कुमार निवासी टीकरी कुरूक्षेत्र है। पुलिस ने इनके पास से 14 लाख रुपए और 5 एटीएम कार्ड बरामद किए है।

पकड़े युवकों से ये मिला
पकड़े युवकों से ये मिला

ऐसे फंसाते थे लोगों को

इंजेक्शन बेचने के नाम पर इस गिरोह के लोग पहले मोबाइल वॉट्सऐप ग्रुप पर इंजेक्शन खरीदने के लिए लोगों को जानकारी देते थे और उसके बाद उन्हें इंजेक्शन देने के नाम पर खाते में पैसे डालने के लिए कहते थे। एसपी गुरजोत सिंह कलेर ने बताया कि पूछताछ के दौरान यह बात सामने आई है कि गिरफ्तार आरोपियों ने रेमडेसिविर व ब्लैक फंगस के इंजेक्शन की बढ़ती डिमांड को देखते हुए सोशल मीडिया पर इस इंजेक्शनों को सस्ते दाम पर बेचने का विज्ञापन देते थे। अलग-अलग फोन नंबरों के जरिए इस एडवरटाइजमेंट को वॉट्सऐप ग्रुप पर शेयर किया जाता था। जब कोई इनसे संपर्क कर इंजेक्शन देने की बात करता तो उन्हें बैंक खाते के नंबर दिए जाते थे जिनमें पैसे मंगाए जाते थे।

गूगल से सीखा ठगी का तरीका, तीनों टैक्सी चालक

पुलिस की ओर से पकड़े गए सारे आरोपी टैक्सी चलाने का काम करते हैं। जिन्होंने गूगल से ठगी करने का काम सीखा। यह गिरोह पिछले दो-तीन महीने से एक्टिव था, जो कि वॉट्सऐप कॉल के जरिए जरूरतमंद मरीजों से संपर्क करते थे। इस गिरोह के मैंबरों ने कई वॉट्सऐप ग्रुप बनाए हुए थे। उक्त बैंक अकाउंट में वह पैसे डलवाते थे, लेकिन वह बैंक में आई यह रकम एटीएम के जरिए नहीं बल्कि पेट्रोल पंप प्वाइंट ऑफ सेल (पीओएस) के माध्यम से पैसे निकलवाते थे, ताकि पकड़े न जाए।

हरियाणा का कुलविंदर मास्टरमाइंड

पुलिस पूछताछ में यह बात सामने आई है कि कुलविंदर कुमार इस गेम का मास्टरमाइंड था। उसे इंग्लिश अच्छी बोलनी आती है। वह उनसे संपर्क करने वाले जरूरतमंद मरीजों को अंग्रेजी में बात करके फंसा लेता था और लोग उसकी बातें सुनकर विश्वास भी कर लेते थे। यह लोग दूर के एरिया में रहने वाले मरीजों को अपना टारगेट बना रहे थे। जिन्होंने यूपी, झारखंड, पंजाब व हरियाणा के लोगों को अपनी ठगी का शिकार बनाया था।

दूरी वाले राज्यों के लोगों को ठगा

पुलिस सूत्रों के अनुसार झारखंड व यूपी पुलिस ने मोहाली पुलिस को इस तरह की ठगी मारने के तहत संपर्क किया था, जिसके बाद पुलिस ने इस मामले को क्रैक करने के लिए इंटेलीजेस, साइबर व पुलिस की अलग-अलग टीमों का गठन किया था। पुलिस ने सबसे पहले अमित कुमार निवासी जीरकपुर को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी हो पाई। मास्टरमाइंड कुलविंदर को कैथल हरियाणा से गिरफ्तार किया गया है। जबकि मंदीप हैंडलर था जिसके खाते में पैसे आते थे।

इनसे ये बरामद हुआ

आरोपी मंदीप सिंह के खाते से पुलिस को 3 लाख रुपए व उससे 4 अलग-अलग बैंक के एटीएम कार्ड बरामद हुए हैं, जबकि कुलविंदर कुमार से 6 लाख 50 हजार रुपए व 1 एटीएम कार्ड बरामद हुआ है। इसी तरह आरोपी अमित कुमार के बैंक खाते से 1 लाख रुपए बरामद हुए हैं। पुलिस की ओर से इन आरोपियों का चार दिन का पुलिस रिमांड लिया गया है और इनसे और भी जानकारी ली जा रही है।

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