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कांग्रेस प्रधान पद से हटाए गए जाखड़ का छलका दर्द:सिद्धू की ताजपोशी में सबको खरी-खरी सुनाई, पूर्व पीएम मनमोहन सिंह का उदाहरण देकर बोले-इतिहास बताएगा किसका काम कैसा रहा

चंडीगढ़3 महीने पहलेलेखक: आरती एम अग्निहोत्री
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चंडीगढ़ स्थित पंजाब कांग्रेस भवन में शुक्रवार को नवजोत सिद्धू की कांग्रेस प्रधान पद पर ताजपोशी के दौरान स्टेज से पार्टी के कई बड़े नेताओं ने अपनी बात रखीं लेकिन इनमें सबसे अलग और सबसे दमदार स्पीच रही सुनील जाखड़ की। जाखड़ को ही प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के पद से हटाकर नवजोत सिद्धू को प्रधान बनाया गया है। स्टेज से लगभग 25 मिनट की अपनी स्पीच में जाखड़ ने दमदार अंदाज में कभी पार्टी नेताओं का नाम लेकर तो कभी इशारों-इशारों में सबको खरी-खरी सुना डाली। जाखड़ ने प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर निशाना साधते हुए वो सब कह डाला, जो एक कांग्रेसी के तौर पर वह महसूस करते रहे हैं। अंत में जाखड़ ने सबको यह भी याद दिलाया कि 2024 (अगले लोकसभा चुनाव 2024 में ही हैं) का रास्ता पंजाब से जाता है और पंजाब कांग्रेस का रास्ता कोटकपूरा और बहबलकलां से आता है।

पंजाब कांग्रेस प्रधान रहते हुए सुनील जाखड़ पर कैप्टन अमरिंदर सिंह के प्रभाव में रहकर संगठन के लिए काम न करने के आरोप लगते रहे हैं। अपनी स्पीच में जाखड़ अप्रत्यक्ष रूप से इसका जिक्र करना नहीं भूले। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का जिक्र करते हुए जाखड़ बोले- प्रधानमंत्री रहते हुए मनमोहन सिंह ने एक बार कहा था कि आज की तुलना में इतिहास उनके प्रति दयालु होगा। मेरा भी यही मानना है। इतिहास ही बताएगा कि किसका काम कैसा रहा।

नाराज नेताओं को लेकर बोले- ये क्या कांग्रेस के फूफड़ है जिन्हें बार-बार मनाया जाए?

अपनी स्पीच में पंजाब के कैबिनेट मंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को संबोधन करते हुए जाखड़ बोले- सबको मालूम है कि अपनी पार्टी के ही कुछ गद्दार पिछले दिनों अमित शाह और अरविंद केजरीवाल से मिले थे। ये लोग सोच रहे थे कि जब भी सही समय मिलेगा, छलांग लगा देंगे।जाखड़ ने कहा, रांधावा जी, चन्नी जी और लाल सिंह जी मेरी बात ध्यान से सुनना और बुरा मत मानना। हमारी कांग्रेस पार्टी की रिवायत बन गई है कि मंत्री विधायक नाराज होते हैं,उन्हें मनाने जाना पड़ता है वो फिर नाराज होते हैं उन्हें फिर मनाया जाता है। ये क्या कांग्रेस के फूफड़ है जिन्हें बार-बार मनाया जाए।

पीपीसीसी के निवर्तमान प्रधान सुनील जाखड़ जब भाषण खत्म करके अपनी कुर्सी की तरफ बढ़े तो सीएम से लेकर नवजोत सिद्धू तक ने तालियां बजाई।
पीपीसीसी के निवर्तमान प्रधान सुनील जाखड़ जब भाषण खत्म करके अपनी कुर्सी की तरफ बढ़े तो सीएम से लेकर नवजोत सिद्धू तक ने तालियां बजाई।

आंखों में सुरमा तो हर कोई पहन लेता है पर हमें टमकाना नहीं आया
इससे पहले माइक संभालते ही जाखड़ ने पंजाब की विपक्षी पार्टियों पर तंज कसते हुए कहा- खबर थी गर्म कि आज उड़ेंगे गालिब के पुरजे, हम भी पहुंचे थे पर तमाशा न हुआ। उन्होंने कहा कि सियासी दल यह सोच-सोचकर खुश हो रहे थे कि आज कांग्रेस में खलेरा पड़ेगा मगर यहां का माहौल और तस्वीर उनके लिए तमाचा है। विरोधियों पर तंज कसते हुए जाखड़ बोले- जंज बारात चढ़ी है गवांडिया पड़ोसी वे तेरी, लोकी वेंदे मैनुं आणके।

