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किसानों की पीड़ा:सभी किसानों को भुगतान नहीं, गेहूं की 105 करोड़ की पेमेंट को तरस रहे 6300 किसान

चंडीगढ़25 दिन पहले
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डेढ़ महीने चली गेहूं खरीद बंद होने के 14 दिन बाद भी किसान भुगतान को तरस रहे हैं। - Dainik Bhaskar
डेढ़ महीने चली गेहूं खरीद बंद होने के 14 दिन बाद भी किसान भुगतान को तरस रहे हैं।
  • गेहूं की फसल की राशि नहीं मिलने से जमींदारों की दिक्कतें बढ़ीं

सरकार को गेहूं बेचने के बाद करीब 6300 किसान अपनी 105 करोड़ रुपए की पेमेंट के लिए दफ्तरों के धक्के खाने को मजबूर हैं। सरकार ने पेमेंट किसानों के खाते में डालने का निर्णय लेते वक्त दावा किया था कि 72 घंटे में भुगतान कर दिया जाएगा। लेकिन, डेढ़ महीने चली गेहूं खरीद बंद होने के 14 दिन बाद भी किसान भुगतान को तरस रहे हैं।

अधिकारी सिर्फ यह कहकर पल्ला झाड़ रहे हैं कि किसानों ने मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर जो खाता नंबर दिया था, उसकी डिटेल्स मैच नहीं हो रहीं। आढ़तियों से किसानों के खाता नंबर ठीक कराकर जल्द रिपोर्ट भेजने को कहा है, ताकि पैसा ट्रांसफर हो सके। अब तक जिन किसानों का भुगतान देरी से हुआ है, उन्हें 77 लाख रुपए ब्याज भी दिया जा चुका है। दूसरी तरफ भुगतान नहीं होने पर किसानों को चिंता सताने लगी है कि वह अगली फसल कैसे लगाएंगे।

किसानों का एलान-3 जून तक पेमेंट न आई तो अनाजमंडी का गेट करेंगे बंद

उचाना, खटकड़ टोल पर किसानों का धरना जारी है। धरने की अध्यक्षता होशियार सिंह घसो ने की। किसानों के धरने पर कई गांवों के किसानों द्वारा गेहूं की पेमेंट उनके खाते में न आने की जानकारी दी। किसानों ने फैसला लिया कि 3 जून तक गेहूं की पेमेंट बकाया नहीं आई तो मंडी के सभी गेटों पर ताला लगाकर विरोध प्रकट करेंगे।

उधर, आढ़तियों ने भी हाथ खड़े कर दिए हैं। किसानों की पीड़ा बढ़ी हुई है। कइयों को मोटे ब्याज पर पैसे लेकर शादी-ब्याह करने पड़ रहे हैं। पेमेंट रुकने का मुख्य कारण बैंक खातों में गड़बड़ी को माना जा रहा हैं। सबसे ज्यादा रकम करनाल जिले के किसानों की रुकी हुई है।

फसल बीमा के लिए 31 तक आवेदन करें किसान

हरियाणा में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत सीजन में धान, मक्का, बाजरा व कपास फसलों का बीमा किया जाएगा। फसल का बीमा करवाने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2021 है। खरीफ सीजन में इस योजना के तहत किसानों को धान के लिए प्रति एकड़ 713.99 रुपए, मक्का के लिए 356.99 रुपए, बाजरा के लिए 335.99 रुपए और कपास के लिए 1732.50 रुपए प्रति एकड़ की दर से प्रीमियम देना होगा।

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