डॉक्टर्स ने की डिजाइन / कोविड 19 पेशेंट्स के लिए पीजीआई चंडीगढ़ ने डिवेलप की रोबोटिक ट्रॉली

कोविड अस्पताल के इंचार्ज डॉ. विपिन कौशल ने कहा कि पहले कोरोना पॉजिटिव रोगियों की संख्या में हुई बढ़ौतरी के बाद कोविड 19 टीम के लिए बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई किफायती विकल्पों पर विचार किया और इस तरह DOOT अस्तित्व में आया।
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  • स्वास्थय कर्मियों के साथ कोरोनावायरस पेशेंट्स का कम से कम संपर्क सुनिश्चित करने के लिए इसे तैयार किया गया है
  • लॉकडाउन पीरियड के दौरान इसे महज 25 हजार रुपए के कम बजट में तैयार किया गया है

दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 08:19 PM IST

चंडीगढ़. (अश्विनी राणा). स्वास्थय कर्मियों के साथ कोरोनावायरस पेशेंट्स का कम से कम संपर्क करने के लिए पीजीआई ने अत्याधुनिक रोबोट ट्रॉली विकसित की है। कोविड पेशेंट्स की जरूरतों के लिए कम लागत वाली इस ट्रॉली को शनिवार को पीजीआई के निदेशक प्रो. जगत राम ने लॉन्च किया। डीओओटी  के रूप में सूचीबद्ध (वितरण, पर्यवेक्षण और ऑर्केस्ट्रेटेड टेलकम्यूनिकेटर) इस रोबोट डिवाइस को रेजिडेंट डॉक्टर्स प्रणय महाजन और शैलेश गहुकर ने अस्पताल प्रशासन के सहयोग से डिजाइन और विकसित किया है।

पीजीआई के निदेशक प्रो. जगत राम ने कहा- यह रोबोटिक डिवाइस पीजीआई का आत्मनिर्भरता और सुरक्षा की दिशा में एक कदम आगे है। आइसोलेशन वार्डों में मरीजों के बीच दवाइयां और भोजन पहुंचाने से स्वास्थय कर्मियों के लिए वायरस से संक्रमित होने की संभावना अधिकतम है। ऐसे में यह डिवाइस कोविड 19 के रोगियों के साथ उनकी बातचीत को काफी हद तक कम करने में मदद करेगी।

कोविड अस्पताल के इंचार्ज डॉ. विपिन कौशल ने कहा कि पहले कोरोना पॉजिटिव रोगियों की संख्या में हुई बढ़ौतरी के बाद कोविड 19 टीम के लिए बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई किफायती विकल्पों पर विचार किया और इस तरह DOOT अस्तित्व में आया।

यह हमारी स्थानीय आवश्यकताओं के लिए एक विशेष, सस्ती और अनुकूलित समाधान है। लॉकडाउन अवधि के दौरान जब बाजार में कुछ भी उपलब्ध नहीं था, इसे काफी चुनौतियों के साथ विकसित किया गया है। उन्होंने कहा कि यह पीजीआई के इंजीनियरिंग विभाग के निरंतर समर्थन के साथ 25,000 रुपए के मामूली बजट के साथ इसे तैयार किया गया है।

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