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पुलिस FIR में दर्ज बिक्रम मजीठिया की कहानी:अकाली नेता के घर ठहरता था ड्रग तस्कर, उसे गाड़ी-गनमैन दिए, धंधे में मदद की और चुनावी फंड लिया

चंडीगढ़6 महीने पहलेलेखक: मनीष शर्मा
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6000 करोड़ रुपए के ड्रग केस में आरोपी पंजाब के अकाली नेता बिक्रम मजीठिया के खिलाफ पंजाब पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने 4 मुद्दों पर इन्वेस्टिगेशन की। इन्वेस्टिगेशन का ग्राउंड ड्रग रैकेट में गिरफ्तार आरोपियों से पंजाब पुलिस और इन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) की पूछताछ को बनाया गया। इन्हीं चारों पॉइंट को मजीठिया पर FIR करने का ग्राउंड बनाया गया।

ड्रग रैकेट में गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ के दौरान मजीठिया पर मंत्री रहते ड्रग तस्करों की मदद करने, चुनाव में फंड लेने और रेत माइनिंग के आरोप लगाए। STF ने इन आरोपों की आगे जांच की सिफारिश की। इस सिफारिश पर पंजाब के एडवोकेट जनरल (AG) डीएस पटवालिया की ओपिनियन ली गई।

AG की ओपिनियन आने के बाद कार्यकारी DGP सिद्धार्थ चट्‌टोपाध्याय के आदेश पर मोहाली स्थित क्राइम ब्रांच के थाने में मंगलवार को मजीठिया के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई। इसमें मजीठिया पर NDPS एक्ट की धारा 25, 27A और 29 लगाई गई।

अब पढ़िए... किस पॉइंट पर क्या निष्कर्ष निकला

  • 1. क्या मजीठिया के ड्रग तस्कर सतप्रीत सिंह उर्फ सत्ता, मनिंदर सिंह औलख उर्फ बिट्टू औलख, परमिंदर सिंह उर्फ पिंदी, अमरिंदर सिंह उर्फ लाडी और जगजीत सिंह चहल से करीबी संबंध या साठगांठ हैं?

पूर्व इंटरनेशनल पहलवान और पंजाब पुलिस के बर्खास्त DSP जगदीश भोला ने कहा कि पिंदी और सतप्रीत सत्ता कनाडा से बिक्रम मजीठिया की शादी अटैंड करने भारत आए। जगजीत चहल के अनुसार, सतप्रीत सत्ता जब भी कनाडा से भारत आता, वह बिक्रम मजीठिया की अमृतसर में ग्रीन एवेन्यू स्थित कोठी नंबर-43 में रहता। सतप्रीत सत्ता और कई अन्य NRI कनाडा से मजीठिया की शादी में आए थे। मजीठिया ने सतप्रीत सत्ता को एक गनमैन, ड्राइवर और कार उपलब्ध करवाई। सतप्रीत सत्ता बिक्रम मजीठिया को चंडीगढ़ के सेक्टर-39 में मिले सरकारी घर में भी रुकता था।

ED ने मनिंदर सिंह औलख उर्फ बिट्टू औलख के पिता प्रताप सिंह को बुलाया। उन्होंने भी कहा कि सतप्रीत सत्ता मजीठिया के घर पर रहता था। उनका बेटा बिट्टू, सतप्रीत सत्ता और मजीठिया इकट्‌ठे रहते थे। एक बार बिट्‌टू ने ही उन्हें बताया कि सतप्रीत सत्ता के मजीठिया से करीबी संबंध हैं।

ED ने मनिंदर सिंह औलख उर्फ बिट्टू औलख के बयान भी दर्ज किए। बिट्‌टू औलख ने कहा कि सतप्रीत सत्ता से उसकी पहचान मजीठिया ने ही करवाई थी। उसकी सतप्रीत सत्ता से पहली मुलाकात चंडीगढ़ के सेक्टर-36 के एक घर में हुई, जिसे मजीठिया ने किराए पर ले रखा था। परमिंदर पिंदी कनाडा से भारत मजीठिया की शादी अटैंड करने आया। वह जब भी अमृतसर में मजीठिया से मिलने जाता, सतप्रीत सत्ता वहां मौजूद होता। बिट्‌टू ने भी कहा कि सतप्रीत सत्ता जब भी भारत आता, मजीठिया के घर पर ही ठहरता।

