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पंजाब के CM के भाई बने कांग्रेस के बागी:चन्नी के भाई मनोहर निर्दलीय लड़ेंगे चुनाव; छोड़ी थी सरकारी नौकरी, फिर भी नहीं मिला पार्टी से टिकट

चंडीगढ़7 महीने पहलेलेखक: मनीष शर्मा
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पंजाब कांग्रेस में बड़ी बगावत हुई है। मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के भाई डॉ. मनोहर सिंह ने कांग्रेस से टिकट नहीं मिलने पर आजाद (निर्दलीय) उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है। वह बस्सी पठाना विधानसभा से टिकट मांग रहे थे। कांग्रेस ने उनकी जगह पर सिटिंग MLA गुरप्रीत सिंह जीपी पर ही भरोसा जताया है।

माना यह जा रहा है कि नवजोत सिद्धू के दबाव के कारण CM के भाई मनोहर को टिकट नहीं दिया गया, जबकि मनोहर ने चुनाव लड़ने के लिए सीनियर मेडिकल अफसर पद से रिटायरमेंट तक ले लिया था.

शनिवार को कांग्रेस की 86 कैंडिडेट की पहली लिस्ट आने के बाद डॉ. मनोहर रविवार को समर्थकों से मिले, जिसके बाद उन्होंने बगावत कर दी। उन्होंने कहा कि सर्वे मेरे पक्ष में थे। मैंने टिकट के लिए भी अप्लाई किया था, लेकिन मुझे टिकट नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि इस बारे में मैंने सीएम चन्नी से भी बात की है। इसके बाद अपने बोर्ड पर उनकी तस्वीर भी लगा रखी है।

निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान करते हुए डॉ. मनोहर सिंह।
निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान करते हुए डॉ. मनोहर सिंह।

SMO के पद से दिया था इस्तीफा
डॉ. मनोहर सिंह पंजाब सेहत विभाग में सरकारी डॉक्टर थे। उनकी नियुक्ति खरड़ सिविल अस्पताल में सीनियर मेडिकल अफसर पद थी। एक महीने पहले उन्होंने पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद वह बस्सी पठाना में जाकर सक्रिय हो गए। वहां दफ्तर खोलकर वह लोगों से भी मिलने लगे। यह सीट एससी रिजर्व है।

टिकट पाने वाले सिटिंग MLA गुरप्रीत जीपी के साथ नवजोत सिद्धू
टिकट पाने वाले सिटिंग MLA गुरप्रीत जीपी के साथ नवजोत सिद्धू

मौजूदा विधायक के हक में डट गए थे सिद्धू
बस्सी पठाना से सीएम चन्नी के भाई के सक्रिय होने के बाद यह मामला पंजाब कांग्रेस प्रधान नवजोत सिद्धू तक भी पहुंचा। इसके बाद सिद्धू वहां के मौजूदा कांग्रेसी विधायक गुरप्रीत जीपी के हक में रैली करने पहुंचे। वहां उन्होंने कहा कि जीपी ही वहां से उम्मीदवार होंगे। कैंडिडेट की घोषणा के वक्त भी सिद्धू ने जीपी का साथ दिया।

पिछले साल ही शुरू कर दी थी मनोहर ने गतिविधियां
डॉ. मनोहर पिछले साल ही कोरोना महामारी के दौरान बस्सी पठाना में गतिविधियां शुरू कर दी थीं। नंदपुर कलौर के प्राइमरी हेल्थ सेंटर में तैनाती के वक्त वह लोगों के बीच खूब फेमस हो रहे थे। इसे देखते हुए वहां से मौजूदा कांग्रेसी विधायक गुरप्रीत जीपी ने उनका तबादला करवा दिया था। डॉ. मनोहर एनेस्थिसिया में पोस्ट ग्रेजुएट होने के साथ जर्नलिज्म में MA और पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ से लॉ ग्रेजुएट भी हैं।

वन फैमिली-वन टिकट का तर्क
कांग्रेस इस मामले में वन फैमिली- वन टिकट फार्मूले का तर्क दे रही है। कांग्रेस ने सीएम चरणजीत चन्नी को श्री चमकौर साहिब से टिकट दी है। इसके बाद उनके परिवार में किसी दूसरे को टिकट नहीं दी जा सकती थी। इसी वजह से कांग्रेस ने डॉ. मनोहर को टिकट नहीं दी।

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