कोविड-19 / नाबी के वैज्ञानिकों ने बनाई सस्ती कोरोना स्क्रीनिंग किट, जुलाई अंत तक मिलेगी, 50 रु. कीमत

Nabi scientists made cheap corona screening kit, to be found by the end of July, Rs 50 Will cost
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Nabi scientists made cheap corona screening kit, to be found by the end of July, Rs 50 Will cost

  • पीजीआई और धन्वंतरि मेडिकल कॉलेज में की गई टेस्टिंग रही सफल

दैनिक भास्कर

Jun 30, 2020, 10:54 AM IST

चंडीगढ़. आप कोरोना की स्क्रीनिंग करवाना चाहते हैं लेकिन इन्फेक्शन के डर से टेस्ट के लिए हॉस्पिटल जाने से घबराते हैं तो अब इसकी जरूरत नहीं। नेशनल एग्री फूड बायोटेक्नोलॉजी इंस्टीट्यूट (नाबी) ने एक टेस्टिंग किट को तैयार कर लिया है जिससे पता लगा सकते हैं कि आप कितने ‘रिस्क’ पर हैं। साथ ही यह जानकारी हेल्थ डिपार्टमेंट तक भी पहुंच जाएगी कि आप किस एरिया से हैं। इस तरह से रिस्क वाले एरिया में फिर आरटीपीसीआर के जरिए भी टेस्टिंग कराई जा सकती है।

नाबी के डॉ महेंद्र बिश्नोई, डॉ कांति किरन कोंडपुड़ी और उनके साथियों डॉ कमलेंद्र यादव, डॉ प्रग्यांशु खरे और विभु की टीम ने इस किट को तैयार किया है। जुलाई के अंत तक ये किट आम लोगों के लिए तैयार हो जाएगी। इसकी कीमत भी करीब 50 रुपए होगी। इसके जरिए ऐसे लोगों की जांच आसान होगी जिनकाे बुखार या जुकाम या कोरोना का कोई लक्षण नहीं है। डॉ बिश्नोई ने बताया कि मार्च-अप्रैल में ये बात सामने आने लगी थी कि जिनको कोरोना होता है उन्हें टेस्ट और स्मेल का महसूस होना कम हो जाता है। उन्होंने स्मेल पर काम करना शुरू किया क्योंकि इसमें किसी को कुछ खाने की जरूरत नहीं है। टॉक्सिसिटी या इंफेक्शन का खतरा नहीं।

ऑनलाइन सर्वे के जरिए पहले 100 में से पांच तरह की महक को चुना गया जो हमारे किचन व आस-पास से ही हैं। 250 लोगों को सर्वे फॉर्म भेजे गए थे जिसमें से 100 ने रिस्पॉन्स किया। किट तैयार हुई जिसमें पांच तरह की महक के साथ एक प्रश्नावली थी। इस प्रश्नावली और किट में ऐसा इंतजाम है कि मरीज झूठ ना बोल सके।

क्योंकि एसिंप्टेमेटिक मरीज एक साथ होते हैं और अकसर पूरा परिवार ही होते हैं इसलिए एक दूसरे से पूछ कर ना भर सकें। पीजीआई के डॉ संजय बड़ाड़ा और धन्वंतरि आयुर्वेदिक कॉलेज के डॉ सुमित के साथ मिलकर इसको टेस्ट किया। डॉ. संजय ने करीब 50 मरीजों पर दो बार और डॉ सुमित ने 45 मरीजों पर इसको टेस्ट किया। 30% से ज्यादा मरीज ऐसे थे जो दो महक को ही सही बता पाए। 

किट से सेल्फ स्क्रीनिंग पॉसिबल होगी

खरे कहते हैं कि कोरोना की टेस्टिंग काफी महंगी है इसलिए ये बहुत मुश्किल है कि सभी की टेस्टिंग हो सके। स्क्रीनिंग के बाद टेस्टिंग होती है और इसके जरिए सेल्फ स्क्रीनिंग पॉसिबल होगी। इसे टेबलेट या कैप्सूल फॉर्म में दिया जाएगा। इसी पत्ते पर एक क्युआर कोड होगा। इसे स्कैन करते ही फॉर्म खुल जाएगा। प्रश्न-उत्तर के बाद ग्रीन या रेड सिग्नल मिलेगा। अगर ग्रीन है तो आप खतरे में नहीं हैं और रेड है तो आप खतरे मे हैं और कारोनावायरस का टेस्ट करवा लेना चाहिए।

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