AAP का बड़ा आरोप:पंजाब में चुनाव लड़ रहे किसानों के पीछे भाजपा; संयुक्त समाज मोर्चे को रजिस्टर करने के लिए बदले नियम

चंडीगढ़14 दिन पहले
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पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) ने चुनाव लड़ रहे पंजाब के 22 किसान संगठनों के पीछे भाजपा का हाथ बताया है। आप का आरोप है कि इसके लिए चुनाव आयोग ने नियम तक बदल दिए। आप के पंजाब सह प्रभारी राघव चड्‌ढा ने नाम नहीं लिया लेकिन पूरा संकेत किसानों के संयुक्त समाज मोर्चा का दिया। चड्‌ढा ने कहा कि पहले नियम था कि अगर किसी पॉलिटिकल पार्टी को रजिस्टर करवाना है तो उस पर आपत्ति के लिए 30 दिन का वक्त दिया जाता है। चुनाव आयोग इस समय को घटाकर 7 दिन कर रहा है। इसी तरह चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद किसी राजनीतिक दल को रजिस्टर करने के लिए कानून में बदलाव किया गया है।

भाजपा से पूछे सवाल

राघव चड्‌ढा ने भाजपा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से पूछा कि वह किस पार्टी को रजिस्टर करवाना चाहते हैं?। इस मोर्चे के रजिस्टर होने से सबसे ज्यादा फायदा और नुकसान किस पार्टी को है। भाजपा और अमित शाह को इस मोर्चे से अपने रिश्ते सार्वजनिक करें।

किसानों की सियासत से एंट्री से AAP को नुकसान

पंजाब में किसानों की सियासत में एंट्री से सबसे ज्यादा नुकसान आम आदमी पार्टी को हो रहा है। खुद अरविंद केजरीवाल ने भी बुधवार को यह बात कुबूली कि इससे आप की वोटों को नुकसान होगा। इसके उलट भाजपा को इसका फायदा समझा जा रहा है क्योंकि गांवों में भाजपा का आधार अभी नहीं है। शहरों में किसानों का वोट बैंक नहीं है। ऐसे में भाजपा शहरों में यह बात भुनाएगी कि जिस किसान आंदोलन की वजह से भाजपा को विलेन बनाया गया, असल में वह राजनीति की जा रही थी।