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वैक्सीन विवाद:पुरी ने कहा फैसला वापस लेना यानी पंजाब सरकार ने बड़ी गलती की है

चंडीगढ़10 दिन पहले
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केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी - Dainik Bhaskar
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी
  • डोज बेचने पर पंजाब से दिल्ली तक सियासत गरम
  • केंद्रीय मंत्री बोले- राहुल पूछते हैं हमारे बच्चों की वैक्सीन कहां है, राजस्थान ने कूड़े में फेंकी, पंजाब ने निजी अस्पतालों को बेची
  • कहा- पंजाब सरकार ने निजी अस्पतालों को टीका बेच करोड़ों रुपए कमाए

पंजाब सरकार द्वारा निजी अस्पतालों को वैक्सीन बेचने के मामले में दिल्ली तक सियासत गर्मा गई है। शनिवार को केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पंजाब सरकार का आनन-फानन वैक्सीन बेचने का अपना फैसला वापस लेना यह साबित करता है कि बड़ी गलती तो हुई है।

उन्होंने कहा, पंजाब सरकार ने निजी अस्पतालों को टीका बेचकर करोड़ाें रुपए मुनाफा कमाया है। पुरी ने कहा, राहुल गांधी हमसे पूछते हैं कि हमारे बच्चों की वैक्सीन कहां है? जवाब यह है- राजस्थान में कांग्रेस की गहलोत सरकार ने कूड़े में फेंक दी और पंजाब में कैप्टन सरकार ने प्राइवेट अस्पतालों को बेच दी।

मोहाली में मैक्स और फोर्टिस अस्पताल ने एक आदमी को वैक्सीन लगाने के 3200 रुपए तक वसूले। मामला सार्वजनिक होने पर सरकार ने फजीहत से बचने के लिए अपना फैसला वापस ले लिया। वहीं, शिअद और आप ने सेहत मंत्री बलबीर सिद्धू का इस्तीफा मांगा है।

गवर्नर से मिलेगा शिअद, सिद्धू के घर के बाहर धरना कल

मुनाफाखोरी का आरोप लगाते हुए शिअद प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने सरकार की बर्खास्तगी की मांग की है। उन्होंने कहा कि वह जल्द राज्यपाल वीपी सिंह बदनौर से मुलाकात कर कैप्टन सरकार को बर्खास्त करने की मांग करेंगे।

सुखबीर ने कहा, सरकार मामले की सीबीआई जांच करवाए। शिअद 7 जून को सेहत मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू के आवास के बाहर दो घंटे तक धरना देगा। पार्टी प्रवक्ता डाॅ. दलजीत सिंह चीमा ने कहा, सरकार ने 80 हजार डोज निजी अस्पतालों को बेचकर कमाई की है।

चीमा बोले- बड़ा घोटाला न होता तो आनन फानन में आदेश वापस नहीं लेती सरकार

पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता आप विधायक हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पंजाब कोरोना की महामारी से जूझ रहा है। लोग कोरोना से मर रहे हैं और गांवों में हालत सबसे ज्यादा खराब है। इसके बावजूद सरकार के एजेंडे में मुनाफाखोरी सबसे ऊपर है। कैप्टन सेहत मंत्री बलबीर सिद्धू का तुरंत इस्तीफा लें। अगर सिद्धू इस्तीफा नहीं देते तो कैप्टन उनको बर्खास्त करने के अलावा उन अफसरों पर भी आपराधिक केस दर्ज करवाएं जो प्राइवेट अस्पतालों को वैक्सीन बेचने की प्रक्रिया में शामिल थे। चीमा ने कहा कि घोटाला न होता तो इस संबंधी आदेश आनन-फानन में वापस न लिया जाता। चीमा ने आरोप लगाया कि कैप्टन सरकार ने 1 लाख 40 हजार डोज प्राइवेट अस्पतालों को बेचकर करोड़ों रुपए हाईकमान तक पहुंचाए।

सेहत मंत्री बोले- मेरी नहीं, अधिकारियों की थी जिम्मेदारी

विपक्ष द्वारा इस्तीफा मांगने पर सेहत मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने कहा कि वैक्सीन खरीद और इसको जिलों में बांटने की जिम्मेदारी मेरे विभाग की नहीं है। यह जिम्मेदारी अधिकारियों की थी। अब मेरी निगरानी में जांच होगी। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इधर, सिद्धू की वापसी से पहले ही विरोध बढ़ा

पंजाब कांग्रेस में कलह बरकरार है। नवजोत सिंह सिद्धू को सरकार या पार्टी में बड़ी जिम्मेदारी मिलने से पहले ही कैप्टन समर्थक नेता उनका विरोध करने लगे हैं। इनका कहना है कि सरकार का खुलेआम विरोध करने वाले नेता को बड़ी जिम्मेदारी का इनाम कैसे दिया जा सकता है?

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