पंजाब यूनिवर्सिटी / एसएफएस ने उठाया पूरा सिलेबस इंटरनल टेस्ट में देने का मसला

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  • कहा-यूआईईटी में जो पढ़ाया ही नहीं, उसमें से इंटरनल टेस्ट में पूछ लिया
  • इंटरनल एग्जाम में सिर्फ 20 मार्च तक पढ़ाया गया सिलेबस ही पूछा जाए
  • एसएफएस ने लैपटॉप की बजाय मोबाइल पर ही पेपर देने की मांग की

दैनिक भास्कर

May 24, 2020, 05:00 AM IST

चंडीगढ़. पंजाब यूनिवर्सिटी के इंटरनल टेस्ट के दौरान पूरे सिलेबस में से पेपर देने, 3 घंटे का पेपर लेने और आउट ऑफ सिलेबस पेपर पूछे जाने को लेकर स्टूडेंट्स फॉर सोसायटी (एसएफएस) ने वाइस चांसलर और डीन ऑफ यूनिवर्सिटी इंस्ट्रक्शन (डीयूआई) को ईमेल किया है। 
  उन्होंने डिमांड की है कि इंटरनल एग्जाम में सिर्फ 20 मार्च तक पढ़ाया गया सिलेबस पूछा जाए और पेपर इस तरह से लिए जाएं कि स्टूडेंट्स को लैपटॉप की जरूरत ना पड़े और वह मोबाइल पर ही पेपर दे सकें। बहुत से स्टूडेंट्स के पास कनेक्टिविटी की दिक्कत है और कईयों के पास लैपटॉप भी नहीं है। एसएफएस की प्रवक्ता हसन प्रीत ने बताया कि यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में कुछ सॉफ्टवेयर है जो स्टूडेंट्स यहीं पर रहकर पढ़ते और यूज़ करते हैं। लॉक डाउन के कारण यह सॉफ्टवेयर पढ़ाए ही नहीं गए लेकिन टेस्ट में इनको डाल दिया गया। 
 सभी स्टूडेंट्स के लिए इनको अपने लिए खरीदना संभव नहीं है। इसके अलावा इसी तरह की समस्याएं अलग-अलग डिपार्टमेंट में भी आ रही हैं। एक डिपार्टमेंट ने एग्जाम तो छोटे से समय का लिया लेकिन असाइनमेंट के लिए बहुत कम समय दिया है और असाइनमेंट पूरे सिलेबस पर आधारित है। इस पूरे मामले पर डीयूआई प्रो. आरके सिंगला ने कहा कि जो भी डिसीजन होगा वह स्टूडेंट्स की भलाई में ही होगा। यह मसला उनकी जानकारी में है और इस पर डिस्कशन चल रहा है।

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