बिट्टू औलख ने बताया कि मजीठिया सतप्रीत सत्ता को अपना बेस्ट फ्रेंड बताता था। सतप्रीत सत्ता मजीठिया के अमृतसर और चंडीगढ़ स्थित सरकारी घर में ठहरता। मजीठिया के साथ सभी समारोह में जाता। सत्ता ने मजीठिया के साथ अमृतसर खालसा कॉलेज में हुए सरकारी कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया। उस प्रोग्राम में कनाडा के MP टिप उप्पल भी शामिल हुए।

जब ED ने पूछा कि मजीठिया का सतप्रीत सत्ता से संपर्क कैसे हुआ तो बिट्‌टू औलख ने कहा कि वह 2003-04 में मिले थे। सतप्रीत सत्ता ने ही उसे बताया कि मजीठिया ने किराए पर मकान लिया है। बिट्‌टू की पत्नी जगमिंदर कौर ने भी कहा कि मजीठिया और सतप्रीत सत्ता एक साथ कई बार उसके पति से मिलने उनके घर आए।

मजीठिया से पूछताछ : इसके बाद इन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) ने बिक्रम मजीठिया को पूछताछ के लिए बुलाया। ED अफसरों ने मजीठिया से पूछा कि क्या वह सतप्रीत सत्ता को जानते हैं? उसका बिजनेस क्या है? उसका एड्रेस क्या है? वह उससे कब मिले? मजीठिया ने अपने जवाब में कहा कि पंजाबी कल्चर में सत्ता, सत्ती, सुक्खी, जग्गा, जग्गी बहुत कॉमन नाम हैं। इसी तरह सतप्रीत सत्ता नाम के भी कई लोग हो सकते हैं। इसके बाद मजीठिया ने ED को लिखित जवाब में बताया कि उसे सतप्रीत सिंह कनाडा के मंत्रियों और MP के साथ मिला था। सतप्रीत सिंह वहां न्याय, सेहत और उद्योग मंत्री एनन रॉक का स्पेशल असिस्टेंट था। वह कनाडा सरकार के डेलीगेशन के तौर पर भी आया। वह सतप्रीत सिंह को इतना ही जानते हैं।

बिट्‌टू औलख के बारे में मजीठिया ने कहा कि वह अमृतसर का प्रमुख व्यक्ति है और राजनीति में भी सक्रिय है। इस लिहाज से वह बिट्‌टू को जानते हैं।

जगजीत चहल के बारे में मजीठिया ने कहा कि वह अमृतसर का मशहूर बिजनेसमैन है और इंडस्ट्री फोरम पर जरूर मिला होगा। हालांकि उनका चहल के साथ कभी कोई व्यवसायिक लेन-देन नहीं हुआ। सतप्रीत सत्ता के घर पर ठहरने से जुड़े सवाल पर मजीठिया ने कहा, ‘हो सकता है कि वह कुछ समय मेरे साथ रहा हो, लेकिन मैं 10 साल से कनाडा नहीं गया। मेरी विदेश में किसी से कोई फाइनेंशियल डीलिंग नहीं है।’

बिट्‌टू औलख के चंडीगढ़ में सेक्टर-39 स्थित सरकारी रिहायश पर रुकने के दावे पर मजीठिया ने कहा कि वह वहां कभी नहीं रहे। मजीठिया ने परमिंदर पिंदी और अमरिंदर लाडी से जान-पहचान से इनकार कर दिया।

STF की फाइंडिंग :- बिक्रम मजीठिया के सतप्रीत सत्ता के साथ करीबी संबंध थे। सतप्रीत सत्ता को गाड़ी और गनमैन उपलब्ध करवाने पर मजीठिया ने कोई ठोस उत्तर नहीं दिया। मजीठिया ने माना है कि सतप्रीत सत्ता कुछ समय उनके साथ रहा। इससे इस बात पर भरोसा किया जा सकता है कि सतप्रीत सत्ता को सुविधाएं देने के साथ वह मजीठिया के चुनाव के दौरान भी उनके साथ रहा हो। सतप्रीत सत्ता मजीठिया के साथ कई समारोहों में भी गया। इसका मतलब है कि दोनों एक-दूसरे को अच्छी तरह जानते थे। मजीठिया ने बिट्‌टू औलख और जगजीत चहल से जान-पहचान की बात भी स्वीकार की।

  • 2. क्या सतप्रीत सिंह उर्फ सत्ता, मनिंदर सिंह औलख उर्फ बिट्टू औलख, परमिंदर सिंह उर्फ पिंदी, अमरिंदर सिंह उर्फ लाडी और जगजीत सिंह चहल ड्रग ट्रेड में शामिल हैं?

