सेक्टर-55 / परमिशन प्रूनिंग की, काट दिए 55 पेड़, अब अज्ञात के नाम पर काटी डीडीआर

Permission pruning, cut 55 trees, now cut DDR in the name of unknown
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Permission pruning, cut 55 trees, now cut DDR in the name of unknown

  • आरोप है कि जिसने प्रूनिंग की, उसी के काम के दौरान ही ये पेड़ कटे हैं

दैनिक भास्कर

Jun 30, 2020, 08:32 AM IST

चंडीगढ़. (संजीव महाजन) सेक्टर-55 में न तो कोई जमीन एक्वायर हुई है और न ही कोई प्रोजेक्ट बनाया जा रहा है। बावजूद इसके चुपचाप यहां से 55 से ज्यादा बड़े नंबर लगे सफेदे और अन्य पेड़ काट दिए गए। हाॅर्टिकल्चर का रिकाॅर्ड माने तो कागजों में यहां पेड़ों की प्रूनिंग के लिए किसी करनैल सिंह नाम के ठेकेदार को ठेका दिया गया था, जबकि शनिवार को यहां प्रूनिंग के साथ-साथ 55 पेड़ भी कटे मिले। प्रूनिंग के लिए कहा भी इसलिए गया था, क्योंकि इसके साथ लगती मोहाली के कोठी वालों को परेशानी हो रही थी। 
सूत्रों की माने तो वहां लोगों का आरोप है कि जिसने प्रूनिंग की, उसी के काम के दौरान ही ये पेड़ कटे हैं। जिस ट्राॅली से टहनियां उठाई गईं, उसी से कटे हुए पेड़ उठाए गए। अब खानापूर्ति के लिए हाॅर्टिकल्चर डिपार्टमेंट ने किसी अनजान के खिलाफ मात्र डीडीआर दर्ज करने के लिए थाना 39 में शिकायत दी है। सीधे एफआईआर दर्ज नहीं कर्रवाई गई। चर्चा है कि चूंकि इसमें न सिर्फ उनके चहेते लोग पकड़े जाते, बल्कि खुद इनको बचाने वाले अफसरों की भूमिका भी सामने आ सकती है। 
पेड़ काटने के मामले में सेक्टर-55 निवासी आशीष कपूर ने इसकी शिकायत प्रशासक वीपी सिंह बदनोर को दी है। शिकायत में उन्होंने हाॅर्टिकल्चर डिपार्टमेंट की मिलीभगत की आंशका भी जताई है। अब देखना है कि अपने अफसरों की मिलीभगत की जांच चंडीगढ़ प्रशासन के अफसर करवाएंगे या नहीं? पेड़ काटने वाला पकड़ा जाएगा या नहीं? 
इससे पहले दर्जनों पेड़ प्रशासन के कलाग्राम में ही काट दिए गए थे। यहां भी डीडीआर दर्ज हुई। पेड़ काटने वाला अनजान बताया गया। जबकि हर जगह सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। बावजूद इसके आज तक पेड़ काटने वाले पकड़े नहीं गए। 

सीधी बात: मनोहर लाल, जेई, हाॅर्टिकल्चर डिपार्टमेंट

  • सवाल: 55 पेड़ काटने पर क्या कार्रवाई की है?
  • हमने डीडीआर करवाई है। 
  • सवाल: एफआईआर क्यों नहीं कर्रवाई? 
  • जैसा एक्सईएन ने कहा है, वैसा ही किया है। 
  • सवाल: किसके खिलाफ करवाई डीडीआर?
  • अनजान के खिलाफ। 
  • सवाल: ठेकेदार के खिलाफ क्यों नहीं?
  • जैसा एक्सईएन ने कहा वैसा किया। उन्होंने ठेकेदार का नाम नहीं लिखने को कहा था। 
  • सवाल: क्यों?
  • एक्सईएन ने कहा कि ठेकेदार करनैल को सिर्फ प्रूनिंग के लिए कहा था। पेड़ किसी दूसरे ने काटे होंगे। 
  • सवाल: उन्हें कैसे पता?
  • अब ये तो वही जानें। शुक्रवार और शनिवार को पेड़ कटे। हो सकता है कि प्रूनिंग पहले हुई हो। 

एक्सईएन बोले...नहीं पता किसने काटे

  • मुझे नहीं पता पेड़ किसने काटे। हमने तो डीडीआर दर्ज करवा दी है। अब पुलिस जांच करे कि पेड़ किसने काटे या कटवाए। आरोपी पकड़ा जाना चाहिए। किसी को बचाने के लिए मैंने जेई को नहीं कहा। जहां 50 से ज्यादा पेड़ काटे गए हैं, वहां पर मैं भी गया था। आसपास सीसीटीवी लगे हैं। पुलिस जांच करे और आरोपियों को पकड़े।  एक्सईएन, प्रवेश शर्मा, हाॅर्टिकल्चर डिपार्टमेंट
  • अफसर अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकते। ऐसा कैसे हो सकता है कि पेड़ कट जाएं और इन्हें पता ही न चले। हर बार अनजान शख्स पर डीडीआर दर्ज करवाकर खानापूर्ति कर लेते हैं। पेड़ काटने का पूरा धंधा चल रहा है। इससे पहले कलाग्राम, सेक्टर-53 में भी ऐसा हुआ था। राहुल महाजन, समाजसेवी

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