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मजीठिया की अग्रिम जमानत पर कल फिर सुनवाई:मोहाली कोर्ट ने तलब किया केस का रिकॉर्ड; दोनों पक्षों के वकीलों की बहस सुनी

चंडीगढ़एक वर्ष पहले
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ड्रग्स केस में नामजद अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने कोर्ट का रुख कर लिया है। उन्होंने मोहाली कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की। इस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर दिया है। उन्हें केस से जुड़े सभी रिकॉर्ड लेकर आने को कहा गया है। इस मामले पर कल फिर सुनवाई होगी। उसके बाद तय होगा कि मजीठिया को इस कोर्ट से अग्रिम जमानत मिलेगी या नहीं।

मोहाली कोर्ट में दायर याचिका में मजीठिया ने कहा कि यह मामला राजनीति से प्रेरित है। पंजाब चुनाव की वजह से कांग्रेस सरकार उन्हें टारगेट कर रही है। बहस के दौरान सरकारी वकीलों ने मजीठिया की याचिका का विरोध किया। उनका कहना है कि यह ड्रग्स की कॉमर्शियल क्वांटिटी से जुड़ा मामला है, इसलिए मजीठिया को अग्रिम जमानत नहीं दी जा सकती। वहीं, मजीठिया के वकीलों का कहना है कि बिट्‌टू औलख और जगजीत चहल के जिन बयानों पर मजीठिया के खिलाफ केस दर्ज किया गया, वह पुराने हैं।

सिद्धू को खुश कर रहे, डीजीपी पहले भी बड़े बादल की जांच कर चुके

मजीठिया के वकीलों ने याचिका में कहा कि कांग्रेस प्रधान नवजोत सिद्धू को खुश करने के लिए पुलिस और सरकार ने यह कदम उठाया है। उन्होंने डीजीपी सिद्धार्थ चट्‌टोपाध्याय पर भी रंजिश निकालने का आरोप लगाया है। इस मामले में जल्द सुनवाई हो सकती है। इसमें यह भी कहा गया है कि अकाली दल से दुश्मनी निकाली जा रही है। कांग्रेस चुनाव की वजह से अफसरों को धमका रही। मजीठिया पर कार्रवाई न करने की वजह से इकबालप्रीत सहोता को डीजीपी पद से हटाया गया। चट्‌टोपाध्याय ने 2003 में प्रकाश सिंह बादल के खिलाफ झूठे केस की जांच की थी। वह बेबुनियाद केस था, इसलिए आरोप साबित नहीं हुए।

राजस्थान के बाद अब यूपी में रेड करेगी पंजाब पुलिस

ड्रग्स केस दर्ज करने के बाद पंजाब पुलिस अभी तक अकाली नेता बिक्रम मजीठिया को नहीं पकड़ सकी है। खुफिया इनपुट के बाद पुलिस की टीम ने पड़ोसी राज्यों में रेड की है, लेकिन मजीठिया नहीं मिले। शुरुआत में पुलिस टीम को मजीठिया के पंजाब छोड़ कर राजस्थान में होने की सूचना मिली थी। जिसके बाद दो टीमें वहां भेजी गई, लेकिन मजीठिया नहीं मिले।

पुलिस पंजाब से सटे हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़ और हरियाणा में भी जांच कर रही है। ड्रग्स केस दर्ज होने की सूचना लीक होने के मामले में गृह विभाग संभाल रहे डिप्टी सीएम सुखजिंदर रंधावा ने जांच के आदेश दे दिए हैं। केस दर्ज करने की कार्रवाई का पता चलते ही मजीठिया अंडरग्राउंड हो गए थे।

सरकार पर बढ़ा दबाव, गिरफ्तारी नहीं तो चुनावी शिगूफा बन जाएगा केस

चुनावी रैलियों में पीठ ठोक रही कांग्रेस पार्टी और पंजाब सरकार अकाली नेता बिक्रम मजीठिया को पकड़ने में नाकाम रही है। केस दर्ज हुए 2 दिन से ज्यादा वक्त बीत चुका है। इसके बावजूद अकाली नेता का कोई पता नहीं चल रहा। मजीठिया कहां हैं? इसके बारे में सूचना जुटाने में पंजाब का खुफिया तंत्र पूरी तरह फेल हो चुका है। मजीठिया नहीं पकड़े गए तो सरकार का यह महज चुनावी शिगूफा साबित होकर रह जाएगा।

मजीठिया पंजाब पुलिस की सिक्योरिटी चंडीगढ़ स्थित सरकारी निवास में ही छोड़ गए।
मजीठिया पंजाब पुलिस की सिक्योरिटी चंडीगढ़ स्थित सरकारी निवास में ही छोड़ गए।

मोबाइल लोकेशन से दिया चकमा, पंजाब पुलिस भी साथ नहीं ले गए

पंजाब सरकार केस दर्ज करते ही मजीठिया को गिरफ्तार करना चाहती थी ताकि नशे के मुद्दे पर अकाली दल को घेरने के साथ चुनावी लाभ मिल सके। इसके लिए मजीठिया की मोबाइल लोकेशन से निगरानी की जा रही थी। सोमवार रात केस दर्ज करते ही पुलिस ने मोबाइल लोकेशन वाली जगह पर रेड की। यह लोकेशन मजीठिया के चंडीगढ़ स्थित सरकारी निवास की थी।

हालांकि जब पुलिस वहां पहुंची तो वहां सिर्फ मोबाइल मिला, मजीठिया नहीं। मजीठिया पंजाब पुलिस को भी सरकारी निवास पर छोड़ गए। उनके साथ सिर्फ केंद्रीय सुरक्षा बलों की सिक्योरिटी है।

लुकआउट नोटिस भी किया जारी

पंजाब सरकार को आशंका है कि मजीठिया विदेश भाग सकते हैं। इसलिए केंद्रीय गृह मंत्रालय के जरिए लुकआउट नोटिस जारी करवा दिया गया है। जिससे अगर वह एयरपोर्ट या बंदरगाह के जरिए विदेश जाते हैं तो इसकी जानकारी पंजाब सरकार को मिल जाएगी। हालांकि इस मामले में भी सरकार को अभी तक कोई कामयाबी नहीं मिल सकी है।

ड्रग्स केस में ED के जांच अफसर रहे निरंजन सिंह ने डीजीपी से मुलाकात की।
ड्रग्स केस में ED के जांच अफसर रहे निरंजन सिंह ने डीजीपी से मुलाकात की।

ED के जांच अफसर से मिले DGP और STF चीफ

ड्रग्स केस में सरकार मजीठिया पर पूरा शिकंजा कसना चाहती है। इसके लिए DGP सिद्धार्थ चट्‌टोपाध्याय और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) चीफ हरप्रीत सिद्धू ने एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) के जांच अफसर निरंजन सिंह से मुलाकात की। जिसमें निरंजन सिंह से उनकी जांच के दौरान जुटाए सबूतों के बारे में चर्चा की गई।

निरंजन ने उन्हें बताया कि अब सेवामुक्त होने के बाद उनके पास कोई रिकॉर्ड नहीं है। हालांकि यह रिकॉर्ड पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट और ED के जालंधर, दिल्ली स्थित ऑफिस में भेजा गया था। पुलिस उसे मंगवाकर केस को और मजबूत कर सकती है।

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