इस मामले में पूर्व इंटरनेशनल पहलवान और पंजाब पुलिस के बर्खास्त DSP जगदीश भोला ने कहा कि उसने 2014 में 400 किलो स्यूडोफेड्रिन अमरिंदर लाडी को बेची। बिट्‌टू औलख और जगजीत चहल ने भी अमरिंदर लाडी को स्यूडोफेड्रिन दी। अमरिंदर लाडी कनाडा में रहता है। भोला ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के बद्दी में MBP फार्मास्यूटिकल्स कंपनी चलाने वाले जगजीत चहल और बिट्‌टू औलख ने पिंदी, सत्ता और लाडी को कनाडा में स्यूडोफेड्रिन भेजी।

ED की पूछताछ में जगजीत चहल ने कहा कि कनाडा में रहने वाले सतप्रीत सत्ता, अमरिंदर लाडी और परमिंदर पिंदी उससे मिलने आए। उन्होंने कोई दवा बनाने के लिए कहा मगर उनकी कंपनी के स्टाफ ने कह दिया कि वो दवा बिना लाइसेंस नहीं बनाई जा सकती। चहल ने बताया कि वह तीन बार सत्ता, पिंदी, लाडी और औलख से मिला। ये लोग उसके पास स्यूडोफेड्रिन लेने आए थे। चहल के अनुसार, बिट्‌टू औलख ने ही उसे बताया कि मजीठिया चाहते हैं कि वह उनकी मदद करे।

  • 3. क्या मजीठिया ने सतप्रीत सत्ता और अन्य को स्यूडोफेड्रिन सप्लाई करने में कोई भूमिका निभाई?

पूर्व इंटरनेशनल पहलवान और पंजाब पुलिस के बर्खास्त DSP जगदीश भोला के अनुसार, बिट्‌टू औलख ने ही उसे बताया कि जगजीत चहल ने उसके कहने पर कनाडा में रहने वाले परमिंदर पिंदी और सतप्रीत सत्ता को स्यूडोफेड्रिन नहीं दी मगर पंजाब के मंत्री बिक्रम मजीठिया के कहने पर दे दी।

इसके बाद ED अफसरों ने चहल से पूछा कि क्या उसने मजीठिया के कहने पर परमिंदर पिंदी और सतप्रीत सत्ता को स्यूडोफेड्रिन दी थी? तो चहल ने कहा कि मजीठिया ने उसे कहा था मगर उसने स्यूडोफेड्रिन नहीं बेची क्योंकि उस वक्त उनकी कंपनी के पास इसका कोटा नहीं था।

इसके बाद ED अफसरों ने बिट्‌टू औलख से पूछा कि क्या मजीठिया ने उसे पिंदी और सत्ता को विदेश में ड्रग सप्लाई करने में मदद के लिए कहा था? तो औलख ने बताया कि मजीठिया ने उसे सत्ता की मदद करने के लिए कहा था। चाहे वह ड्रग से जुड़ा जो मर्जी बिजनेस करता हो।

ED अफसरों ने बिट्‌टू औलख से पूछा कि चहल पिंदी और सत्ता को स्यूडोफेड्रिन सप्लाई कर रहा था जिन्हें मजीठिया ने उससे मिलवाया। तो क्या पिंदी और सत्ता मजीठिया की इन्वॉल्वमेंट के साथ चहल से बिजनेस कर रहे थे? इस पर औलख ने कहा कि सतप्रीत सत्ता वर्ष 2007 से 2012 तक मजीठिया के घर पर रहा। उनकी बिजनेस डीलिंग के बारे में मजीठिया को पता था। हालांकि औलख ने किसी तरह के वित्तीय लेन-देन के बारे में जानकारी होने से इनकार किया।

मजीठिया ने क्या कहा : इस मामले में ED अफसरों ने पूछताछ के दौरान मजीठिया को जगदीश भोला के बयान की फोटोकॉपी दिखाई। इस बयान में कहा गया कि चहल ने पिंदी को कनाडा में स्यूडोफेड्रिन भिजवाई थी और इसमें हुए 1.5 करोड़ रुपए के विवाद को उन्होंने (मजीठिया ने) ही सेटल करवाया था। इस पर बिक्रम मजीठिया ने कहा कि उनका इनमें से किसी के साथ कोई लेन-देन नहीं है।

मजीठिया से ED अफसरों ने पूछा कि क्या उन्होंने बिट्‌टू औलख और जगजीत चहल से कहा था कि वह परमिंदर पिंदी को स्यूडोफेड्रिन सप्लाई करें या फिर 1.5 करोड़ रुपया वापस लौटाएं? क्या वह पिंदी-सत्ता और चहल-औलख के बीच ऐसे किसी विवाद से वाकिफ थे? इस पर मजीठिया ने कहा कि उन्होंने न तो कोई विवाद सेटल कराया और न ही उन्हें ऐसे किसी विवाद की कोई जानकारी है।

