ट्रांसफर नीति में बड़ा बदलाव / महामारी से निपटने के लिए बनाया जाएगा अलग विंग, ड्राफ्ट पहले ही हो चुका है तैयार

Separate wing will be made to deal with epidemic, draft has already been prepared
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Separate wing will be made to deal with epidemic, draft has already been prepared

  • स्वास्थ्य विभाग की ट्रांसफर पाॅलिसी में बडा बदलाव करने की तैयारी
  • कोविड-19 से निपटने वाले डॉक्टर्स व फोर्थ क्लास कर्मी विंग में होंगे शामिल

दैनिक भास्कर

May 24, 2020, 06:46 AM IST

चंडीगढ़. (रोहित रोहिला) स्वास्थ्य विभाग कोविड से निपटने के लिए बनाई नीति के बाद अपनी ट्रांसफर नीति में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। ट्रांसफर पाॅलिसी में बदलाव को लेकर विभाग के अधिकारियों की मंत्री के साथ दो बार मीटिंग भी हो चुकी है। जिसके बाद विभाग के अधिकारियों ने इस नई ट्रांसफर पाॅलिसी का ड्राफ्ट तैयार करना शुरू कर दिया है। 
इस पाॅलिसी के तहत कोविड ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों को तबादलों में प्राथमिकता दी जाएगी और इनके बार-बार तबादले भी नहीं होंगे। सरकार जब भी तबादले करेगी तो इस बात का ध्यान रखेगी कि तबादला किए जाने वाले कर्मचारियों में कोविड ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों के नाम तो शामिल नहीं है। इन कर्मचारियों का अब अलग से रिकाॅर्ड रखा जाएगा। इसके साथ ही ऐसा पहली बार ऐसा होगा जब सूबे में किसी भी महामारी से निपटने के लिए विशेष विंग बनाया जाएगा।

इसमें मौजूदा समय में कोविड की ड्यूटी करने वाले डॉक्टरों से लेकर फोर्थ क्लास कर्मचारियों को शामिल किया जाएगा। जिसे जिला स्तर से लेकर तहसील स्तर तक तैनात किया जाएगा। ताकि भविष्य में इस प्रकार की कोई भी महामारी आती है तो विभाग के यह माहिर तुंरत एक्शन लेते हुए अपना काम शुरू कर देंगे। क्योंकि कोविड ड्यूटी करने के लिए विभाग की ओर से कर्मचारियों को इसका प्रशिक्षण भी दिया गया है।

अधिकारियों द्वारा इस पाॅलिसी का ड्राफ्ट तैयार होने के बाद विभाग के मंत्री से इसे डिस्कस करने के बाद लागू कर दिया जाएगा। इस पाॅलिसी को बनाते समय दो अहम बातों का विशेष तौर पर ध्यान रखा ज रहा है। जिसमें इस बात का ध्यान रखा जाएगा कि किन कर्मचारियों ने फ्रंट लाइन पर कोविड की ड्यूटी की थी और कौन से अधिकारी एवं कर्मचारी सामान्य डयूटी कर रहे थे।

 विभाग पालिसी में बदलाव करने को लेकर माहिरों की एक टीम का गठन किया है। जिसमें सूबे के कई नामी डॉक्टर शामिल है। यह डॉक्टर अधिकारियों को ट्रांसफर पालिसी बनाने को लेकर अपनी राय देंगे और कोविड वारियर्स को लेकर पालिसी में अलग से व्यवस्था करने को लेकर भी अपने सुझाव देंगे।

कम से कम दो साल तक नहीं छेड़ा जाएगा विंग में शामिल कर्मचारियों की मौजूदा पोस्टिंग को 

विभाग के अधिकारी इस बात का भी ध्यान रख रहे हैं कि महामारी से निपटने के लिए बनाए जाने वाले विंग में शामिल कोई कर्मचारी या अधिकारी अपना तबादला खुद करवाना चाहता है तो करवा सकता है, लेकिन विभाग द्वारा यह भी तय किया जा रहा है कि एक बार करोनावारियर्स की तैनाती होने के बाद कम से कम दो साल तक उस कर्मचारी या अधिकारी को मौजूदा पोस्टिंग से छेड़ा नहीं जाएगा। इसमें क्लास वन से लेकर फोर्थ क्लास तक के अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल होंगे।
सूबे में हैं 15 हजार से अधिक मेडिकल एवं पैरा मेडिकल स्टाफ
सूबे में सरकारी अस्पतालों,डिस्पेंसरियों ,सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में 15 हजार से अधिक मेडिकल एवं पेरा मेडिकल स्टाफ है। मौजूदा समय में  विभाग में मेडिकल एवं पेरा मेडिकल स्टाफ के अलावा 379 सीनियर मेडिकल अफसर,3 हजार 142 मेडिकल अफसर,285 डेंटल डॉक्टर, 2 हजार 975 फार्मासिस्ट, 2 हजार 506 स्टाफ नर्स,795 महिला हेल्थ विजिटर्स,3 हजार 631 सहायक नर्स,178 रेडियोग्राफर,200 नेत्र रोग विशेषज्ञ एवं 1 हजार 55 लैबोट्ररी टेक्नीशियन है।

भविष्य की तैयारी कर रहा है विभाग: सिद्धू

विभाग द्वारा ट्रांसफर पालिसी में कुछ बदलाव किए जा रहे है। जिसमें करोना की ड्यूटी कर रहे डॉक्टरों एवं अन्य स्टाफ की एक अलग विंग बनाया जाएगा। ताकि भविष्य में अगर ऐसी कोई भी महामारी आती है तो इनको तुंरत काम पर लगा कर महामारी पर काबू पाने का काम शुरू किया जा सकें। -बलबीर सिंह सिद्धू हेल्थ मिनिस्टर, पंजाब

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