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चंडीगढ़ में बढ़ी सख्ती:ऑक्सीजन प्लांट पर पहुंचे नोडल अफसर ने कहा- UT के कोटे से बाहर किसी को सप्लाई न करें

चंडीगढ़5 महीने पहले
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PGI का ऑक्सीजन का कोटा अलग रहता है। जिससे चंडीगढ़ के सरकारी और प्राइवेट हाॅस्पिटलों को सप्लाई नहीं मिलती है। वहीं चंडीगढ़ प्रशासन के लिए 20 मीट्रिक टन का ही कोटा है। - Dainik Bhaskar
PGI का ऑक्सीजन का कोटा अलग रहता है। जिससे चंडीगढ़ के सरकारी और प्राइवेट हाॅस्पिटलों को सप्लाई नहीं मिलती है। वहीं चंडीगढ़ प्रशासन के लिए 20 मीट्रिक टन का ही कोटा है।

मेडिकल ऑक्सीजन की अभी देश में कमी है। चंडीगढ़ को कुल 20 मीट्रिक टन का कोटा केंद्र सरकार ने दिया है। इस कोटे से GMCH-32, GMSH-16, सेक्टर-48 के हाॅस्पिटल की जरूरत के साथ ही प्राइवेट की भी जरूरत पूरी की जा रही है। लेकिन इस कोटे से भी PGI को एक रिफिलिंग प्लांट ऑक्सीजन सप्लाई कर रहा था।

दरअसल शनिवार को जब डेराबस्सी के रिफिलिंग प्लांट में नोडल अफसर और बाकी टीम चेकिंग के लिए पहुंची तो पता चला कि जिस कोटे से सरकारी और प्राइवेट हाॅस्पिटलों के सिलेंडर्स रिफिल होने चाहिए उससे ही PGI को भी सिलेंडर्स दिए जा रहे हैं। रिकाॅर्ड चेक किया तो पता चला कि शुक्रवार को कुल 50 सिलेंडर्स PGI भेजे थे, जबकि शनिवार को टीम की चेकिंग से पहले करीब 70 सिलेंडर्स भेजे थे।

सूत्रों के मुताबिक संबंधित प्लांट से नोडल अफसर ने तुरंत PGI को सिलेंडर्स देने से रोक दिया है। साथ ही निर्देश दिए हैं कि आगे से वे इस कोटा से किसी को भी ऑक्सीजन की सप्लाई न करे। इसके बाद प्लांट की तरफ से PGI अथाॅरिटी को भी इसकी जानकारी दे दी गई है। हालांकि बाकी प्लांट्स में भी अफसर पहुंचे लेकिन यहां पर सिलेंडरों की रिफिलिंग और रेट वगैरह को लेकर कोई दिक्कत नहीं थी। सभी प्लांट वालों को कहा गया है कि वे चंडीगढ़ के कोटे से बाहर किसी को भी सप्लाई न करें।

ये दिक्कत

दरअसल PGI का ऑक्सीजन का कोटा अलग रहता है। जिससे चंडीगढ़ के सरकारी और प्राइवेट हाॅस्पिटलों को सप्लाई नहीं मिलती है। वहीं चंडीगढ़ प्रशासन के लिए 20 मीट्रिक टन का ही कोटा है। इस बारे में एक अफसर ने कहा कि मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है और ऐसे में अगर जो कोटा चंडीगढ़ प्रशासन का है, उससे भी अगर सप्लाई दूसरी जगह जाती है तो यहां सरकारी और प्राइवेट हाॅस्पिटलों की डिमांड पूरी करना मुश्किल हो जाएगा।

सेक्टर-45 में ऑक्सीजन सप्लाई वाले 30 बेड बढ़े

सेक्टर-45 हॉस्पिटल में कोरोना मरीजों के इलाज के लिए 30 बेड उपलब्ध होंगे। इस अस्पताल में कुछ डिलीवरी होती थी, जिन्हें अब सेक्टर-22 या 16 के अस्पताल में कराया जाएगा। सेक्टर-45 में वार्ड को कोरोना मरीजों के लिए आरक्षित कर दिया गया है। इन सभी बेड पर ऑक्सीजन सप्लाई है। ESI अस्पताल से भी ऑक्सीजन सप्लाई वाले 15 बेड आरक्षित करने के लिए कहा गया है। राम दरबार के इस अस्पताल में यह सुविधा सोमवार से शुरू हो जाएगी।

DHS डॉ. अमनदीप कंग के अनुसार यहां पर कोविड-19 की सभी दवाइयां और रेमडेसिविर इंजेक्शन भी उपलब्ध रहेगा। वेंटिलेटर की सुविधा फिलहाल उपलब्ध नहीं है। उन्होंने दावा किया कि इन नई सुविधाओं की शुरुआत से पहले भी सरकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन वाले बहुत से बेड खाली हैं। यह सही है कि आईसीयू की सुविधा कम है लेकिन ऑक्सीजन सप्लाई वाले बेड की कोई किल्लत नहीं है।

कंसन्ट्रेटर से ऑक्सीजन का खुद इंतजाम करें संचालक

सरकारी अस्पतालों में बेड की संख्या कम होने लगी तो संस्थाओं से अपील की गई थी कि वे मिनी कोविड केयर सेंटर बनाएं। अब जो कोटा चंडीगढ़ को मिल रहा है उससे सरकारी अस्पतालों और प्राइवेट हाॅस्पिटलों में ही जरूरत पूरी हो रही है। कोविड केयर सेंटरों को कहा कि वे अपने लेवल पर ही कंसन्ट्रेटर के जरिए ऑक्सीजन का इंतजाम करें। जिनके पास नहीं है वे हल्के लक्षणों वाले कोरोना मरीजों को ही देखें। 785 संस्थाओं को सेंटर चलाने की मंजूरी मिली है। 6 सेंर्ट्स पर 335 बेड है, इनमें से 280 पर ऑक्सीजन की सुविधा है।