STF की फाइंडिंग : इस मामले में STF ने बिट्टू औलख के बयान पर माना कि पिंदी और सत्ता स्यूडोफेड्रिन की स्मगलिंग में इनवॉल्व थे। मजीठिया ने ही पिंदी और सत्ता को स्यूडोफेड्रिन सप्लाई करने में भूमिका निभाई। मजीठिया ने सीधे और बिट्‌टू औलख के जरिए सप्लाई के लिए कहा। हालांकि मजीठिया ने इन आरोपों को गलत करार दिया था।

  • 4. क्या ड्रग केस में जिन लोगों के नाम सामने आए, उनके और मजीठिया के बीच पैसों का कोई लेन-देन हुआ?

जगजीत चहल से सवाल किया गया कि मजीठिया और बिट्‌टू में क्या बिजनेस रिलेशन हैं? वह अपना इन्वेस्टमेंट कहां करते हैं? इस पर चहल ने कहा कि औलख, मजीठिया और MLA अजनाला एक साथ रेत माइनिंग का काम करते हैं। हालांकि उसने प्रॉपर्टी के बारे में जानकारी होने से इनकार कर दिया। सतप्रीत सत्ता और परमिंदर पिंदी से फंड लेने संबंधी सवाल पर चहल ने कहा कि मजीठिया कनाडा में रहने वाले लोगों से फंड लेते थे।

चहल ने बताया कि उसने भी मजीठिया को वर्ष 2007-2012 के दौरान चुनाव के लिए 35 लाख रुपए दिए। यह रुपए उसने मजीठिया के अमृतसर स्थित घर पर 7-8 किश्तों में दिए। वह मजीठिया के पीए करतार सिंह को फोन करके मुलाकात का समय लेता था। उसने मजीठिया की प्रॉपर्टी के रूप में अमृतसर के ग्रीन एवेन्यू स्थित मकान नंबर 43 और वर्ष 2010 में शिमला से 5-6 किमी दूर न्यू ओबरॉय रिजॉर्ट के नजदीक 2 कनाल के घर का एड्रेस बताया।

इसी मामले में बिट्‌टू औलख ने कहा कि मजीठिया यूपी में डिस्टलरी चलाते हैं। गोरखपुर में उनकी एग्रीकल्चर लैंड हैं। वह पंजाब में रेत माइनिंग में भी इनवॉल्व है। मजीठिया के भरोसे का आदमी मुक्तसर का कंवरजीत सिंह रोजी बरकंदी है। बिट्‌टू औलख ने सतप्रीत सत्ता की भी पहचान की और बताया कि सत्ता-पिंदी और चहल के बीच स्यूडोफेड्रिन वाली ड्रग सप्लाई को लेकर विवाद हुआ। यह विवाद मजीठिया के कहने के बाद सेटल हो गया।

हालांकि मजीठिया ने ED अफसरों की पूछताछ के दौरान सतप्रीत सत्ता, बिट्‌टू औलख और जगजीत चहल से किसी तरह का फंड लेने से इनकार किया। ईडी ने मजीठिया से 2007 के बाद उनके द्वारा इस्तेमाल किए गए वाहनों के बारे में पूछा तो मजीठिया ने कहा कि उनके नाम पर सिर्फ मोटरसाइकिल है। इसके अलावा वह सरकारी और दोस्तों-रिश्तेदारों के वाहन इस्तेमाल करते थे। इस मामले में ED ने मजीठिया से दोबारा पूछताछ की जरूरत बताई थी। इसमें कहा गया कि मजीठिया को क्लीन चिट नहीं दी गई।

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STF की फाइंडिंग : इस मामले में STF अधिकारियों ने कहा कि चहल ने ED के सामने मजीठिया को 35 लाख रुपए देने की बात कही। मजीठिया कनाडा से भी फंड लेता रहा। हालांकि मजीठिया ने इससे इनकार किया।

STF अफसरों के अनुसार, मजीठिया के चहल और दूसरे लोगों से वित्तीय लेन-देन की जांच की जरूरत है। इस फंड से अगर कोई प्रॉपर्टी बनाई गई है तो उसकी भी जांच होनी चाहिए। मजीठिया पर रेत माइनिंग के भी आरोप लगे हालांकि इस मामले में मजीठिया से पूछताछ नहीं हुई। पंजाब सरकार में मंत्री रहते हुए मजीठिया के रेत माइनिंग में शामिल होने की जांच होनी चाहिए।

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