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मेयर चुनाव-चंद्रवती शुक्ला को झटका:सेक्रेटरी ने नामांकन किया खारिज; पति पप्पू शुक्ला बोले-सत्तापक्ष ने जानबूझकर खारिज कराया

चंडीगढ़2 महीने पहले
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मालूम हो कि सोमवार को जब भाजपा ने मेयर,सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के उम्मीदवार घोषित किए थे तो चंद्रवती शुक्ला ने नाराजगी जाहिर करते हुए निर्दलीय तौर पर नामांकन भर दिया था। तब से चंद्रवती शुक्ला को भाजपा नेताओं की ओर से मनाया भी जा रहा था। - Dainik Bhaskar
मालूम हो कि सोमवार को जब भाजपा ने मेयर,सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के उम्मीदवार घोषित किए थे तो चंद्रवती शुक्ला ने नाराजगी जाहिर करते हुए निर्दलीय तौर पर नामांकन भर दिया था। तब से चंद्रवती शुक्ला को भाजपा नेताओं की ओर से मनाया भी जा रहा था।
  • नियमों के अनुसार एक से ज्यादा उम्मीदवार को नहीं कर सकता कोई पार्षद प्रपोज

भाजपा से बगावत करके निर्दलीय तौर पर मेयर पद का नामांकन भरने वाली चंद्रवती शुक्ला को झटका लगा है। नगर निगम सेक्रेटरी अनिल गर्ग ने उनका नामांकन खारिज कर दिया है। बता दें कि कांग्रेस के मेयर पद के उम्मीदवार दविंदर सिंह बबला का नामांकन प्रपोज करने के बाद कांग्रेसी पार्षद सतीश कैंथ ने चंद्रवती शुक्ला का नामांकन भी प्रपोज किया था। नियमों के मुताबिक एक पार्षद एक से अधिक नामांकन को प्रपोज नहीं कर सकता और इसलिए ही चंद्रवती शुक्ला का नामांकन खारिज कर दिया गया है।

सोमवार को भाजपा ने मेयर,सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के उम्मीदवार घोषित किए थे। इस बीच नाराजगी जाहिर करते हुए चंद्रवती शुक्ला ने बागी होकर निर्दलीय तौर पर अपना नामांकन भर दिया था। इसके बाद से ही शुक्ला को भाजपा नेता मनाने की कोशिश भी कर रहे थे। चंद्रवती शुक्ला के नामांकन भरने के बाद कांग्रेस पार्टी ने इस मामले को पूरी तरह से भुनाते हुए उन्हें समर्थन देने का दावा किया था। इसलिए अब चंद्रवती शुक्ला का नामांकन खारिज होने से कांग्रेस की रणनीति पर भी पानी फिर गया है।

दो नामांकन भरे थे बबला ने

बबला ने भी दो नामांकन भरे थे। ऐसे में कैंथ की ओर से उनका प्रपोज किया गया एक नामांकन भी खारिज कर दिया गया है। वहीं दूसरा नामांकन मंजूर किया है। वहीं चंद्रवती शुक्ला के पति पप्पू शुक्ला ने कहा है कि सत्ता पक्ष की ओर से यह नामांकन जानबूझकर खारिज किया गया है। उन्हें पता था कि चंद्रवती शुक्ला मेयर पद का चुनाव जीत जाएगी। इस बीच शुक्ला ने यह दावा भी किया है कि उनके पास 14 पार्षदों का समर्थन था।

सोमवार को भरे गए थे नामांकन

सोमवार को जब नामांकन भरे गए तो इस दौरान चंद्रवती शुक्ला के अलावा पार्षद भरत कुमार भी भाजपा के खिलाफ हो गए थे। भाजपा के उम्मीदवारों की घोषणा के बाद भरत कुमार ने अपने सभी पदों से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी थी। अभी भी भाजपा नेता पार्षद भरत कुमार को मनाने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन वह मानने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि अब वह भाजपा के पार्षद नहीं हैं, वह सिर्फ अपने एरिया के पार्षद हैं। सोमवार को उन्होंने कहा था कि जो भी पार्टी से गद्दारी करता है उन्हें ही पद दिया जाता है।

भाजपा में क्रॉस वोटिंग हो सकती थी

शुक्ला का नामांकन खारिज होने से भाजपा को राहत मिली है। क्योंकि, उनके मैदान में होने से भाजपा में क्रॉस वोटिंग की संभावना थी। नामांकन के दस्तावेज को चेक करने के लिए रिटर्निंग अधिकारी ने सभी दलों के उम्मीदवारों को बुलाया हुआ था। इस मौके पर भाजपा के मेयर पद के उम्मीदवार रविकांत शर्मा भी मौजूद थे। उन्होंने भी चंद्रवती शुक्ला के नामांकन पर आपत्ति जाहिर की थी।

भाजपा ने किया सत्ता का दुरुपयोग-बबला

चंद्रवती का नामांकन रद्द होने पर पार्षद और कांग्रेस से मेयर पद के उम्मीदवार दविंदर सिंह बबला ने कहा है कि भाजपा ने आज फिर अपनी सता का दुरुपयोग किया और अफसर शाही पर अपना दबाव बना कर चंद्रवती शुक्ला के मेयर के कागज रद्द करवाए । पहले अफसरों पर दबाव डालकर नगर निगम के सभी वार्डों में हेरफेर की। वह बोले, चंडीगढ़ में लोकतंत्र नाम की कोई बात ही नहीं रह गई है। आगामी नगर निगम चंडीगढ़ के चुनाव मे चंडीगढ़ के दुखी हुए लोग भाजपा को बुरी तरह से हराएंगे।

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