डेंटल सर्जन भर्ती घोटाला:नवीन ने अभ्यर्थी तैयार किए, अश्विनी ने परीक्षा पास कराने के लिए नागर के साथ मिल ओएमआर शीट भरी

चंडीगढ़/पंचकूला2 महीने पहले
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एक दिन पहले मंगलवार को आरोपियों को लेकर एचपीएससी ऑफिस पहुंची थी विजिलेंस की टीम। - Dainik Bhaskar
एक दिन पहले मंगलवार को आरोपियों को लेकर एचपीएससी ऑफिस पहुंची थी विजिलेंस की टीम।
  • सोनीपत की शिव काॅलोनी में किराए के मकान से चल रहा था गिरोह

हरियाणा पब्लिक सर्विस कमीशन (एचपीएससी) की भर्तियों में पैसा लेकर खाली ओएमआर शीट भरने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। विजिलेंस ने पंचकूला कोर्ट में आरोपियों के कबूलनामे देते हुए कई दावे किए हैं। किस अभ्यर्थी के रोल नंबर आए हैं, किसे पास कराना है, किससे कितने पैसे लेने हैं, यह पूरा खेल सोनीपत की शिव कॉलोनी में एक किराए के मकान में चल रहा था। यह खेल एचपीएससी ही नहीं, हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (एचएसएससी) की भर्तियों में भी हो रहा था।

सबसे पहले गिरफ्तार हुआ नवीन अभ्यर्थियों से संपर्क करता था। फिर ओएमआर शीट लेकर अश्विनी को देता था। डेंटल सर्जन और एचसीएस भर्ती की जिम्मेदारी जैसे ही नागर को मिली, वैसे ही उसने इस चेन सिस्टम को जोड़कर खेल कर दिया। नागर के साथ अश्विनी व नवीन ने पूछताछ में कबूला कि उन्होंने ओएमआर शीट में स्कैनिंग के वक्त असल कॉपी में आंसर ठीक करने के लिए गोले भरे थे।

नागर ने स्वीकारा कि उसने एचसीएस की प्री-परीक्षा के लिए अश्विनी को कहा था कि कुछ उम्मीदवारों के रोल नंबर व ओएमआर शीट की कॉपी साथ ले आना। उन उम्मीदवारों को पास करा दूंगा। पास करने के लिए प्रत्येक अभ्यर्थी से 20-25 लाख रुपए लेने की बात हुई थी। आरोपियों ने डेंटल सर्जन व एचसीएस के अभ्यर्थियों से 30-30 लाख में डील की थी। आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

आरोपियों का कबूलनामा

नवीन-अश्विनी में 3-4 साल से थी जान पहचान
भिवानी के कोंट के नवीन ने बताया, ‘अश्विनी को 3-4 साल से जानता हूं। 6 माह पहले अश्विनी ने कहा था कि सोनीपत की शिव कॉलोनी में किराए पर मकान लिया हुआ है। 2-3 माह से मैं अश्विनी से उसी मकान में मिलता था। वहीं पर अश्विनी से 20-22 अभ्यर्थियों के संबंध में बात की थी। प्रत्येक अभ्यर्थियों से 30-30 लाख रुपए में डील की थी। ओएमआर शीट की फोटोकॉपी, अभ्यर्थियों के नाम, पते व फोन नंबर की लिस्ट वहीं अलमारी में रखी है। जिनसे पैसे लिए हैं, उनके नाम के आगे ठीक का निशान है।’

पैसों का लेन-देन किराए के मकान में ही होता था
अश्विनी शर्मा ने बताया, ‘मैं झज्जर के जमालपुर का हूं। नवीन ने एचसीएस की प्री-परीक्षा व डेंटल सर्जन की परीक्षा में पास कराने के लिए जिन-जिन अभ्यर्थियों के रोल नंबर व ओएमआर शीट की कॉपी दी थी, उनमें 10-12 अभ्यर्थियों की शीट की कॉपी मैंने व नवीन ने सोनीपत में शिव कॉलोनी में किराए के मकान में छिपाकर रखी है। वहीं दोनों बैठकर परीक्षा पास कराने के बारे में बात करते थे। पैसों का लेन-देन भी वहीं करते थे। अभ्यर्थियों की ओएमआर शीट की कॉपी के अलावा अन्य दस्तावेज छिपाकर भी वहीं रखे हैं।

एचसीएस के 5, डेंटल सर्जन के 17 अभ्यर्थी पास कराए
अनिल नागर ने बताया, ‘अश्विनी से 20-25 लाख में सौदा हुआ। उसने नवीन व अनिल कुमार के जरिए एचसीएस के 15 व डेंटल सर्जन के 17 अभ्यर्थियों के रोल नंबर व ओएमआर शीट की कॉपी दी। मैंने ओएमआर शीट स्कैनिंग के बाद निकाल ली। मैंने व अश्विनी ने दफ्तर में ही खाली गोलदारे भरे। एचसीएस के 5, डेंटल सर्जन के 13 अभ्यर्थी पास हुए। एचसीएस के लिए 1.30 करोड़ व डेंटल सर्जन के लिए 2.08 करोड़ रु. मिले। मैंने दस्तावेज गुड़गांव के रिठाल निवासी मेरे मामा रामकिशन के घर छिपा रखे हैं।

36 लोगों से की जाएगी पूछताछ
अब विजिलेंस की ओर से 36 लोगों से पूछताछ की जाएगी। जिसमें 22 एचसीएस के उम्मीदवार और 14 डेंटल सर्जन के उम्मीदवार हैं। सभी उम्मीदवारों के लिस्ट, उनका मोबाइल नंबर और पता विजिलेंस के पास है। सभी को विजिलेंस की ओर से नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। सभी के कॉल डिटेल और व्हाट्सएप चैट भी खंगाली जाएगी।

ओएमआर शीट्स को सीफएसएल भेजा गया
विजिलेंस की ओर से जांच में यह सामने आया कि शिकायतकर्ता दलबीर ने ओएमआर शीट्स में 100 में से सिर्फ 64 ही गोले भरे थे और बाकी के उसने खाली छोड़ दिए। बाकी गोले बाद में भरे गए। दलबीर को 200 में से 164 नंबर दिलवाकर पास करवाया गया था। ऐसे में ओएमआर शीट्स को सीफएसएल भेजा गया है ताकि स्याही का अंतर पता चल सके।

अलग-अलग जगह से करीब 3.30 करोड़ की बरामदगी
विजिलेंस के अनुसार, अश्विनी से 1 करोड़ 7 लाख 97 हजार रु. बरामद हुए। इनमें 66 लाख उसके दोस्त सतीश गर्ग से मिले। नागर के घर से 12 लाख मिले। 1.44 करोड़ उसके दोस्त अशीष कुमार से बरामद किए गए।

नागर के पास 36 अभ्यर्थियों की ओएमआर शीट की कॉपी मिली
एचसीएस: 104960, 105435, 101653, 128361, 138998, 141999, 187863, 183737, 186111, 180882, 180958, 199841, 201443, 228208, 222264, 230423, 242396, 243288, 247009, 245394। इन रोल नंबर की दोनों कॉपी मिली है। 125273 की कार्बन और 234584 की असल कॉपी मिली है।

डेंटल सर्जन: 24417, 24388, 24919, 25723, 27420, 21925, 21438, 24028, 25494, 20775, 21366, 25804, 24087, 27718।

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