CM कैप्टन अमरिंदर सिंह से अपने रिश्तों का जिक्र करते हुए जाखड़ ने कहा-‘मैंने कैप्टन के साथ 20 साल काम किया है। CM और मेरा रिश्ता बहुत गहरा है। कैप्टन मेरे और मैं उनके काम से बहुत प्रभावित हूं। मैं यारी भी दिल से निभाता हूं और दुश्मनी भी। कैप्टन से दिल से यारी निभाई है और कुछ के साथ दुश्मनी भी दिल से निभाई है।’

जाखड़ ने उन लोगों को भी निशाने पर लिया जो कैप्टन अमरिंदर सिंह पर साढ़े 4 साल में काम नहीं करने के आरोप लगाते रहे हैं। गौर करने वाली बात है कि ऐसे आरोप लगाने वालों में कई कांग्रेसी नेता व एमएलए भी शामिल रहे हैं। जाखड़ ने ऐसे ही लोगों को निशाने पर लेते हुए कहा-‘अकालियों को 10 साल लगे बुढ़ापा पेंशन को 250 रुपए प्रतिमाह से 500 रुपए प्रतिमाह करने में जबकि हमने 500 रुपए से 1500 रुपए प्रतिमाह कर दी। आशीर्वाद स्कीम के तहत मिलने वाली रकम को 21 हजार से बढ़ाकर 51 हजार किया। 46 लाख परिवारों को 5 लाख का बीमा दिया। इसके बावजूद किसी ने श्रेय नहीं दिया।’ जाखड़ ने कैप्टन सरकार की आलोचना करने वालों पर तंज कसते हुए कहा- ‘आंखों में सुरमा तो हर कोई पहन लेता है पर हमें टमकाना नहीं आया।’

हाईकमान ने हमें सिद्धू के रूप में कमांडर और कैप्टन के रूप में कमांडर-इन-चीफ दिए
स्टेज पर पहली कतार में बैठे नवनियुक्त प्रदेश कांग्रेस प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू की तरफ इशारा करते हुए जाखड़ ने कहा कि इंसान की परख एक बार होती है, बार-बार नहीं। वह बोले-‘सिद्धू मेरी बात ध्यान से सुनना। हाईकमान ने तुम्हें ये जिम्मेदारी बहुत सोच-समझ कर दी है। विधानसभा चुनाव आने वाले हैं। जो लोग अब तक सुनील जाखड़ में पंजाब प्रधान देखते थे, वो आज से सिद्धू में देखेंगे जिसकी मुझे खुशी है। सिद्धू आज यह पद तुम्हें दिया गया है। इस पर पूरी ईमानदारी से अपना काम करना। दो महीने से कांग्रेस में बवंडर मचा हुआ है। आज हमें इकट्ठे होने का मौका मिला है और हम अब मिलकर पंजाब के लिए काम करेंगे।’ जाखड़ ने पार्टी हाईकमान का धन्यवाद करते हुए कहा- हाईकमान ने हमें सिद्धू के रूप में कमांडर और कैप्टन के रूप में कमांडर-इन-चीफ दिए।

मुझे विश्वास है कि बेअदबी करने वालों को उनकी औकात दिखाएंगे
बेअदबी और बहबलकलां मामले में जाखड़ ने अकालियों को जमकर सुनाई। वह बोले- अकालियों को रेड कारपेट मार गया और कांग्रेस को ब्यूरोक्रेसी। अकाली खुद गुरुग्रंथ साहिब की बेअदबी कर सारा भार कांग्रेस पर डालकर चले गए और अब भंगड़ा डाल रहे हैं। CM की तरफ देखते हुए जाखड़ ने कहा- साहब भंगड़ा डालने वालों की नाक में नकेल डालो।
अकालियों को चेतावनी देते हुए जाखड़ ने कहा कि हमारे पास अभी छह महीने है। हमारे रास्ते में जितनी भी अड़चनें डाली गई मगर हम सबको दिखा देंगे और मुझे विश्वास है कि बेअदबी करने वालों को उनकी औकात दिखाई जाएगी।

किसान आंदोलन का जिक्र करते हुए सुनील जाखड़ ने कहा - हमने किसानों को संभालकर दिल्ली भेजा। अगर किसान दिल्ली नहीं जाते तो आज सूबे में हमारे खिलाफ प्रदर्शन कर रहे होते। इसलिए मैं कहता हूं कि 2024 में दिल्ली तक पहुंचने का रास्ता पंजाब से होकर जाता है और पंजाब कांग्रेस का 2022 का रास्ता कोटकपूरा और बहबल कलां से आता है।